तेलंगाना की राजधानी हैदराबाद के एक प्राइवेट स्कूल में एक हिंदू छात्र को कथित तौर पर 'इस्लामिक धार्मिक प्रैक्टिस' होमवर्क में दिए जाने के मामले में शिक्षिका सहित अन्य लोगों के खिलाफ एफआईआर दर्ज की गई है. पुलिस ने यह जानकारी दी. वहीं दूसरी ओर स्कूल के गेट को नुकसान पहुंचाकर परिसर में घुसने के आरोप में कथित बीजेपी कार्यकर्ताओं के खिलाफ भी अलग से केस दर्ज किया गया है.
पुलिस अधिकारी के मुताबिक, छात्र की बुआ की शिकायत पर शिक्षिका और अन्य के खिलाफ मामला दर्ज हुआ. एफआईआर बीएनएस की धारा 299 और जुवेनाइल जस्टिस एक्ट की धारा 75 के तहत दर्ज की गई है. यह मामला 16 जुलाई को सामने आने के बाद बड़ा विवाद बन गया.
केंद्रीय गृह राज्य मंत्री बंडी संजय कुमार, बीजेपी और वीएचपी ने इस पर कड़ी आपत्ति जताते हुए स्कूल के खिलाफ सख्त कार्रवाई की मांग की थी. विवाद बढ़ने के बाद स्कूल प्रबंधन ने शिक्षिका को नौकरी से निकाल दिया.
चारमीनार जोन की डीसीपी खरे किरण प्रभाकर ने बताया कि 15 जुलाई को शिक्षिका ने कक्षा दो के छात्रों को होमवर्क में सबको 'कलमा' पढ़ने के लिए कहा था.
उन्होंने बताया कि क्लास में मौजूद 25 छात्रों में से सिर्फ एक हिंदू छात्र है. उनके अनुसार, यह शिक्षा नीति और स्कूल की नीति दोनों का सीधा उल्लंघन था.
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छह साल के छात्र की बुआ ने स्कूल में शिक्षकों से इस मामले पर सवाल किया. उनका कहना था कि बच्चे की स्कूल डायरी में मुस्लिम धार्मिक मान्यताओं से जुड़ी सामग्री पढ़ने का निर्देश मिला.
उन्होंने दावा किया कि स्कूल प्रिंसिपल ने इसे सभी छात्रों के लिए अनिवार्य धार्मिक विषय बताया था. उन्होंने कहा कि ऐसा धार्मिक होमवर्क सिर्फ उन्हीं छात्रों को दिया जाना चाहिए जो इसे खुद चुनें. स्कूल प्रबंधन ने बीजेपी कार्यकर्ताओं के खिलाफ भी शिकायत दी, जिसके बाद प्रदर्शनकारियों को गिरफ्तार किया गया.
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