दिल्ली-मुंबई एक्सप्रेस-वे का जायजा लेने आए केंद्रीय सड़क परिवहन मंत्री नितिन गडकरी की सुरक्षा की चूक का मामला सामने आया है. मंत्री के रतलाम जिले से गुजरते समय कुछ ग्रामीण 8 लेन पर बीच सड़क पर काफिले के सामने आए गए. उस समय गाड़ियों की स्पीड करीब 120 प्रति घंटा थी. इससे बड़ा हादसा होते बचा है. काफिले के सामने बीच सड़क पर लोगों के आने का वीडियो भी सामने आया है. इससे पुलिस व प्रशासन में हड़कंप मच गया.
काफिले के सामने आए लोग रतलाम जिले के शिवगढ़ थाना इलाका स्थित 8 लेन के आसपास रहने वाले ग्रामीण हैं. वे एक्सप्रेसवे से हो रही परेशानियों जैसे खेतों में जलजमाव आदि समस्याओं को लेकर केंद्रीय मंत्री गडकरी से मिलना चाहते थे. हालांकि कुछ स्थानों पर पहले से प्रशासन के अधिकारी पहुंच गए थे और ग्रामीणों की समस्याओं का ज्ञापन ले लिया था.
वीडियो में दिख रहे तीन लोग अचानक से 8 लेन के बीच काफिले के सामने आकर खड़े हो गए थे. आसपास और भी लोग थे. लेकिन वे वीडियो में नहीं दिखाई दे रहे हैं. अगर काफिले में जरा-सी भी चूक होती तो बड़ा हादसा हो सकता था. स्थानीय लोगों का 8 लेन के अधिकारियों के प्रति भी गुस्सा है. देखें VIDEO:-
बता दें कि केंद्रीय मंत्री नितिन गडकरी ने गुरुवार को दिल्ली-मुंबई एक्सप्रेसवे के मध्य प्रदेश वाले 245 किमी लंबे हिस्से का जायजा लिया. 1,350 किमी लंबे दिल्ली-मुंबई एक्सप्रेसवे का लगभग 245 किमी हिस्सा मध्य प्रदेश के मंदसौर, रतलाम और झाबुआ जिलों से होकर गुजरता है.
NHAI के क्षेत्रीय अधिकारी एनएल येओतकर ने एक न्यूज एजेंसी को बताया, "मध्य प्रदेश में एक्सप्रेसवे के सभी नौ पैकेज का काम पूरा हो चुका है. निरीक्षण के दौरान, केंद्रीय सड़क परिवहन और राजमार्ग मंत्री ने हर पहलू की व्यक्तिगत रूप से समीक्षा की और ज़मीनी हकीकत समझने के लिए अधिकारियों के साथ स्थिति पर चर्चा की."
येओतकर ने आगे बताया कि गडकरी ने आठ-लेन वाले एक्सप्रेसवे की व्यवस्थाओं पर संतोष व्यक्त किया और अधिकारियों को सड़क सुरक्षा, रखरखाव और अन्य मानकों का सख्ती से पालन सुनिश्चित करने का निर्देश भी दिया.
अधिकारियों ने बताया कि झाबुआ जिले में एक्सप्रेसवे के हिस्से का निरीक्षण करने के बाद गडकरी का काफिला इसी रास्ते से गुजरात में दाखिल हुआ.
अधिकारियों के अनुसार, एक बार एक्सप्रेसवे पूरी तरह से चालू हो जाने के बाद, दिल्ली से मुंबई की दूरी केवल 12 घंटे में तय की जा सकेगी, जबकि अभी इसमें 24 घंटे लगते हैं.
उन्होंने बताया कि आठ-लेन वाले दिल्ली-मुंबई एक्सप्रेसवे पर वाहन अधिकतम 120 किलोमीटर प्रति घंटे की गति से चल सकेंगे.
विजय मीणा