अमीरों को बजट में रिबेट, मिडिल क्लास को टीवी डिबेट: शशि थरूर

लोकसभा में आज बजट पर सामान्य चर्चा की शुरुआत कांग्रेस नेता शशि थरूर ने की. अपने संबोधन में उन्होंने बजट में मिडिल क्लास को कुछ नहीं देने और उल्टा पेट्रोल-डीजल की बढ़ी कीमतों का भार लादने समेत कई बातों पर घेरा.

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शशि थरूर (Photo:PTI) शशि थरूर (Photo:PTI)

aajtak.in

  • नई दिल्ली,
  • 10 फरवरी 2021,
  • अपडेटेड 9:16 PM IST
  • डीजल पर 894% एक्साइज ड्यूटी बढ़ी
  • बजट में मिडिल क्लास के लिए कुछ नहीं
  • मीनाक्षी लेखी का थरूर को शायराना जवाब

लोकसभा में आज बजट पर सामान्य चर्चा की शुरुआत कांग्रेस नेता शशि थरूर ने की. अपने संबोधन में उन्होंने बजट में मिडिल क्लास को कुछ नहीं देने और उल्टा पेट्रोल-डीजल की बढ़ी कीमतों का भार लादने समेत कई बातों पर घेरा.

डीजल पर 894% एक्साइज ड्यूटी
शशि थरूर ने बजट पर चर्चा के दौरान कहा कि ये सरकार ‘अच्छे दिन’ के वादे के साथ आई थी. लेकिन यह अच्छे दिन कुछ ही लोगों के लिए आए. उन्होंने कविता पढ़ते हुए कहा ‘गिने चुने कुछ व्यापारी को फायदा है, मुल्क चलाने का बताओ, ये भी कोई कायदा है.’ थरूर ने कहा कि 2014 से अब तक यह सरकार पेट्रोल पर 348% और डीजल पर 894% एक्साइज ड्यूटी बढ़ा चुकी है.

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मिडिल क्लास को कुछ नहीं
शशि थरूर ने कहा कि बजट में मिडिल क्लास को कुछ नहीं दिया गया. जबकि कुछ लोगों को जीएसटी में छूट, सब्सिडी वगैरह का लाभ दिया है. उन्होंने कहा, ‘पूंजीपतियों को सब्सिडी मिली, अमीरों को मिली रिबेट, मिडिल क्लास वालों टीवी देखो, तुमको मिली है डिबेट.’

हर बार नया नारा
शशि थरूर ने मौजूदा सरकार पर हर बार नया नारा गढ़ने का आरोप लगाया. उन्होंने कहा कि कभी ये कहते हैं ‘सबका साथ, सबका विकास’, कभी कहते हैं नया भारत. हम भी जानते हैं कि ये नया भारत हर भारतीय के लिए नहीं है. उन्होंने सदन में शेर पढ़ा ‘कहां तो तय था उजाला हर घर के लिए, कहां चिराग मयस्सर नहीं शहर के लिए’

शायरी से कसा तंज
शशि थरूर ने किसानों और प्रवासी श्रमिकों के मुद्दे पर सरकार के विफल रहने की बात कही. उन्होंने अपने भाषण के अंत में कहा कि एक दिन इस देश की जनता आपसे कहेगी, ‘हजारों ख्वाहिशें ऐसी, हर ख्वाहिश से दम निकले, बहुत किया एतबार मोदीजी, अब तुम्हारी गली से हम निकले’.

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मीनाक्षी का जवाब
बजट पर चर्चा के लिए शशि थरूर के बाद मीनाक्षी लेखी खड़ी हुईं और एक शेर पढ़कर उन पर निशाना साधा. उन्होंने कहा कि ‘जिसके किरदार पर शर्मिंदा है शैतान, वो भी आज हमें नसीहत देने आए हैं.’ उन्होंने कहा कि जिनके कार्यकाल में देश की अर्थव्यवस्था Fragile Five में पहुंच गई वो आज हमें अर्थव्यवस्था चलाने पर ज्ञान दे रहे हैं, जबकि अभी हम पांच बड़ी अर्थव्यवस्थाओं में से एक हैं.

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