संसद में नारी शक्ति वंदन अधिनियम में बदलाव का प्रस्ताव और परिसीमन संशोधन पास नहीं हो सका. इसके बाद प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने शनिवार को देश की महिलाओं से माफी मांगी और कांग्रेस, DMK, TMC और समाजवादी पार्टी पर सीधा हमला बोला. उन्होंने कहा कि यह बिल तमिलनाडु से लेकर बंगाल तक, यूपी से लेकर केरल तक, हर राज्य के लिए फायदेमंद था. लेकिन विपक्ष की स्वार्थी राजनीति ने इसे रोक दिया.
PM ने अपने संबोधन में साफ कहा कि यह बिल किसी से कुछ छीनने के लिए नहीं था बल्कि सबको कुछ देने के लिए था. उन्होंने कहा कि तमिलनाडु, बंगाल, यूपी, केरल, हर राज्य की सीटें इससे बढ़ सकती थीं.
उन्होंने कहा कि DMK चाहती तो तमिलनाडु की आवाज और मजबूत हो सकती थी. TMC चाहती तो बंगाल को फायदा मिल सकता था. समाजवादी पार्टी अपनी महिला विरोधी छवि सुधार सकती थी. लेकिन इन सबने अपने ही राज्यों के लोगों को धोखा दिया.
विपक्ष पर क्या आरोप लगाए?
PM मोदी ने कहा कि जब नारी हित का प्रस्ताव गिरा तो कांग्रेस, DMK, TMC और सपा जैसी पार्टियां खुशी से तालियां बजा रही थीं. उन्होंने कहा कि यह सिर्फ मेज थपथपाना नहीं था, यह महिलाओं की इज्जत और आत्मसम्मान पर सीधी चोट थी.
उन्होंने इन पार्टियों को परिवारवादी पार्टियां कहा और बताया कि इनका असली डर यह है कि अगर महिलाएं सशक्त हो गईं तो इनका वर्चस्व खत्म हो जाएगा. ये नहीं चाहते कि इनके परिवार के बाहर की महिलाएं आगे बढ़ें.
परिसीमन पर झूठ फैलाने का आरोप
PM मोदी ने कहा कि कांग्रेस और उसके साथी दल परिसीमन पर लगातार झूठ फैला रहे हैं. यह झूठ फैलाया गया कि परिसीमन से कुछ राज्यों को नुकसान होगा. जबकि सरकार ने बार-बार साफ किया कि न किसी राज्य की हिस्सेदारी कम होगी और न ही संसद में उनका प्रतिनिधित्व घटेगा. बल्कि सभी राज्यों की सीटें एक जैसे अनुपात में बढ़ेंगी.
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उन्होंने कहा कि यह कांग्रेस की पुरानी आदत है, बांटो और राज करो की राजनीति. यही अंग्रेजों की विरासत है जिसे कांग्रेस आज भी अपनाती है.
कांग्रेस पर सबसे कड़ा हमला
PM ने कहा कि कांग्रेस हमेशा से महिला आरक्षण के खिलाफ रही है. जब भी इस तरह का प्रयास हुआ, कांग्रेस ने हर बार रोड़ा अटकाया. इस बार भी नए-नए बहाने बनाए, कभी संख्या का मुद्दा उठाया, कभी तकनीकी पेच फंसाया.
उन्होंने कहा कि कांग्रेस एक एंटी-रिफॉर्म यानी सुधार विरोधी पार्टी है. जनधन, आधार, डिजिटल पेमेंट, GST, तीन तलाक कानून, आर्टिकल 370 हटाना, हर जरूरी बदलाव का कांग्रेस ने विरोध किया. अब महिला आरक्षण का भी विरोध किया.
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