17 साल का इंतजार और एक दिन में चमकी किस्मत, 13 लाख के कर्जदार किसान ने जीती 50 लाख की लॉटरी

पंजाब के मोगा निवासी 65 वर्षीय किसान चरणजीत सिंह की 17 साल की उम्मीद आखिरकार रंग लाई. 13 लाख रुपये के कर्ज में डूबे किसान ने पहले 20 हजार रुपये की लॉटरी जीती, फिर 1000 रुपये में खरीदी पंजाब स्टेट डियर बम्पर टिकट से 50 लाख रुपये का इनाम जीत लिया. बचपन से बोलने में दिक्कत होने के बावजूद उन्होंने कभी हार नहीं मानी. अब वह कर्ज चुकाकर परिवार के साथ बेहतर जीवन जीने की उम्मीद कर रहे हैं.

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65 वर्षीय किसान चरणजीत सिंह की 17 साल की उम्मीद आखिरकार रंग लाई. Photo ITG 65 वर्षीय किसान चरणजीत सिंह की 17 साल की उम्मीद आखिरकार रंग लाई. Photo ITG

तन्मय समानता

  • मोगा,
  • 13 जुलाई 2026,
  • अपडेटेड 7:51 PM IST

मोगा से एक प्रेरणादायक खबर सामने आई है, जहां 65 वर्षीय किसान चरणजीत सिंह की किस्मत अचानक चमक उठी. 13 लाख रुपये के कर्ज में डूबे इस किसान ने एक ही दिन में दो लॉटरी जीतकर अपनी जिंदगी बदल ली. जानकारी के अनुसार, मोगा शहर के निवासी चरणजीत सिंह एक छोटे किसान हैं, जो खेती-बाड़ी करके अपने परिवार का पालन-पोषण करते हैं. 

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बचपन से ही उन्हें बोलने में कठिनाई है, लेकिन उन्होंने कभी हिम्मत नहीं हारी. चरणजीत सिंह पिछले 17 वर्षों से लगातार लॉटरी टिकट खरीद रहे थे, इस उम्मीद में कि एक दिन उनकी किस्मत जरूर बदलेगी. उनका यह इंतजार आखिरकार रंग लाया. 

1000 रुपये देकर टिकट खरीदी
बताया जा रहा है कि पहले उन्हें 20 हजार रुपये की लॉटरी लगी. जब वह इस इनाम की राशि लेने लॉटरी एजेंट के पास पहुंचे, तो एजेंट ने उन्हें पंजाब स्टेट डियर बम्पर की आखिरी बची टिकट खरीदने की सलाह दी. बिना ज्यादा सोचे उन्होंने 1000 रुपये देकर वह टिकट खरीद ली. कुछ ही समय बाद यह टिकट उनकी जिंदगी बदल गई और उन्होंने 50 लाख रुपये का बड़ा इनाम जीत लिया.यह कहानी न केवल किस्मत के बदलने की है, बल्कि धैर्य और उम्मीद की भी एक मिसाल है.

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लॉटरी की टिकिट से लाख पति चरणजीत सिंह बेहद खुश हैं. उनका कहना है कि 17 साल के लंबे इंतजार के बाद आखिरकार उनकी किस्मत चमक गई. अब वह अपने कर्ज को चुकाकर बेहतर जीवन जीने की उम्मीद कर रहे हैं.

चरणजीत सिंह के चाचा के बेटे शमशेर सिंह मट्टू जोहल ने बताया कि उनके भाई को बचपन से ही बोलने में दिक्कत है. इसके बावजूद चरणजीत सिंह एक बेहद ईमानदार और नेक इंसान हैं. उनके परिवार में दो बेटे और दो बेटियां हैं, और वे खेती-बाड़ी करके अपने परिवार का पालन-पोषण कर रहे थे. उन्होंने पिछले 17 सालों से लगातार लॉटरी की टिकट खरीदने का शौक रखा था. उन्हें हमेशा उम्मीद थी कि एक दिन उनकी किस्मत जरूर चमकेगी. 

आखिरकार भगवान ने उनकी सुन ली और उनकी मेहनत और उम्मीद रंग लाई. शमशेर सिंह ने बताया कि चरणजीत सिंह पर करीब 13 लाख रुपए का कर्ज था और उनके पास जमीन भी ज्यादा नहीं थी. लेकिन अब यह जीत उनकी जिंदगी में नई खुशी और राहत लेकर आई है.

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