'रक्षा मंत्री को सर्वदलीय बैठक में देनी चाहिए थी जानकारी', कांग्रेस ने पूछा- CDS ने सिंगापुर में क्यों दिया बयान?

कांग्रेस नेता जयराम रमेश ने कहा कि जुलाई 1999 में कारगिल युद्ध खत्म होने के तीन दिन बाद ही प्रधानमंत्री अटल बिहारी वाजपेयी ने कारगिल रिव्यू कमेटी का गठन किया था. उन्होंने कहा कि वर्तमान विदेश मंत्री एस जयशंकर के पिता रिपोर्ट तैयार करने वाले चार सदस्यों में से एक थे.

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सीडीएस चौहान के बयान पर कांग्रेस के सवाल सीडीएस चौहान के बयान पर कांग्रेस के सवाल

aajtak.in

  • नई दिल्ली,
  • 01 जून 2025,
  • अपडेटेड 4:05 PM IST

चीफ ऑफ डिफेंस स्टाफ (CDS) जनरल अनिल चौहान के सिंगापुर में दिए बयान से देश में सियासी भूचाल आ गया है. कांग्रेस नेता जयराम रमेश ने रविवार को कहा कि सिंगापुर में ऑपरेशन सिंदूर पर सीडीएस जनरल अनिल चौहान का बयान बहुत ही गंभीर है और इसपर राजनीतिक चर्चा की जरूरत है. उन्होंने जोर देकर कहा सैन्य अधिकारी के खुलासे से पहले देश के भीतर रक्षा मंत्री को राजनीतिक दलों को नुकसान के बारे में बताना चाहिए था.

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सैन्य नुकसान की बात कुबूली

सीडीएस जनरल चौहान ने सिंगापुर में आयोजित शांग्री-ला डायलॉग सिक्योरिटी समित के दौरान एक इंटरव्यू में पहली बार स्वीकार किया कि पाकिस्तान के साथ हाल की झड़प के दौरान भारतीय लड़ाकू विमानों को नुकसान हुआ, हालांकि उन्होंने कोई आंकड़ा नहीं बताया. उन्होंने यह भी कहा कि अहम यह नहीं है कि नुकसान कितना हुआ, बल्कि यह है कि क्या गलतियां की गईं. उन्होंने कहा कि आंकड़े महत्वपूर्ण नहीं हैं, अहम यह है कि हमने उसके बाद क्या किया.

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सेना के सर्वोच्च अधिकारी के इसी बयान के बाद कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे के सुर में सुर मिलाते हुए रमेश ने कारगिल रिव्यू कमेटी की तरह एक एक्सपर्ट कमेटी की ओर से भारत की रक्षा तैयारियों की समीक्षा करने की मांग दोहराई. कांग्रेस महासचिव ने न्यूज एजेंसी एएनआई से कहा, 'हमें सिंगापुर के बयानों का इंतज़ार क्यों करना पड़ा? हमें लोकतंत्र की जननी माना जाता है, जनरल चौहान ने जो मुद्दे उठाए हैं, वे अहम हैं और वे न सिर्फ सैन्य रणनीति पर बल्कि विदेश नीति, आर्थिक नीति और कूटनीतिक रणनीति पर भी असर डालते हैं.'

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रक्षा मंत्री को देनी चाहिए थी जानकारी

उन्होंने इस बात पर जोर दिया कि रक्षा मंत्री को ऑपरेशन सिंदूर के बाद आयोजित सर्वदलीय बैठकों के दौरान ये जानकारी देनी चाहिए थी. जयराम रमेश ने कहा कि यह बेहतर होता कि जनरल चौहान ने जो कहा है, उसे रक्षा मंत्री की अध्यक्षता में हुई दो सर्वदलीय बैठकों में बताया जाता. जनरल चौहान की ओर से शेयर की गई जानकारी विपक्षी नेताओं के सामने रखी जानी चाहिए थी और संसद का विशेष सत्र बुलाया जाना चाहिए था.

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कांग्रेस नेता ने कहा कि जुलाई 1999 में कारगिल युद्ध खत्म होने के तीन दिन बाद ही प्रधानमंत्री अटल बिहारी वाजपेयी ने कारगिल रिव्यू कमेटी का गठन किया था. उन्होंने कहा कि वर्तमान विदेश मंत्री एस जयशंकर के पिता रिपोर्ट तैयार करने वाले चार सदस्यों में से एक थे. उन्होंने कहा कि अगर कुछ सैन्य मामले हैं जिन्हें सिर्फ सेना ही सुलझा सकती है, लेकिन कुछ राजनीतिक मुद्दे भी हैं जिन्हें उठाया जाना चाहिए, जैसे चीन और पाकिस्तान के बीच बढ़ता गठजोड़.

संसद का सत्र बुलाने की मांग

जयराम रमेश ने कहा, 'हमने सिर्फ इतना कहा था कि प्रधानमंत्री सर्वदलीय बैठक की अध्यक्षता करें और संसद का सत्र बुलाएं. सिंगापुर में जनरल चौहान की ओर से किए गए खुलासे हमारी मांग को और भी प्रासंगिक बनाते हैं. 

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पहलगाम हमलों के बाद शुरू किए गए भारत के ऑपरेशन सिंदूर के दौरान, पाकिस्तान ने दावा किया था कि उसने छह भारतीय लड़ाकू विमानों को मार गिराया है, हालांकि भारत ने पहले इस दावे को खारिज कर दिया था. जनरल चौहान ने पाकिस्तान के इस दावे को सिरे से खारिज कर दिया कि उसने चार राफेल सहित छह भारतीय विमानों को मार गिराया है और इसे बिल्कुल गलत बताया.

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