PAK में सर्जिकल स्ट्राइक पर बांग्लादेश हमारे साथ, कहा- भारत को जवाब देने का हक

आतंक के खिलाफ भारत के इस कदम का बांग्लादेश ने समर्थन किया है. बांग्लादेश ने कहा कि अगर भारत की संप्रभुता पर कोई हमला होता है और उसके खिलाफ भारत कार्रवाई करता है तो ये उसका हक है.

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भारत ने 30 देशों को आतंक के खिलाफ हुई कार्रवाई की जानकारी दी भारत ने 30 देशों को आतंक के खिलाफ हुई कार्रवाई की जानकारी दी

अमित कुमार दुबे

  • नई दिल्ली,
  • 29 सितंबर 2016,
  • अपडेटेड 9:55 PM IST

पाकिस्तान को घुटने के बल लाने के लिए आतंकवाद के खिलाफ पहली बड़ी कार्रवाई करते हुए भारत ने पाकिस्तान स्थित 7 आतंकी कैंपों को तहस-नहस कर दिया. आतंक के खिलाफ भारत के इस कदम का बांग्लादेश ने समर्थन किया है. बांग्लादेश ने कहा कि अगर भारत की संप्रभुता पर कोई हमला होता है और उसके खिलाफ भारत कार्रवाई करता है तो ये उसका हक है.

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बांग्लादेश ने कार्रवाई को ठहराया जायज
भारतीय सेना की ओर 'सर्जिकल स्ट्राइक्स' पर बयान देते हुए बांग्लादेश की प्रधानमंत्री के सलाहकार इकबाल चौधरी ने कहा कि आतंकवाद किसी देश का अपना नहीं हो सकता है. अगर भारत LoC में घुसकर आतंकवाद के खिलाफ कार्रवाई करता है तो ये उसका हक है, क्योंकि कोई भी देश अपने संप्रभुता की सुरक्षा के लिए स्वतंत्र है.

'कश्मीर में हिंसा सही नहीं'
इकबाल चौधरी ने कहा कि कश्मीर का मुद्दा भारत और पाकिस्तान के बीच का आपसी विवाद है और इस ' को सुलझाने के लिए दोनों देशों को सच्चे मन से बैठकर बात करनी होगी. कश्मीर को लेकर अगर कोई देश हिंसा को बढ़ावा देता है तो इस सरासर गलत है. उन्होंने कहा कि जम्मू-कश्मीर में भारत-पाकिस्तान सीमा पर हिंसा में निर्दोष लोग मारे जाते हैं, ऐसे हमले की निंदा होनी चाहिए.

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मोदी सरकार ने 30 देशों को दी कार्रवाई की जानकारी
बांग्लादेश के समर्थन के बाद भारत ने के बारे में दुनिया के तमाम देशों को जानकारी दे दी है. भारत सरकार ने 30 देशों के राजनयिकों को कार्रवाई को लेकर पूरी जानकारी दे दी है. साथ ही भारत ने ताजा हालातों के बारे में भी दुनिया के मुल्कों को बता दिया है.

चीन ने की संयम से काम लेने की अपील
वहीं चीन ने कहा है कि वो लगातार भारत और पाकिस्तान के साथ विभिन्न स्तरों पर संवाद कर रहा है. चीन ने साथ ही उम्मीद जताई कि तनाव में कमी आएगी. चीन के विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता जेंग शुआंग ने कहा, 'बीजिंग उम्मीद करता है कि भारत और पाकिस्तान संवाद बढ़ाएंगे और अपने मतभेदों से सही तरीके से निपटेंगे, साथ ही क्षेत्र की शांति और सुरक्षा को बनाए रखने के लिए मिल कर काम करेंगे.'

चीन ने जहां उरी हमले की कड़े शब्दो में निंदा की, वहीं ये भी कहा कि स्थिरता कायम रखने के लिए सिर्फ पाकिस्तान ही नहीं, भारत की भी जिम्मेदारी है. जाहिर है चीन की कोशिश यही है कि अपने बयान से किसी भी पक्ष को नाराज ना किया जाए और अपना तटस्थ रवैया भी दिखाया जाए. गुरुवार को पाकिस्तान ने कश्मीर पर अपने विशेष दूतों के तौर पर दो सांसदों को चीन भेजा. ये दोनों सांसद चीन के उप विदेश मंत्री लियू झेनमिन से मुलाकात करेंगे.

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