राहुल गांधी ने 'गद्दार दोस्त' कहा तो केंद्रीय मंत्री बिट्टू ने 'देश का दुश्मन', संसद के गेट पर भिड़ंत

कभी करीबी रहे रवनीत सिंह बिट्टू को देखकर राहुल गांधी ने तंज कसते हुए बिट्टू को "माय ट्रेटर फ्रेंड" (मेरा गद्दार दोस्त) कहकर संबोधित किया. इस टिप्पणी पर बिट्टू ने भी पलटवार किया और राहुल गांधी को "देश का दुश्मन" करार दिया.

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संसद के गेट पर राहुल गांधी और रवनीत सिंह बिट्टू ने एक दूसरे पर तंज कसा (Photo-ITG) संसद के गेट पर राहुल गांधी और रवनीत सिंह बिट्टू ने एक दूसरे पर तंज कसा (Photo-ITG)

मौसमी सिंह

  • नई दिल्ली,
  • 04 फरवरी 2026,
  • अपडेटेड 1:25 PM IST

संसद में आज एक अलग नजारा देखने को मिला जब संसद के मकर द्वार पर कांग्रेस सांसद हाथों में तख्तियां लेकर प्रदर्शन कर रहे थे तो राहुल गांधी और केंद्रीय मंत्री रवनीत सिंह बिट्टू का आमना-सामना हुआ और जुबानी जंग देखने को मिली.

जब केंद्रीय राज्य मंत्री रवनीत सिंह बिट्टू मकर द्वार पर प्रदर्शन कर रहे कांग्रेस सांसदों के पास से गुजर रहे थे, तब लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी ने कहा, 'यहां एक गद्दार जा रहा है. इसका चेहरा देखिए...'

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राहुल गांधी ने हाथ मिलाने की पेशकश करते हुए कहा, 'नमस्ते भाई, मेरे गद्दार दोस्त. चिंता मत करो, तुम वापस आ जाओगे (कांग्रेस में).' इस पर, 'देश के दुश्मन...' कहते हुए केंद्रीय राज्य मंत्री रवनीत सिंह बिट्टू ने हाथ मिलाने से इनकार कर दिया और फिर संसद के अंदर दाखिल हो गए.

 

कौन हैं बिट्टू
तीन बार कांग्रेस सांसद रह चुके रवनीत सिंह बिट्टू पहली बार 2009 में आनंदपुर साहिब से लोकसभा के लिए चुने गए थे. इसके बाद 2014 और 2019 में लुधियाना से जीते थे. खालिस्तान समर्थक कट्टरपंथी आवाजों के मुखर आलोचक माने जाने वाले बिट्टू 2024 में हुए लोकसभा चुनाव से पहले बीजेपी में शामिल हो गए.

इस चुनाव में वह लुधियाना से पंजाब कांग्रेस प्रमुख अमरिंदर सिंह राजा वारिंग से लगभग 20 हजार वोटों से हार गए. चुनाव हारने के बावजूद केंद्र सरकार में उन्हें मंत्री बनाया गया रेल तथा खाद्य प्रसंस्करण उद्योग राज्य मंत्री की जिम्मेदारी दी.

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बिट्टू महज 11 साल के थे जब उनके पिता का निधन हो गया. इसके बाद 20 साल की उम्र में उन्होंने अपने दादा और पंजाब के पूर्व मुख्यमंत्री बेअंत सिंह को भी खो दिया, जिनकी 31 अगस्त 1995 को चंडीगढ़ में खालिस्तान समर्थक आतंकवादियों ने हत्या कर दी थी. वर्ष 2007 में राहुल गांधी से मुलाकात के बाद बिट्टू ने राजनीति में कदम रखा.

यह भी पढ़ें: 'मेरी जान को खतरा, चंडीगढ़ पुलिस सुरक्षा नहीं दे रही', बेअंत सिंह हत्याकांड के मुख्य गवाह बलविंदर बिट्टू का आरोप

राहुल गांधी पर दिया था विवादित बयान

यह पहली बार नहीं जब बिट्टू और राहुल गांधी के बीच इस तरह की बयानबाजी चली हो. सितंबर 2024 में बिट्टू ने कांग्रेस नेता राहुल गांधी को लेकर तीखा और विवादास्पद बयान दिया था. बिट्टू ने राहुल गांधी पर सिख समुदाय को बांटने की कोशिश करने का आरोप लगाया और कहा कि सिख किसी भी राजनीतिक दल से बंधे नहीं हैं.

उन्होंने अमेरिका में सिखों को लेकर दिए गए राहुल गांधी के बयान पर प्रतिक्रिया देते हुए कहा था, 'राहुल गांधी ने सिखों को बांटने की कोशिश की है, सिख किसी पार्टी से जुड़ा नहीं है और यह चिंगारी लगाने की कोशिश है, राहुल गांधी देश के नंबर वन टेरेरिस्ट हैं.'

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