'भारत ही समाप्त करा सकता है युद्ध', ईरान जंग पर बोले मोहन भागवत

राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के प्रमुख मोहन भागवत ने कहा है कि दुनिया विनाश की ओर बढ़ रही है और भारत का उत्थान हो रहा है. उन्होंने दुनिया को जड़ बताते हुए कहा कि सबको जोड़े रखने का तत्व केवल भारत के पास है.

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मोहन भागवत ने कहा- दुनिया मानती है जंगल का कानून (Photo: PTI) मोहन भागवत ने कहा- दुनिया मानती है जंगल का कानून (Photo: PTI)

योगेश पांडे

  • नागपुर,
  • 20 मार्च 2026,
  • अपडेटेड 1:11 PM IST

ईरान पर अमेरिका और इजरायल की ओर से किए गए हमले को 20 दिन बीत चुके हैं. पेट्रोल और डीजल के साथ ही गैस जैसी ऊर्जा जरूरतों को लेकर दुनिया में अस्थिरता की स्थिति उत्पन्न हो गई है. ईरान ने स्ट्रेट ऑफ होर्मुज से गुजरने वाले जहाजों से मोटा टोल वसूलने का प्लान बनाया है. इसे लेकर दुनियाभर के देशों में बेचैनी की स्थिति बन गई है.

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इन सबके बीच अब ताजा हालात पर राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ यानी आरएसएस के प्रमुख मोहन भागवत का बयान आया है. मोहन भागवत ने कहा है कि भारत का उत्थान हो रहा है. विश्व लड़खड़ा रहा है. उन्होंने जंग को लेकर कहा कि आज दुनिया विनाश की ओर बढ़ रही है. युद्ध को समाप्त भारत ही करा सकता है.

राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के प्रमुख मोहन भागवत नागपुर में विश्व हिंदू परिषद के विदर्भ प्रांत के कार्यालय का शिलान्यास करने के बाद कार्यक्रम को संबोधित कर रहे थे. उन्होंने कार्यक्रम में मौजूद स्वयंसेवकों को संबोधित करते हुए कहा कि सभी को जोड़ने वाला कोई तत्व किसी के पास नहीं है. संघ प्रमुख ने कहा कि सभी को जोड़ने वाला तत्व सिर्फ हमारे पास है. सारी परिस्थितियां हमारे पास हैं.

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उन्होंने कहा कि स्वार्थ की वजह से युद्ध हो रहे हैं. यह कलह वर्चस्व की है. मेरे यहां नहीं है तो वहां से लाऊंगा, इसके लिए वर्चस्व चाहिए. मोहन भागवत ने कहा कि न कलह बंद हुई, न कन्वर्जन बंद हुआ. ऊंच-नीच बंद नहीं हुआ. दुनिया आज विनाश की कगार पर जा रही है. उन्होंने विश्व को जड़ बताते हुए कहा कि जोड़े रखने की ताकत भारत के पास है.

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संघ प्रमुख मोहन भागवत ने कहा कि बिना शक्ति के कोई किसी को मानता नहीं है. उन्होंने कहा कि हम मनुष्य का कानून मानकर चलते हैं और बाकी दुनिया जंगल का कानून मानती है. हालांकि, मोहन भागवत ने अपने संबोधन में किसी देश या किसी दूसरे देश के नेता का नाम नहीं लिया.

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