रेप के मामलों में पीड़िता को मिलेगा जल्द न्याय, बनेंगे 1023 फास्ट ट्रैक कोर्ट, कैबिनेट की मंजूरी

केंद्रीय कैबिनेट ने रेप के मामलों में पीड़िता और नाबालिग बच्चियों को न्याय दिलाने के लिए जल्द से जल्द 1023 फास्ट ट्रैक कोर्ट स्थापित करने का फैसला किया है. इस योजना पर केंद्र सरकार 1,586 करोड़ रुपये खर्च करेगी.

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प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी (फाइल फोटो-PTI) प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी (फाइल फोटो-PTI)

हिमांशु मिश्रा

  • नई दिल्ली,
  • 04 अगस्त 2021,
  • अपडेटेड 5:38 PM IST
  • देश में बड़ी संख्या में स्थापित होंगे फास्ट ट्रैक कोर्ट
  • पॉक्सो कोर्ट की भी बढ़ाई जाएगी संख्या
  • पीड़ित महिलाओं-बच्चियों को मिलेगा जल्द न्याय

देश में बलात्कार पीड़ित महिलाओं और नाबालिग बच्चियों को फास्ट ट्रैक कोर्ट के जरिए शीघ्र न्याय दिलाने की दिशा में नरेंद्र मोदी सरकार की कैबिनेट ने अहम फैसला लिया है. केंद्रीय कैबिनेट ने 1023 फास्ट ट्रैक कोर्ट स्थापित करने की योजना को अपनी मंजूरी दे दी है. इस योजना के तहत केंद्र सरकार बड़ी संख्या में फास्ट ट्रैक कोर्ट स्थापित करेगी.

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केंद्रीय मंत्री अनुराग ठाकुर ने कहा है कि नाबालिग बच्चियों और महिलाओं को रेप के मामलों में न्याय दिलाने के लिए 1,023 फास्ट ट्रैक कोर्ट चलाए जाएंगे. इस योजना में कुल 1,586 करोड़ रुपये खर्च होंगे, जिसे 31 मार्च 2023 तक जारी रखा जाएगा. अगले दो वर्षों में तेज गति से फास्ट ट्रैक कोर्ट का निर्माण किया जाएगा.

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की अध्यक्षता में हुई बुधवार की अहम बैठक में केंद्रीय कैबिनेट ने कई महत्वपूर्ण निर्णय लिए हैं. केंद्रीय मंत्री अनुराग ठाकुर ने यह भी कहा है कि नाबालिग बच्चियों से होने वाले यौन अपराधों में जल्द न्याय दिलाने के लिए इन फास्ट ट्रैक कोर्ट्स में से, 389 पॉक्सो ( Protection of Children from Sexual Offences act) कोर्ट हैं.

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जल्द से जल्द मिलेगा पीड़िताओं को इंसाफ

केंद्र सरकार ने साफ किया है कि इन फास्ट ट्रैक कोर्ट्स पर होने वाले खर्चों में 971 करोड़ रुपये के करीब केंद्र सरकार वहन करेगी, वहीं 601.16 करोड़ रुपये राज्य सरकारों को वहन करना होगा. केंद्रीय मंत्री ने कहा कि इस योजना को जब 2019 में लॉन्च किया गया था, तब सरकार की यही मानसिकता थी कि यौन अपराधों की शिकार महिलाओं और बच्चियों को जल्द से जल्द न्याय मिल सके. उसके लिए कई अदालतें शुरू की गई थीं.

मार्च 2023 तक जारी रहेगी योजना

2018 में क्रिमिनल लॉ एमेंडमेंट एक्ट में संशोधन कर यौन अपराधों के जघन्य मामलों में दोषियों के मृत्युदंड तक की व्यवस्था की गई थी. फास्ट ट्रैक की यह योजना मार्च 2023 तक जारी रहेगी. केंद्र सरकार की इस पहल से पीड़िताओं को जल्द से जल्द इंसाफ मिल सकेगा.

समग्र शिक्षा अभियान पर केंद्र का होगा फोकस

वहीं स्कूल शिक्षा की गुणवत्ता में सुधार के लिए समग्र शिक्षा योजना पर सरकार विशेष बल देगी. समग्र शिक्षा अभियान पर लगभग 3 लाख करोड़ रुपये 2026 तक खर्च किए जाएंगी. तीन साल के बच्चों को भी खेल से जोड़ा जाएगा. सर्व शिक्षा अभियान को भी इसमें जोड़ा गया है. इस योजना से करीब 15.6 करोड़ छात्रों को भी फायदा पहुंचेगा. पहली बार प्ले स्कूल की भी परिकल्पना इस योजना में की गई है. बच्चों की सुरक्षा को इसमें शामिल किया गया है.

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खेल, बैगलेस स्कूल पर केंद्र करेगा काम

समग्र शिक्षा अभियान योजना में बच्चों को ट्रांसपोर्टेशन के लिए भी इंसेटिव दिया जाएगा. स्कूल में खेल को बढ़ावा देने के लिए अतिरिक्त ग्रांट दिया जाएगा. बैगलेस स्कूल पर भी योजना के तहत काम किया जाएगा. कस्तूरबा गांधी बालिका विद्यालय को 12वीं तक किया जाएगा. रानी लक्ष्मीबाई आत्म रक्षा प्रशिक्षण को 3 हजार से 5 हजार किया जाएगा. 

इंटरनेट योजना पर भी होगा काम 

पढ़ाई और कमाई स्किल और स्कूल को बढ़ावा दिया जाएगा. 6 से 12वीं तक के बच्चों को एक्सपोजर दिया जाएगा. साथ ही गांवों तक इंटरनेट की योजना पहुंचाई जाएगी. गांव में भी इंटरनेट का फायदा पहुंचेगा, जिससे स्मार्ट क्लास रूम और डिजिटिल बोर्ड को बढ़ावा मिले.
 

 

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