मोदी के दौरे से पहले शेख शाहजहां की गिरफ़्तारी का मतलब क्या है?

55 दिनों से सबकी नज़रों से दूर शाहजहां शेख पर आज पुलिस की नज़र पड़ी, वो भी संदेशखली में ही, कैसे हुई गिरफ़्तारी, कोर्ट में क्या हुआ और अब क्या राजनीतिक बवाल कटा है, वॉल्ट डिज़नी और रिलायांस के बीच करार हो गया है, डिज़नी की क्या मजबूरी थी जो उसे स्टार का साथ छोड़ना पड़ा, सांसदों की एक रिपोर्ट कार्ड आई है, कौन कितने दिन आया, किसने कितने सवाल पूछे, कौन रहा टॉप, सुनिए दिन भर में 'नितिन ठाकुर' के साथ.

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कुंदन कुमार

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  • 29 फरवरी 2024,
  • अपडेटेड 9:17 PM IST

5 दिन बाद शाहजहां शेख को आखिरकार आज पुलिस ने गिरफ़्तार कर लिया, आज बशीरहाट कोर्ट में उसकी पेशी भी हुई, जहां से उसे 10 दिनों की हिरासत में भेजा गया,  शाहजहां शेख पर कई संगीन आरोप हैं.  पुलिस ने उसे उत्तर 24 परगना से गिरफ़्तार किया, सफेद लिबास में कोर्ट पहुंचे तृणमूल कांग्रेस नेता मीडिया कैमरे के सामने विक्ट्री साइन बनाते दिखे. उधर पार्टी ने शाहजहां को 6 साल के लिए सस्पेंड कर दिया. भाजपा नेता सुवेन्दु अधिकारी ने शाहजहां शेख की तुलना छोटे दाउद से की है.

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गिरफ्तारी के तुरंत बाद शेख शाहजहां के वकील जमानत के लिए हाईकोर्ट पहुंचे, कोर्ट ने कहा उसे गिरफ्तार ही रहने दो अगले 10 साल तक ये आदमी आपको बहुत व्यस्त रखेगा. आखिर 55 दिनों बाद ये गिरफ़्तारी हुई कैसे, सुनिए 'दिन भर' में,

रिलायंस और डिज़नी का मर्ज़र

दुनिया की एक बड़ी मीडिया कंपनी है वॉल्ट डिज्नी, आपने इसकी कई फ़िल्में देखी होंगी, इसके इंडियन युनिट के मर्जर का ऐलान हुआ है रिलायंस इंडस्ट्रीज के साथ. इस मर्जर से से 70,000 करोड़ रुपये की एक नई मीडिया कंपनी बनाई जाएगी डील फ़ाइनल होने के बाद ये कंपनी भारतीय मीडिया और इंटरटेनमेंट सेक्टर की सबसे बड़ी कंपनी होगी। इसके पास कई भाषाओं में 100 से अधिक चैनल, दो ओटीटी प्लेटफॉर्म और देशभर में 75 करोड़ दर्शक होंगे. नीता अंबानी उस कंपनी की चेयरपर्सन होंगी और उदय शंकर वाइस चेयरपर्सन होंगे. माना जा रहा है कि सारे पेपर वर्क पूरे करने के बाद ये कंपनी इस साल के अंत तक या फिर अगले साल के पहले क्वाटर में शुरू हो जाएगी, वॉल्ट डिज़नी और रिलायंस इंडस्ट्रिज़ के बीच क्या डील हुई है, सुनिए 'दिन भर' में,

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सांसदों का रिपोर्ट कार्ड

वैसे तो पैरेंट्स बच्चों की रिपोर्ट कार्ड पर अक्सर डिस्कस करते है लेकिन एज़ अ वोटर क्या आपने कभी किसी को अपने सासंदों के रिपोर्ट कार्ड पर किसी को डिस्कसन करते देखा है, करनी चाहिए. 

संसद के काम काज पर नज़र रखने वाली एजेंसी पीआरएस लेजिस्लेटिव ने 17वीं लोकसभा के सांसदों की परफॉर्मेस को लेकर एक रिपोर्ट जारी किया है, जो ये बताती है कि पांच सालों में 143 सांसदो ने 729 प्राइवेट मेंबर बिल इंट्रोड्यूस किया लेकिन इनमें से कोई भी बिल संसद से पास नहीं हो सका. सवालों की बात करे तो 25 सांसदो ने 500 से ज्यादा तो 113 ने 300 से ज्यादा सवाल पूछे, वही 29 सांसद ऐसे भी रहे जिन्होंने एक भी सवाल नहीं पूछा, सुप्रिया सुले ने सबसे ज्यादा 629 सवाल पूछा, इस रिपोर्ट में मोटी-मोटी क्या बातें कही गई हैं, सुनिए 'दिन भर' में

 

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