थलपति विजय को धुर विरोधी MK स्टालिन ने दी खुशखबरी, कहा- छह महीने सरकार को नहीं देंगे चुनौती

तमिलनाडु चुनाव में हार के बाद डीएमके अध्यक्ष एमके स्टालिन ने बड़ा दिल दिखाया है. उन्होंने एक समाचार पत्र से बातचीत में कहा कि वे नई टीवीके सरकार को छह महीने तक परेशान नहीं करेंगे. स्टालिन राज्य में संवैधानिक संकट नहीं चाहते और उम्मीद करते हैं कि नई सरकार जनहित की योजनाएं जारी रखेगी.

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स्टालिन ने दी विजय को खुशखबरी. (File photo: ITG) स्टालिन ने दी विजय को खुशखबरी. (File photo: ITG)

प्रमोद माधव

  • चेन्नई,
  • 07 मई 2026,
  • अपडेटेड 1:03 PM IST

टीवीके प्रमुख थलपति विजय को उनके धुर विरोधी और तमिलनाडु के पूर्व सीएम एमके स्टालिन ने खुशखबरी देते हुए ऐलान किया कि वह छह महीने तक टीवीके सरकार को कोई चुनौती नहीं देंगे, क्योंकि वह संवैधानिक संकट नहीं चाहते. इससे पहले कांग्रेस के समर्थन से टीवीके ने बहुमत का दावा किया था, जबकि एआईएडीएमके ने अपने विधायकों को पुडुचेरी शिफ्ट कर दिया है.

डीएमके प्रमुख एमके स्टालिन ने तमिलनाडु के एक अखबार को दिए इंटरव्यू में खुलासा किया कि हम राज्य में संवैधानिक संकट नहीं चाहते, टीवीके राज्य में सरकार बनाए और मैं चाहता हूं कि नई सरकार को सभी कल्याणकारी योजनाओं को बिना रुके जारी रखना चाहिए.

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'छह महीने नहीं देंगे चुनौती'

उन्होंने ये भी कहा कि वह छह महीने तक टीवीके सरकार को कोई भी चुनौती नहीं देंगे. साथ ही डीएमके ने आज पार्टी के नवनिर्वाचित विधायकों की महत्वपूर्ण बैठक बुलाई है. डीएमके प्रमुख के इस बयान ने डीएमके और एआईएडीएमके के साथ आने की अटकलों पर भी विराम लग गया है.

स्टालिन इसके इस बयान को थलपति विजय के लिए बड़ी खुशखबरी माना जा रहा है, क्योंकि विजय हाल ही में सक्रिय राजनीति में आए हैं और TVK पार्टी के जरिए सत्ता की दौड़ में शामिल हुए हैं.

TVK ने बुलाई बैठक

इस बीच तमिलगा वेट्री कझगम ने पनैयुर में अपने सभी विधायकों की अहम बैठक बुलाई है. बैठक में आगामी रणनीति, सरकार गठन और आगे की दिशा पर चर्चा होने की संभावना है.

TVK के पास 112 विधायकों का समर्थन

वहीं, कांग्रेस का समर्थन मिलने के बाद टीवीके प्रमुख विजय ने बुधवार शाम को राज्यपाल से मुलाकात कर सरकार बनाने का दावा पेश किया. सूत्रों के अनुसार, विजय ने अभी तक 118 विधायकों के समर्थन का पत्र जमा नहीं किया है. उन्होंने मौखिक रूप से कहा है कि उनके पास बहुमत के लिए जरूरी संख्या मौजूद है. जानकारी के मुताबिक TVK ने राज्यपाल को 107+5 यानी 112 विधायकों के हस्ताक्षर किया हुआ पत्र सौंपा था, लेकिन इस पर राज्यपाल ने कहा, 'कृपया 118 हस्ताक्षरों (बहुमत) के साथ वापस आएं.' इसके बाद TVK ने राज्यपाल से बहुमत के लिए कुछ वक्त मांगा है.

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AIADMK ने पुडुचेरी शिफ्ट किए विधायक

वहीं, राज्य में जारी राजनीतिक घटनाक्रम के बीच बुधवार को एआईएडीएमके ने अपने नवनिर्वाचित विधायकों को पुडुचेरी शिफ्ट कर दिया है. एआईएडीएमके का कहना है कि पार्टी के नवनिर्वाचित विधायकों को पड़ोसी राज्य पुडुचेरी ले जाया गया है.

एआईएडीएमके प्रवक्ता कोवई सत्यन ने पीटीआई से बात करते हुए कहा कि पार्टी के विधायकों को पुडुचेरी में ठहराया गया है. हालांकि, उन्होंने पुडुचेरी ले जाए गए विधायकों की संख्या के बारे में कोई विस्तृत जानकारी नहीं दी. साथ ही, उन्होंने उन्हें केंद्र शासित प्रदेश ले जाने के कारणों का भी खुलासा नहीं किया.

TVK ने जीतीं 108 सीटें

आपको बता दें कि हाल ही में संपन्न हुए तमिलनाडु विधानसभा चुनाव में टीवीके ने शानदार प्रदर्शन करते हुए सत्तारूढ़ डीएमके को सत्ता से बेदखल कर दिया. पहली बार चुनावी मैदान में उतरी विजय की पार्टी टीवीके 108 सीटें जीतकर सबसे बड़ी पार्टी बनकर उभरी है. हालांकि, सरकार बनाने के लिए 118 सीटों की जरूरत है.

उधर, डीएमके ने 59, एआईएडीएमके ने 47, कांग्रेस ने 5, पीएमके ने 4, आईयूएमएल ने 2, सीपीआई ने 2, सीपीआई-एम ने 2 और वीसीके ने 2 सीटें जीती हैं. जबकि बीजेपी, डीएमडीके और एएमएमके को 1-1 सीट मिली है.

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