आंध्र प्रदेश के मंत्री ने सुषमा स्वराज को लिखी चिट्ठी, कहा- प्रोडक्ट की तरह बिक रही हैं महिलाएं

रेड्डी ने कहा कि महिलाओं अलग-अलग देशों में महिलाओं की कीमतें अलग हैं. जैसे सऊदी अरब में एक महिला को 4 लाख में बेचा जा रहा है वहीं बहराइन में 1 लाख से 2 लाख की रकम के एवज में महिलाएं भेजी जा रही हैं.

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प्रियंका झा

  • चेन्नई,
  • 24 मई 2016,
  • अपडेटेड 6:11 PM IST

आंध्र प्रदेश के एनआरआई वेल्फेयर मिनिस्टर पल्ले रघुनाथ रेड्डी ने खाड़ी देशों में भारतीय महिलाओं पर हो रहे अत्याचारों को लेकर विदेश मंत्री सुषमा स्वराज को चिट्ठी लिखी है. बीते हफ्ते लिखी चिट्ठी में रेड्डी ने कहा कि महिलाओं को प्रोडक्ट की तरह बेचा जा रहा है.

रेड्डी ने कहा कि महिलाओं अलग-अलग देशों में महिलाओं की कीमतें अलग हैं. जैसे सऊदी अरब में एक महिला को 4 लाख में बेचा जा रहा है वहीं बहराइन में 1 लाख से 2 लाख की रकम के एवज में महिलाएं भेजी जा रही हैं. चिट्ठी में रेड्डी ने इन महिलाओं को वापस लाने के लिए कदम उठाए जाने की मांग की है.

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रेड्डी ने कहा है कि आंध्र प्रदेश से घर में काम करने वाली कई महिलाओं को खाड़ी देशों में ले जाया गया. जब इन महिलाओं ने अपने मालिकों के अत्याचारों से परेशान होकर भागने की कोशिश की तो इन्हें जेल में बंद कर दिया गया. जेल में ऐसी भी कई महिलाएं हैं जिनके वीजा की अवधि खत्म हो चुकी है.

रेड्डी ने अपनी चिट्ठी में लिखा कि हाल ही में खाड़ी देशों में रह रही कम से कम 25 भारतीय महिलाओं ने राज्य सरकार से मदद की गुहार लगाई है. रेड्डी ने इन महिलाओं को वापस अपने घर सुरक्षित पहुंचाने की मांग की है. साथ ही उन्हें मुफ्त टिकट और वीजा देने की भी बात चिट्ठी में कही है.


सरकार के आंकड़ें बताते हैं कि 6 खाड़ी देशों में तकरीबन 60 लाख भारतीय रह रहे हैं. इन खाड़ी देशों में बहराइन, कुवैत, कतर, सऊदी अरब, यूनाइटेड अरब अमीरात और ओमान शामिल हैं. इन भारतीयों में वे महिलाएं भी शामिल हैं, जो अपने गांव छोड़कर नौकरी की तलाश में इन देशों में जा पहुंची हैं. इन्हें एजेंट भारत के मुकाबले तीन गुना ज्यादा वेतन दिए जाने का वादा कर रहे हैं.

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वीजा रिन्यू करवाने के लिए पैसे नहीं
रेड्डी ने सुषमा स्वराज को बताया कि इनमें से कई ऐसे जो टूरिस्ट वीजा पर खाड़ी देश पहुंचे हैं लेकिन अब उनके पास इसे रिन्यू करवाने के लिए पैसे नहीं है. कई प्रवासी छोटे-मोटे अपराधों में जेल की सजा काट रहे हैं.

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