सेंट्रल तिब्बती एडमिनिस्ट्रेशन के प्रमुख सिक्योंग पेनपा त्सेरिंग ने मंगलवार को चीन पर तीखा तंज कसा है. उन्होंने कहा कि अब ये देखना होगा कि दलाई लामा अधिक समय तक जीवित रहते हैं या कम्युनिज्म ज्यादा समय तक टिकता है. उन्होंने ये बात चीन की उस सोच के जवाब में कही जिसमें चीन मानता है कि दलाई लामा के बाद तिब्बत का मुद्दा अपने आप खत्म हो जाएगा.
न्यूज एजेंसी पीटीआई के मुताबिक, कार्यक्रम के दौरान जब एक व्यक्ति ने पूछा कि चीन अगले दलाई लामा को खुद चुनने का दावा कर रहा है, तो पेम्पा त्सेरिंग ने स्पष्ट कहा कि चीन को ये अधिकार किसी ने नहीं दिया है. चीन हर चीज पर अपना नियंत्रण चाहता है और वो इस धार्मिक अधिकार को भी जबरन छीनने की कोशिश कर रहा है. उन्होंने मौजूदा 14वें दलाई लामा की किताब का जिक्र करते हुए याद दिलाया कि उनका उत्तराधिकारी किसी आजाद दुनिया में ही जन्म लेगा.
130 साल जीने का संकल्प
तिब्बती सरकार के प्रमुख ने बताया कि दलाई लामा लंबे समय तक, शायद 130 साल तक जीवित रहने के लिए पूरी तरह तैयार हैं. उन्होंने चीन को कड़ा संदेश देते हुए कहा कि जो लोग दलाई लामा के निधन का इंतजार कर रहे हैं, उन्हें ये समझ लेना चाहिए कि नए उत्तराधिकारी को चुनने की प्रक्रिया अभी शुरू नहीं होगी. ये प्रक्रिया तभी शुरू होगी जब दलाई लामा खुद इस दुनिया को छोड़ने के लिए तैयार होंगे. इसलिए अब मुकाबला इस बात का है कि दलाई लामा का जीवन लंबा चलता है या चीन की कम्युनिस्ट विचारधारा का अंत पहले होता है.
हिमाचल प्रदेश के धर्मशाला से चलने वाली तिब्बती सरकार के प्रमुख ने चीन की नीतियों की कड़ी आलोचना की. उन्होंने कहा कि चीन ने तिब्बत पर कब्जा तो कर लिया है, लेकिन उसने आज तक ऐसा कोई काम नहीं किया जिससे वे तिब्बत के लोगों का दिल और उनका भरोसा जीत सके. बता दें कि दलाई लामा धर्मशाला में ही रहते हैं और पिछले साल ही उन्होंने अपने जीवन के 90 वर्ष पूरे किए हैं.
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