'BRS नेताओं को बेल्ट ट्रीटमेंट की जरूरत', तेलंगाना CM रेड्डी के बयान पर बवाल

तेलंगाना के मुख्यमंत्री ए रेवंत रेड्डी द्वारा भारत राष्ट्र समिति (BRS) के नेताओं के खिलाफ सिंचाई संकट को लेकर दिए गए एक विवादित बयान से राज्य में राजनीतिक युद्ध शुरू हो गया है. विपक्ष ने मुख्यमंत्री पर किसानों की चिंता दूर करने के बजाय भड़काऊ भाषा का इस्तेमाल करने का गंभीर आरोप लगाया है.

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तेलंगाना में सीएम रेवंत रेड्डी के बयान पर हंगामा. (File photo: ITG) तेलंगाना में सीएम रेवंत रेड्डी के बयान पर हंगामा. (File photo: ITG)

aajtak.in

  • नई दिल्ली,
  • 13 जुलाई 2026,
  • अपडेटेड 1:15 PM IST

तेलंगाना में मुख्यमंत्री ए रेवंत रेड्डी द्वारा राज्य के सिंचाई संकट को लेकर भारत राष्ट्र समिति (BRS) नेताओं के बारे में विवादास्पद टिप्पणी करने के बाद तीखी बयानबाजी शुरू हो गई है. विपक्ष ने उन पर किसानों की चिंताओं को दूर करने के बजाय भड़काऊ भाषा का इस्तेमाल करने का आरोप लगाया है.

दरअसल, ये विवाद तब शुरू हुआ जब एक पत्रकार ने मुख्यमंत्री से पूछा कि अगर सूखे जैसे हालात बने रहे और फसलों के लिए सिंचाई का पानी उपलब्ध नहीं हुआ तो किसान कैसे निपटेंगे. सवाल का जवाब देते हुए सीएम रेवंत रेड्डी ने विपक्षी BRS नेतृत्व पर निशाना साधा.

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'ये बेशर्म हैं'

मुख्यमंत्री ने कहा, 'उनसे (BRS नेता KTR और हरीश राव) कहो कि वो कालेश्वरम जाएं और पत्थर बांधकर पानी में कूद जाएं. इससे 'शनि' (बुरी किस्मत) टल जाएगी. उन्होंने पाप किए हैं और लोगों से झूठ बोलते हुए घूम रहे हैं. ये दुर्भाग्यपूर्ण है. KCR शर्मिंदा हैं और फार्महाउस में हैं. ये (KTR और हरीश राव) बेशर्म हैं. अगर आप उन्हें (BRS नेताओं को) काटकर उनका खून खेतों में बहा दें तो किसान अपनी फसल उगा सकेंगे. उनकी चर्बी और अहंकार ही फसलों के लिए काफी होगा.'

'उन्हें बेल्ट से इलाज की जरूरत'

रेड्डी ने आगे कहा, 'वो बहुत होशियार बन रहे हैं. उन्हें बेल्ट से इलाज की जरूरत है. अगर आप चाहें तो जाकर उन्हें देख सकते हैं या कुछ विशेषज्ञों को भेज सकते हैं. हम खर्च उठाएंगे. क्योंकि वे झूठ बोल रहे हैं.'

तेलंगाना में ये राजनीतिक लड़ाई कालेश्वरम लिफ्ट सिंचाई परियोजना से पानी छोड़ने को लेकर चल रही है. बीआरएस का दावा है कि सूखे के बावजूद पर्याप्त पानी उपलब्ध है, इसलिए कांग्रेस सरकार कन्नेपल्ली पंप हाउस से पानी छोड़े. इसके उलट कांग्रेस सरकार का कहना है कि वह नेशनल डैम सेफ्टी अथॉरिटी (NDSA) की सिफारिशों के अनुसार ही आगे बढ़ेंगे, जिसने सुरक्षा चिंताओं के कारण बैराजों में पानी जमा न करने की सलाह दी है. सिंचाई के मुद्दे को संभालने के अपने तरीके का बचाव करते हुए रेवंत रेड्डी ने कहा कि परियोजना को बहाल करने के प्रयास चल रहे हैं.

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BRS नेताओं ने जताई आपत्ति

मुख्यमंत्री के इस बयान पर बीआरएस विधायक टी हरीश राव ने कड़ी आपत्ति जताते हुए उनसे बिना शर्त माफी की मांग की है. हरीश राव ने मीडिया से कहा कि उन्होंने मुख्यमंत्री से किसानों के खेतों में पानी देने के लिए कहा था, लेकिन जवाब में रेवंत रेड्डी उनका खून बहाने की बात कर रहे हैं.

उन्होंने कहा कि क्या किसी संवैधानिक पद पर बैठे व्यक्ति को ऐसी भाषा शोभा देती है. हरीश राव ने कहा कि यदि पानी देने की कीमत उनका खून है तो वो किसानों के लिए वह भी देने को तैयार हैं.

KTR का पलटवार

BRS के कार्यकारी अध्यक्ष केटी रामा राव (KTR) ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर पलटवार करते हुए मुख्यमंत्री को 'खून का प्यासा राक्षस' कहा है. उन्होंने पूछा कि  क्या खून की आपकी प्यास अभी तक नहीं बुझी? क्या आपने 60 साल तक तेलंगाना को प्रताड़ित करके उसका खून नहीं पिया?

केटीआर ने कहा कि  उनकी पार्टी किसानों के लिए कोई भी कुर्बानी देने को तैयार है, लेकिन मांग की कि सरकार उनके खेतों को पानी दे.
उन्होंने कहा, 'हम आपको जितना चाहें उतना खून भेज देंगे... लेकिन आप किसानों को पानी दीजिए. हम ही वो लोग हैं, जिन्होंने राज्य के लिए तब तक लड़ाई लड़ी जब तक हमारी पसलियां नहीं टूट गईं. हम किसानों के लिए खून बहाने को तैयार हैं, चाहे कितना भी हो. हमने ही पानी के लिए संघर्ष की आग जलाई और आंदोलन किए.'  

BRS नेता ने आगे कहा, 'अगर कठोर कांग्रेस सरकार पानी के बदले खून मांगती है, तो हम अपना खून बहा देंगे. उन सूखे खेतों की प्यास बुझाओ जो आपकी खून की प्यास नहीं बुझा सकते.'

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