सत्येंद्र जैन की जमानत अर्जी पर सुनवाई से SC का इनकार, दिल्ली हाई कोर्ट लेगा फैसला

सुप्रीम कोर्ट ने कहा कि सत्येंद्र जैन की याचिका में कोई दम नहीं दिखा, जिसमें उन्होंने दिल्ली हाई कोर्ट के आदेश को चुनौती दी है. पहले दिल्ली हाई कोर्ट को याचिका पर फैसला करने दें.

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आम आदमी पार्टी नेता सत्येंद्र जैन (फाइल फोटो) आम आदमी पार्टी नेता सत्येंद्र जैन (फाइल फोटो)

कनु सारदा

  • नई दिल्ली,
  • 25 जून 2024,
  • अपडेटेड 1:44 PM IST

सुप्रीम कोर्ट (Supreme Court) ने मनी लॉन्ड्रिंग मामले में मंगलवार को आम आदमी पार्टी (AAP) के नेता सत्येंद्र जैन की याचिका पर सुनवाई करने से इनकार कर दिया. याचिका में सत्येंद्र जैन की डिफॉल्ट जमानत से संबंधित याचिका को जुलाई तक के लिए टालने के दिल्ली हाई कोर्ट के आदेश को चुनौती दी गई थी. जस्टिस मनोज मिश्रा और जस्टिस एसवी एन भट्टी की बेंच ने सत्येंद्र जैन की डिफॉल्ट जमानत से संबंधित याचिका पर फैसला करने का काम दिल्ली हाई कोर्ट पर छोड़ दिया और कहा, "यह कहने की जरूरत नहीं है कि जमानत की प्रार्थना को अनावश्यक रूप से स्थगित नहीं किया जाना चाहिए."

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हालांकि, शीर्ष अदालत ने कहा कि सत्येंद्र जैन की याचिका में कोई दम नहीं दिखा, जिसमें उन्होंने दिल्ली हाई कोर्ट के आदेश को चुनौती दी है. अदालत ने कहा कि पहले दिल्ली हाई कोर्ट को याचिका पर फैसला करने दें, उसके बाद सुप्रीम कोर्ट की विशेषताओं में से एक उपाय है.

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दिल्ली हाई कोर्ट द्वारा 28 मई को सत्येंद्र कुमार जैन की डिफॉल्ट जमानत याचिका को 9 जुलाई तक स्थगित करने के बाद उन्होंने सुप्रीम कोर्ट का रुख किया है. हाई कोर्ट ने 28 मई को मनी लॉन्ड्रिंग मामले में AAP नेता सत्येंद्र कुमार जैन की डिफॉल्ट जमानत याचिका पर प्रवर्तन निदेशालय को नोटिस जारी किया. सत्येंद्र जैन ने दिल्ली की राउज एवेन्यू कोर्ट के 15 मई को पारित आदेश को चुनौती दी है, जिसमें उन्हें मामले में डिफॉल्ट जमानत देने से इनकार कर दिया गया था.

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मई 2022 में हुई थी गिरफ्तारी

कुछ दिन पहले ही सुप्रीम कोर्ट में अपनी दलील रखते हुए सत्येंद्र जैन ने कहा था, '2017 से मई 2022 तक सात अवसरों पर मुझे पूछताछ के लिए बुलाया गया. लेकिन कोई गिरफ्तारी नहीं हुई. मई 2022 में मुझे गिरफ्तार किया गया. मुझे गिरफ्तार करने की कोई वजह नहीं थी. मैं दिल्ली का स्थाई नागरिक हूं. कहीं भागने वाला नहीं हूं.'

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14 फरवरी 2017 से मई 2022 तक की डिटेल बताते हुए सिंघवी ने कहा कि तीन कंपनियों जिनमें मंगलायतन भी शामिल है उनको लेकर मुकदमा बनाया गया है. सिंघवी ने कहा कि वैभव और अंकुश जैन इन कम्पनियों में हैं. उनका मेरा कोई रिश्ता वहीं बस सरनेम एक है. जस्टिस त्रिवेदी ने कहा कि वो पार्टनर हैं.

क्या है पूरा मामला?

साल 2018 में ED ने इस मामले में सत्येंद्र जैन से पूछताछ की थी. दिल्ली के डिप्टी सीएम मनीष सिसोदिया ने 22 मई 2022 में उनकी गिरफ्तारी का विरोध भी किया था. इसके बाद 26 मई, 2023 को सत्येंद्र जैन को खराब स्वास्थ्य के आधार पर जमानत मिल गई थी. तबसे वह इलाज करा रहे हैं. AAP नेता के खिलाफ CBI ने 2017 में प्रिवेंशन ऑफ करप्शन एक्ट के तहत एफआईआर फाइल की थी. इस एफआईआर में सत्येंद्र जैन पर मनी लॉन्ड्रिंग का आरोप लगाया गया था. एफआईआर के मुताबिक मनी लॉन्ड्रिंग चार कंपनियों के जरिये की गई जो सीधा सत्येंद्र जैन से जुड़ी हैं. 

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