बीजेपी संसदीय दल की बैठक में पीएम मोदी ने अपने सांसदों को दी ये सीख

प्रधानमंत्री मोदी ने कहा कि भीमराव अंबेडकर को जितना मान-सम्मान हमने दिया पहले किसी ने नहीं दिया है. यूएन में अंबेडकर जयंती मनाना सिर्फ़ हमारी वजह से ही संभव हुआ है

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पीएम मोदी (फाइल फोटो) पीएम मोदी (फाइल फोटो)

हिमांशु मिश्रा / सना जैदी

  • नई दिल्ली,
  • 06 अप्रैल 2018,
  • अपडेटेड 6:36 PM IST

बीजेपी संसदीय दल की बैठक में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने सभी सांसदों को बीजेपी स्थापना दिवस की शुभकामनाएं दीं. प्रधानमंत्री मोदी ने शुक्रवार को बीजेपी संसदीय दल की बैठक को संबोधित करते हुए कहा कि आज भारतीय जनता पार्टी दुनिया की सबसे बड़ी पार्टी बन चुकी है.

पीएम मोदी ने कहा कि भारतीय जनता पार्टी जनता को जोड़ने की राजनीति कर रही है और विपक्ष तोड़ने की राजनीति कर रहा है. पीएम ने ये भी कहा कि इंडियन पार्लियामेंट्री सिस्टम निम्न स्तर पर चला गया है. विपक्ष के पास मुद्दे नहीं हैं. पीएम मोदी ने कहा कि कांग्रेस और अन्य विपक्षी पार्टियों के द्वारा  लोकतंत्र का गला घोंट दिया गया.

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प्रधानमंत्री कि भीमराव अंबेडकर को जितना मान-सम्मान हमने दिया पहले किसी ने नहीं दिया है. यूएन में अंबेडकर जयंती मनाना सिर्फ़ हमारी वजह से ही संभव हुआ है. प्रधानमंत्री मोदी ने विपक्ष पर विभाजनकारी राजनीति करने का आरोप लगाया और संसद में गतिरोध के लिये कांग्रेस को जिम्मेदार ठहराया. मोदी ने घोषणा की कि भाजपा सांसद इसके विरोध में 12 अप्रैल को देशभर में अनशन करेंगे.

पीएम मोदी की अपने सांसदों को दी सीख

11 अप्रैल को महात्मा फुले के जन्मदिन पर समता दिवस मनाएं.

14 अप्रैल को अंबेडकर जयंती को सभी लोकसभा क्षेत्रों में मनाएं.

ग्राम स्वराज अभियान के अंदर सभी सांसदों को यात्रा निकालनी है. यात्रा को हर गांव तक लेकर जाना है.

2000 से ज़्यादा आबादी जहां है, वहां सभी सांसदों को नाइट स्टे करना ज़रूरी है.

सभी मंत्री अपने-अपने लोकसभा क्षेत्रों के अलावा जहां भी पार्टी ड्यूटी लगाएगी वहां 2 दिन नाइट स्टे करना है.

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आप सब लोगों ऐसे गांव में नाइट स्टे करना है जहां 50 प्रतिशत दलित आबादी हो.

बीजेपी संसदीय दल की बैठक के बाद संसदीय कार्य मंत्री अनंत कुमार ने कहा कि बैठक में ने कहा कि बीजेपी समावेशी राजनीति कर रही है, जबकि विपक्ष विभाजनकारी एवं नकारात्मक राजनीति कर रहा है क्योंकि वह हमारी पार्टी के उत्थान से हताश हो गया है.

दलितों के विरोध प्रदर्शन के मुद्दे पर विपक्षी दलों द्वारा सरकार को घेरने के प्रयासों के बीच कि बीजेपी सांसद और अन्य नेता 14 अप्रैल से 5 मई के बीच 20,844 ऐसे गांवों में रात गुजारेंगे जहां अनुसूचित जाति और जनजाति समुदाय की आबादी 50 प्रतिशत से अधिक है.

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