पंजाब: पूर्व मंत्री राणा गुरजीत के रसोइए और कर्मचारी को मिले रेत खनन के ठेके रद्द

पंजाब सरकार की एक जांच समिति ने नेपाली मूल के उनके कुक अमित बहादुर और राणा के कर्मचारी कुलविंदर पाल सिंह को दिए गए रेत खनन के ठेके रद्द करने की सिफारिश की है. ये फैसला जस्टिस जेएस नारंग कमीशन की सिफारिशों के बाद लिया गया.

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पंजाब के पूर्व कैबिनेट मंत्री राणा गुरजीत सिंह पंजाब के पूर्व कैबिनेट मंत्री राणा गुरजीत सिंह

मोनिका गुप्ता / केशवानंद धर दुबे / मनजीत सहगल

  • चंडीगढ़,
  • 29 मार्च 2018,
  • अपडेटेड 12:24 PM IST

रेत खनन के ठेकों के विवाद में फंसने के बाद कुर्सी गवाने वाले पंजाब के पूर्व कैबिनेट मंत्री राणा गुरजीत सिंह को एक और झटका लगा है. पंजाब सरकार की एक जांच समिति ने नेपाली मूल के उनके कुक अमित बहादुर और राणा के कर्मचारी कुलविंदर पाल सिंह को दिए गए रेत खनन के ठेके रद्द करने की सिफारिश की है. ये फैसला जस्टिस जेएस नारंग कमीशन की सिफारिशों के बाद लिया गया.

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पंजाब के मुख्य सचिव करण ऐ सिंह की अध्यक्षता में बनाई गई जांच समिति ने अपनी एक्शन टेकन रिपोर्ट में जस्टिस जेएस नारंग कमिशन की रिपोर्ट का हवाला देते हुए कहा है कि अमित बहादुर और कुलविंदर सिंह को दिए गए रेत खनन के ठेके सही नहीं हैं. इसलिए उनको रद्द किया जा रहा है. लेकिन हैरान कर देने वाली बात यह है कि जस्टिस जे एस नारंग कमीशन और राज्य सरकार की समिति दोनों ने रेत खनन विवाद में फंसे राणा गुरजीत सिंह को क्लीन चिट दे दी है.

पंजाब सरकार द्वारा रेत खनन के ठेकों में हुई कथित गड़बड़ी की जांच के लिए बैठाए गए जस्टिस जे एस नारंग कमीशन ने भले ही राणा गुरजीत को क्लीन चिट दे दी हो. लेकिन उनके कुक और कर्मचारी को मिले लगभग 36 करोड़ रुपए के खनन के ठेकों पर प्रवर्तन निदेशालय की नजर है.

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गौरतलब है कि राणा के कुक अमित बहादुर ने नवा शहर के सैदपुर खुर्द गांव में 26.1 1 करोड़ रुपए देकर रेत की खान हासिल की थी. इसके लिए 30 से ज्यादा लोगों ने निविदाएं दी थी. बता दें कि और उनके परिवार की राणा शुगर लिमिटेड कंपनी में बतौर लाइजनिंग अधिकारी काम करने वाले कुलविंदर पाल सिंह ने भी 9.21 करोड़ रुपए का खनन ठेका हासिल किया था. ये नवांशहर के मेहंदीपुर गांव में स्थित है.

फेमा का हुआ दुरुपयोग

इससे पहले प्रवर्तन निदेशालय राणा गुरजीत सिंह के बेटे राणा इंद्र प्रताप सिंह को विदेशों से 100 करोड़ रुपए जुटाने के मामले में पूछताछ के लिए बुला चुका है. ये पैसा राणा शुगर्स लिमिटेड के शेयरों के नाम पर जुटाया गया था. इसमें कथित तौर पर फेमा का दुरुपयोग हुआ.

के ठिकानों पर छापेमारी

इनकम टैक्स अधिकारियों ने इस साल 17 फरवरी को राणा गुरजीत सिंह और उनकी कंपनियों के 25 ठिकानों पर छापेमारी की थी. यह छापेमारी रेत खनन में इस्तेमाल किए गए पैसे के स्त्रोत को जानने के लिए की गई थी. अब तक हुई जांच में पाया गया है कि राणा गुरजीत सिंह के 4 कर्मचारियों अमित बहादुर, कुलविंदर पाल, बलराज सिंह और गुरविंदर सिंह के खातों में जो पैसा जमा हुआ था उसका स्त्रोत एक ही था. राणा गुरजीत सिंह ने इन आरोपों को सिरे से खारिज किया था और कहा था कि सभी आरोप मनगढ़ंत है.

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