सिद्धारमैया के बेटे से प्रियांक खड़गे तक... डीके शिवकुमार की कैबिनेट में कौन-कौन बनेंगे मंत्री, 15 नामों की लिस्ट आई सामने

कर्नाटक में डीके शिवकुमार के नेतृत्व वाली नई कांग्रेस सरकार के संभावित मंत्रिमंडल को लेकर चर्चा जोरों पर है. कांग्रेस आलाकमान पावर शिफ्टिंग को सुचारू बनाने के साथ-साथ जातीय संतुलन, क्षेत्रीय प्रतिनिधित्व और पार्टी के अंदर शक्ति संतुलन साधने में जुटा है.

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शनिवार शाम चार बजे की बैठक में डीके शिवकुमार को विधायक दल का नेता चुना जा सकता है शनिवार शाम चार बजे की बैठक में डीके शिवकुमार को विधायक दल का नेता चुना जा सकता है

aajtak.in

  • नई दिल्ली,
  • 30 मई 2026,
  • अपडेटेड 12:52 PM IST

कर्नाटक की राजनीति में बड़े बदलाव की तैयारी के बीच डीके शिवकुमार के नेतृत्व वाली नई सरकार के संभावित मंत्रिमंडल को लेकर चर्चाएं तेज हो गई हैं. कांग्रेस आलाकमान जहां पावर शिफ्टिंग को सुचारू बनाने में जुटा है, वहीं मंत्रिमंडल गठन को लेकर पार्टी के भीतर भी मंथन जारी है. कास्ट बैलेंस, क्षेत्रीय प्रतिनिधित्व और सिद्धारमैया व डीके शिवकुमार खेमों के नेताओं को मिलाकर मंत्रिमंडल बनाने की कवायद के बीच 15 संभावित मंत्रियों की लिस्ट सामने आई है.

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कई मौजूदा मंत्री भी हो सकते हैं मंत्रिमंडल में शामिल

राज्य में मुख्यमंत्री पद से सिद्धारमैया के इस्तीफे के बाद अब कांग्रेस विधायक दल की बैठक में नए नेता का औपचारिक चयन किया जाना है. माना जा रहा है कि इसके बाद नई सरकार के गठन और शपथ ग्रहण समारोह की प्रक्रिया तेजी से आगे बढ़ेगी. संभावित मंत्रिमंडल की लिस्ट पर नजर डालें तो इसमें सिद्धारमैया सरकार के कई मौजूदा मंत्रियों को बरकरार रखने की संभावना दिखाई दे रही है. इससे संकेत मिलता है कि कांग्रेस नेतृत्व प्रशासनिक निरंतरता बनाए रखने के साथ-साथ पार्टी के अंदर शक्ति संतुलन साधना चाहता है.

सिद्धारमैया के बेटे के भी नाम की संभावना

सबसे चर्चित नाम यतींद्र सिद्धारमैया का है, जो अब तक सीएम रहे सिद्धारमैया के बेटे हैं. लंबे समय से चर्चा है कि सिद्धारमैया अपने बेटे को नई सरकार में महत्वपूर्ण भूमिका दिलाने के पक्षधर रहे हैं. यहां तक कि उन्हें उपमुख्यमंत्री पद या किसी अहम मंत्रालय की जिम्मेदारी दिए जाने की अटकलें भी लगाई जा रही हैं. एएस पोन्नन्ना का नाम भी संभावित मंत्रियों की सूची में शामिल है. वे कांग्रेस के वरिष्ठ विधायक और सिद्धारमैया के कानूनी सलाहकार रहे हैं. पार्टी में उन्हें सिद्धारमैया के करीबी नेताओं में गिना जाता है.

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जी परमेश्वर, एमबी पाटिल और बायरथी सुरेश के भी नाम

कर्नाटक कांग्रेस के वरिष्ठ दलित नेता और मौजूदा गृह मंत्री जी परमेश्वर भी नई कैबिनेट में जगह बना सकते हैं. मुख्यमंत्री पद की दौड़ में भी उनका नाम चर्चा में रहा था. वहीं उत्तर कर्नाटक के प्रभावशाली लिंगायत नेता और बड़े एवं मध्यम उद्योग मंत्री रहे एमबी पाटिल को भी महत्वपूर्ण भूमिका मिलने की संभावना है.

बेंगलुरु के हेब्बल से विधायक और शहरी विकास मंत्री बायरथी सुरेश का नाम भी सूची में शामिल है. उन्हें राजधानी क्षेत्र में कांग्रेस का प्रभावशाली चेहरा माना जाता है. सामाजिक कल्याण मंत्री एचसी महादेवप्पा, जो लंबे समय से सिद्धारमैया के भरोसेमंद सहयोगी रहे हैं, भी संभावित मंत्रियों में शामिल हैं.

प्रियांक खड़गे, कृष्णा बायरे गौड़ा और संतोष लाड की भी चर्चा

कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे के बेटे और ग्रामीण विकास और पंचायत राज मंत्री प्रियांक खड़गे को भी नई कैबिनेट में महत्वपूर्ण जिम्मेदारी मिल सकती है. वहीं राजस्व मंत्री कृष्णा बायरे गौड़ा और श्रम मंत्री संतोष लाड के नाम भी चर्चा में हैं.  

दिनेश गुंडू राव, लक्ष्मी हेब्बालकर, रामलिंगा रेड्डी भी संभावित लिस्ट में

स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्री दिनेश गुंडू राव, जो कर्नाटक कांग्रेस के पूर्व अध्यक्ष भी रह चुके हैं, नई सरकार में भी अहम भूमिका निभा सकते हैं. महिला एवं बाल विकास मंत्री लक्ष्मी हेब्बालकर का नाम भी प्रमुखता से लिया जा रहा है. उन्हें उपमुख्यमंत्री पद के संभावित दावेदारों में भी देखा जा रहा है. परिवहन और मुजराई विभाग संभाल चुके वरिष्ठ नेता रामलिंगा रेड्डी को वोक्कालिगा समुदाय का मजबूत चेहरा माना जाता है.

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रिजवान अरशद, यूटी खादर, शरथ बाचेगौड़ा भी लिस्ट में

इसके अलावा कांग्रेस विधायक रिजवान अरशद और विधानसभा अध्यक्ष यूटी खादर भी संभावित मंत्रियों की सूची में शामिल हैं. दोनों नेताओं को राज्य में अल्पसंख्यक समुदाय का प्रभावशाली प्रतिनिधि माना जाता है. सूची में सबसे युवा नाम शरथ बाचेगौड़ा का है. उन्हें कांग्रेस का उभरता हुआ चेहरा माना जा रहा है. वे पहले कर्नाटक स्टेट इलेक्ट्रॉनिक्स डेवलपमेंट कॉरपोरेशन के अध्यक्ष भी रह चुके हैं.

हालांकि अभी मंत्रिमंडल को लेकर अंतिम फैसला नहीं हुआ है, लेकिन सामने आई संभावित सूची से साफ संकेत मिलते हैं कि कांग्रेस नेतृत्व नई सरकार में अनुभव, जातीय संतुलन, क्षेत्रीय प्रतिनिधित्व और संगठनात्मक निष्ठा के बीच संतुलन बनाने की कोशिश कर रहा है. आने वाले दिनों में यह स्पष्ट हो जाएगा कि डीके शिवकुमार की नई टीम में किन नेताओं को जगह मिलती है और कर्नाटक की राजनीति किस नई दिशा में आगे बढ़ती है.

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