राजस्थान में अब भिखारी पकड़ो अभियान शुरू होगा. जानकारी के मुताबिक 10 फरवरी से इस अभियान की शुरुआत जयपुर में की जाएगी. इस अभियान में पुलिस वाले भिखारियों को पकड़-पकड़ कर स्वयंसेवी संस्थाओं को सौंपेंगे. राजस्थान सरकार ने ऐसे स्वयंसेवी संस्थाओं के साथ समझौता (Memorandum of Understanding) किया है. जिसके बाद इन भिखारियों को पकड़कर इनका पुनर्वास किया जाएगा.
राजस्थान के समाज कल्याण मंत्री मास्टर भंवरलाल मेघवाल ने कहा, 'की मंशा थी कि राजस्थान को भिखारी मुक्त बनाया जाए जिसकी घोषणा हमने बजट में की थी. मगर इसको कैसे लागू किया जाए इस पर मंथन चल रहा था. समस्या यह थी कि पुलिस विभाग भिखारियों को पकड़ता है मगर इनको कहीं रखने की जगह नहीं थी. पकड़कर हवालात में रखने के बाद इनका क्या किया जाए इस पर कोई नीति नहीं थी. जिसकी वजह से राजस्थान को भिखारी मुक्त नहीं बनाया जा सका था.'
आगे उन्होंने कहा, 'मगर अब हमने जिलेवार निवेदन मंगाया है जिनकी छटनी कर हम ऐसे स्वयंसेवी संस्थाओं को सौंपेंगे जिन्हें पुलिस भिखारियों को पकड़ कर सौंप सके. इसके लिए एनजीओ के मापदंड तय किए गए हैं. जहां पर पर्याप्त कमरे और लैट बाथ के इंतजाम होंगे. भिखारियों के बच्चों की पढ़ाई की व्यवस्था होगी और उनके पुनर्वास के लिए कार्यक्रम किया जाएगा.
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साथ ही भंवरलाल मेघवाल ने कहा, 'पहले हम जिलेवार निविदाएं मांग रहे थे मगर हमें सफलता नहीं मिल रही थी पर अब जयपुर कलेक्टर ने पहल करके ऐसे स्वयंसेवी संस्थाओं से निवेदन मांगे हैं जिनमें दो-तीन का चयन हम करने जा रहे हैं. जयपुर शहर को भी भिखारी मुक्त करने का अभियान शुरू होगा और इसे पूरे राजस्थान में लागू किया जाएगा.
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गौरतलब है कि राजस्थान के मुख्यमंत्री अशोक गहलोत ने पिछली बार बजट में घोषणा की थी कि राजस्थान को भिखारी मुक्त बनाया जाएगा क्योंकि भिक्षावृत्ति एक अभिशाप है. इसके लिए जयपुर शहर के हर चौराहे पर सादी वर्दी में स्वयंसेवी संस्थाओं के लोगों के साथ एक पुलिसकर्मी को तैनात किया जाएगा. पूरे शहर में इस अभियान को चलाया जाएगा.
शरत कुमार