2022 का श्रद्धा वालकर हत्याकांड शायद ही कोई भूला होगा. आरोप है कि लिव-इन पार्टनर आफताब अमीन पूनावाला ने श्रद्धा की हत्या कर शव के कई टुकड़े किए और उन्हें अलग-अलग जगह फेंक दिया. अब करीब चार साल बाद यह मामला फिर चर्चा में है, वजह है आफताब की पढ़ाई. जिस पर अपनी प्रेमिका की हत्या का आरोप है, वह तिहाड़ जेल में एमए (सोशियोलॉजी) कर रहा है. उसके एक आवेदन पर अदालत ने 20 जुलाई की सुनवाई टाल दी. आखिर ऐसा क्यों हुआ और अब केस कहां तक पहुंचा है?
दिल्ली की एक अदालत ने श्रद्धा वालकर हत्याकांड में 20 जुलाई को होने वाली सुनवाई टाल दी है. वजह यह है कि उसी दिन इस मामले के आरोपी आफताब अमीन पूनावाला का एमए (सोशियोलॉजी) का आखिरी पेपर है. अदालत में दाखिल आवेदन में आफताब ने कहा कि वह इंदिरा गांधी राष्ट्रीय मुक्त विश्वविद्यालय (IGNOU) से एमए (सोशियोलॉजी) कर रहा है. 20 जुलाई को दोपहर 2 बजे से 5 बजे तक उसका अंतिम पेपर तिहाड़ जेल के भीतर बने परीक्षा केंद्र में होना है. उसने अदालत से कहा कि उसी समय उसकी कोर्ट में पेशी भी तय है. इसलिए उसे 20 जुलाई को व्यक्तिगत रूप से पेश होने से छूट दी जाए.
इस पर अतिरिक्त सत्र न्यायाधीश हरगुरविंदर सिंह जग्गी ने उसकी अर्जी पर विचार किया और 8 जुलाई के आदेश में 20 जुलाई की कार्यवाही स्थगित कर दी. अदालत ने निर्देश दिया कि अब अभियोजन पक्ष के साक्ष्य 21 जुलाई से दोपहर 2 बजे दर्ज किए जाएंगे. 21 से 25 जुलाई तक पहले से तय बाकी तारीखें यथावत रहेंगी और अभियोजन पक्ष के साक्ष्य रिकॉर्ड किए जाएंगे. यानी सिर्फ एक दिन की सुनवाई आगे बढ़ी है.
क्या जेल में पढ़ाई करना संभव है?
यह सवाल कई लोगों के मन में आ सकता है कि जिस व्यक्ति पर इतने गंभीर आरोप हैं, वह जेल में पढ़ाई कैसे कर रहा है? दरअसल, आफताब अभी अंडरट्रायल कैदी है. यानी अदालत ने अभी उसे दोषी नहीं ठहराया है. भारतीय कानून और जेल नियमों के तहत अंडरट्रायल बंदियों को कुछ अधिकार मिलते हैं. इनमें शिक्षा जारी रखने का अधिकार भी शामिल है.
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इसी व्यवस्था के तहत IGNOU जैसी संस्थाएं तिहाड़ समेत कई जेलों में अध्ययन और परीक्षा की सुविधा देती हैं. यही कारण है कि आफताब जेल के भीतर बने परीक्षा केंद्र में अपनी एमए की परीक्षा दे रहा है.
श्रद्धा वालकर हत्याकांड का ट्रायल 2023 से चल रहा है. अभियोजन पक्ष के मुताबिक, अभी 8 गवाहों की गवाही बाकी है. 13 गवाहों की मुख्य गवाही आंशिक रूप से दर्ज हो चुकी है. 12 गवाहों की गवाही बाद के लिए स्थगित की गई थी. यानी मामला अभी भी साक्ष्य दर्ज होने के चरण में है.
क्या है श्रद्धा वालकर हत्याकांड?
अभियोजन का आरोप है कि मई 2022 में आफताब अमीन पूनावाला ने अपनी लिव-इन पार्टनर श्रद्धा वालकर की दिल्ली के महरौली स्थित फ्लैट में हत्या कर दी. आरोप है कि उसने पहले श्रद्धा का गला घोंटा, फिर शव के कई टुकड़े किए. इन टुकड़ों को फ्रिज में रखा और कई दिनों तक दिल्ली के अलग-अलग इलाकों में ले जाकर ठिकाने लगाया. यह मामला सामने आने के बाद पूरे देश में हड़कंप मच गया था.
शव के टुकड़ों को कई दिनों तक दिल्ली के अलग-अलग इलाकों, खासकर जंगल वाले क्षेत्रों में ले जाकर ठिकाने लगाया. इस मामले का खुलासा कई महीने बाद हुआ. पुलिस ने 12 नवंबर 2022 को आफताब को गिरफ्तार किया था, तब से वह न्यायिक हिरासत में है और उसके खिलाफ केस चल रहा है. इस बीच, श्रद्धा के पिता विकास वालकर, जिन्होंने अपनी बेटी के लिए न्याय की लड़ाई लड़ी, उनका 2025 में निधन हो गया. इस मामले में अदालत ने परीक्षा और सुनवाई के समय में टकराव होने पर सिर्फ एक दिन की तारीख बदली है. अब श्रद्धा वालकर हत्याकांड की सुनवाई 21 जुलाई से फिर शुरू होगी.
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