तेलंगाना के सूर्यापेट जिले में बुधवार को कांग्रेस की अंदरूनी कलह हिंसक झड़प में बदल गई. अरवापल्ली मंडल मुख्यालय में कांग्रेस सांसद चमाला किरण कुमार रेड्डी और तुंगातुर्थी विधायक मंडुला सैमुअल के समर्थकों के बीच जमकर मारपीट, पथराव और लाठी-डंडे चले. इस हिंसा में कई कांग्रेस कार्यकर्ता घायल हो गए और कम से कम छह वाहनों को नुकसान पहुंचा. हालात बेकाबू होने पर पुलिस को लाठीचार्ज कर भीड़ को तितर-बितर करना पड़ा.
बताया जा रहा है कि विवाद की शुरुआत कांग्रेस की मंडल कमेटियों के गठन को लेकर हुई. पूर्व मंत्री राम रेड्डी दामोदर रेड्डी के समर्थकों का आरोप है कि विधायक मंडुला सैमुअल अपने समर्थकों को ही मंडल अध्यक्ष और कमेटियों में जगह दिला रहे हैं, जबकि पुराने कांग्रेस कार्यकर्ताओं की अनदेखी की जा रही है.
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इसी मुद्दे को लेकर सांसद चमाला किरण कुमार रेड्डी और दिवंगत नेता राम रेड्डी दामोदर रेड्डी के समर्थक हैदराबाद में गांधी भवन जाकर प्रदेश नेतृत्व से शिकायत करने वाले थे. इसके लिए सभी समर्थक अरवापल्ली में एकत्र हुए थे.
आपसी लड़ाई के पीछे क्या है पूरा मामला?
आरोप है कि जैसे ही उनका काफिला रवाना होने वाला था, विधायक मंडुला सैमुअल के समर्थकों ने उन्हें रोक लिया. इसके बाद दोनों गुटों के बीच तीखी बहस शुरू हुई, जो देखते ही देखते हिंसक झड़प में बदल गई. दोनों पक्षों ने एक-दूसरे पर लाठी-डंडों से हमला किया और जमकर पत्थरबाजी की.
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हिंसा में कई कांग्रेस कार्यकर्ता और कुछ पुलिसकर्मी भी घायल हो गए. मौके पर मौजूद कई वाहनों के शीशे टूट गए और उन्हें नुकसान पहुंचा. स्थिति बिगड़ने पर पुलिस ने लाठीचार्ज कर दोनों गुटों को अलग किया और हालात पर काबू पाया.
कांग्रेस के भीतर लंबे समय से चल रही गुटबाजी!
अविभाजित नलगोंडा जिले में कांग्रेस के भीतर गुटबाजी लंबे समय से चली आ रही है. राज्य में कांग्रेस सरकार बनने के बाद पूर्व मंत्री राम रेड्डी दामोदर रेड्डी और विधायक मंडुला सैमुअल के समर्थकों के बीच वर्चस्व की लड़ाई और तेज हो गई. अक्टूबर 2025 में दामोदर रेड्डी के निधन के बाद भी दोनों गुटों के बीच तनातनी जारी रही.
अब्दुल बशीर