पंजाब में कार्यकर्ताओं से मिले केजरीवाल, डॉक्टरों और टीचरों के लिए किए बड़े ऐलान

दिल्ली में 17 हजार एडहॉक टीचरों को स्थाई ना कर पाने के लिए अरविंद केजरीवाल ने केंद्र और उपराज्यपाल पर निशाना साधा और दावा किया कि पंजाब में सरकार बनाने के बाद वो बिना दखल के कुछ भी कर पाएंगे.

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दिल्ली के मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल दिल्ली के मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल

रीमा पाराशर / सुरभि गुप्ता

  • पटियाला,
  • 11 सितंबर 2016,
  • अपडेटेड 2:27 PM IST

चार दिन के दौरे पर पंजाब आए AAP संयोजक और दिल्ली के मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल पार्टी की दशा को दुरुस्त करने के लिए राज्य के नेताओं और कार्यकर्ताओं से विचार मंथन में जुटे हैं. आम आदमी पार्टी को इस मुकाम तक पहुंचाने में पार्टी के युवा वालंटियर्स की अहम भूमिका रही है. पंजाब में ऐसे ही वालंटियर्स का एक तबका टिकट बंटवारे में भेदभाव के आरोप लगा रहा है. जाहिर है उनकी नाराजगी केजरीवाल के लिए चिंता का सबब है.

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भेदभाव ना होने का दिया भरोसा
लुधियाना में केजरीवाल ने राज्य के तमाम वालंटियर्स को बातचीत के लिए बुलाया. उन्होंने भरोसा दिलाया कि किसी भी स्तर पर कोई भेदभाव नहीं होगा और अगर ऐसा पाया गया, तो कड़ी कार्रवाई की जाएगी.

केजरीवाल ने सुनी सबकी बात
इस लंबी बैठक के बाद पटियाला पहुंचे, जहां टीचर्स और डॉक्टरों के लिए बड़ा ऐलान किया. केजरीवाल ने पहले डॉक्टरों और राज्य के टीचर्स से उनकी समस्याएं पूछी, एक-एक कर सबको सुना और फिर ऐलान किया कि AAP की सरकार बनने पर हर गांव में सेहत केंद्र खोले जाएंगे. इसके अलावा डॉक्टरों व अध्यापकों से कोई भी फालतू काम नहीं लिया जाएगा.

शिक्षा के गिरते स्तर पर टीचरों ने जताई चिंता
अध्यापकों का कहना था कि राज्य की शिक्षा प्रणाली बुरी तरह से चरमरा गई है. बादल सरकार ने इसे लेकर कोई ठोस कदम नहीं उठाया है. सरकारी स्कूलों में शिक्षा के गिरते स्तर का भी टीचरों ने जिक्र किया.

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डॉक्टरों ने उठाया ड्रग्स का मुद्दा
कुछ ने राज्य में ड्रग्स का मुद्दा उठाया और हर दिन बढ़ते इस ट्रेंड से सख्ती से निपटने की बात कही, जिसपर सीएम केजरीवाल ने कहा कि ड्रग मुक्ति से बड़ी चुनौती मरीजों के इलाज की है, जिसके लिए सबको मिलकर साथ आने की जरूरत है.

केंद्र और LG पर साधा निशाना
मुद्दा कोई भी हो अरविंद केजरीवाल दिल्ली में केंद्र के साथ चल रही खींचातानी बयां करने से पीछे नहीं हटते. 17 हजार एडहॉक टीचरों को स्थाई ना कर पाने के लिए अरविंद केजरीवाल ने केंद्र और उपराज्यपाल पर निशाना साधा और दावा किया कि पंजाब में सरकार बनाने के बाद वो बिना दखल के कुछ भी कर पाएंगे.

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