'कन्हैया कुमार महत्वाकांक्षी, कम्युनिस्ट विचारधारा में नहीं था विश्वास', CPI ने लगाया आरोप

सीपीआई हमेशा से जातिविहीन और क्लासविहीन सोसाइटी के लिए लड़ाई लड़ती रही है. कन्हैया कुमार की अपनी महत्वाकांक्षाएं और आकांक्षाएं रही होंगी. इससे पता चलता है कि उनका कम्युनिस्टों और वर्किंग क्लास की विचारधारा में कोई विश्वास नहीं था.

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कन्हैया कुमार के कांग्रेस में शामिल होने पर सीपीआई का बयान (फोटो- पीटीआई) कन्हैया कुमार के कांग्रेस में शामिल होने पर सीपीआई का बयान (फोटो- पीटीआई)

aajtak.in

  • नई दिल्ली,
  • 28 सितंबर 2021,
  • अपडेटेड 9:36 PM IST
  • डी राजा ने कन्हैया कुमार के कांग्रेस में शामिल होने पर दिया बयान
  • सीपीआई जातिविहीन सोसाइटी के लिए लड़ाई लड़ती रही है: डी राजा
  • कन्हैया कुमार की अपनी महत्वाकांक्षाएं रही होंगी: डी राजा

भारतीय कम्युनिस्ट पार्टी के महासचिव डी राजा ने कन्हैया कुमार के कांग्रेस में शामिल होने को लेकर कहा कि उन्होंने मेरी पार्टी से ख़ुद को स्वयं ही निष्कासित कर लिया है. सीपीआई हमेशा से जातिविहीन और क्लासविहीन सोसाइटी के लिए लड़ाई लड़ती रही है. कन्हैया कुमार की अपनी महत्वाकांक्षाएं और आकांक्षाएं रही होंगी. इससे पता चलता है कि उनका कम्युनिस्टों और वर्किंग क्लास की विचारधारा में कोई विश्वास नहीं था. उनके आने से पहले भी कम्युनिस्ट पार्टी थी और उनके जाने के बाद भी यह बनी रहेगी. उनके जाने से पार्टी खत्म नहीं हो जाएगी. हमारी पार्टी निस्वार्थ संघर्ष और बलिदान के लिए है. वह हमारी पार्टी के लिए स्पष्ट और ईमानदार नहीं रहे.  

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इससे पहले मंगलवार को जेएनयू छात्र संघ के पूर्व अध्यक्ष कन्हैया कुमार कांग्रेस में शामिल हो गए. कन्हैया कुमार ने कहा कि करोड़ों नौजवानों को लगने लगा है कि कांग्रेस नहीं बचेगी, तो देश भी नहीं बचेगा और ऐसे में वह लोकतंत्र को मजबूत करने के लिए कांग्रेस में शामिल हुए हैं. साथ ही उन्होंने कहा कि देश में वैचारिक संघर्ष को कांग्रेस ही नेतृत्व ही दे सकती है. उन्होंने अपनी पुरानी पार्टी भारतीय कम्युनिस्ट पार्टी का धन्यवाद किया.

उन्होंने कहा, 'मुझे महसूस होता है कि इस देश की सत्ता में एक ऐसी सोच के लोग काबिज हैं, जो इस देश की चिंतन परंपरा, संस्कृति, इसके मूल्य, इतिहास और वर्तमान को खत्म कर रहे हैं. इस सोच से लड़ना है... देश की सबसे पुरानी और सबसे लोकतांत्रिक पार्टी में इसलिए शामिल होना चाहते हैं क्योंकि यह पार्टी नहीं बचेगी, तो देश नहीं बचेगा.'

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और पढ़ें- कन्हैया कुमार बोले-कांग्रेस सबसे बड़ी विपक्षी पार्टी, वो नहीं बची, तो देश नहीं बचेगा

उन्होंने जोर देकर कहा, 'आज देश को भगत सिंह के 'साहस', अम्बेडकर की 'समानता' और गांधी की 'एकता' की जरूरत है.'

मूल रूप से बिहार से ताल्लुक रखने वाले कन्हैया जेएनयू में कथित तौर पर देशविरोधी नारेबाजी के मामले में गिरफ्तारी के बाद सुर्खियों में आए थे. कन्हैया 2019 लोकसभा चुनाव में बिहार की बेगूसराय लोकसभा सीट से केंद्रीय मंत्री गिरिराज सिंह के खिलाफ भाकपा के प्रत्याशी के तौर पर चुनाव मैदान में उतरे थे, हालांकि उन्हें हार का सामना करना पड़ा था.

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