'मोहल्ले का ट्यूटर बॉय... 2 साल पहले अचानक हो गया गायब', ललित झा के बारे में पिता और पड़ोसी ने क्या-क्या बताया

Parliament Security Breach: संसद कांड के मास्टरमाइंड ललित झा की फैमिली सदमे में है. ललित के पिता और भाई ने कहा कि हम कभी सोच भी नहीं सकते थे कि ललित ऐसा काम कर सकता है. मीडिया में उसकी तस्वीरें देखकर हम हैरान हैं. वहीं ललित के पड़ोसियों ने कहा कि ललित हमेशा रिजर्व नेचर का रहा है. वह लोगों से बहुत कम सोशल रहता था.

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संसद में सेंध लगाने का आरोपी ललित झा. संसद में सेंध लगाने का आरोपी ललित झा.

aajtak.in

  • कोलकाता/दरभंगा,
  • 16 दिसंबर 2023,
  • अपडेटेड 10:21 AM IST

संसद की सुरक्षा में सेंध लगाने के मास्टरमाइंड ललित मोहन झा के बड़े भाई शंभू झा ने कहा कि इस घटना में ललित की संलिप्तता पर पूरा परिवार हैरान है. हमें यकीन नहीं हो रहा कि वो ऐसा कर सकता है. बता दें कि ललित गुरुवार की शाम महेश नाम के व्यक्ति के साथ नई दिल्ली के एक थाने में पहुंचा था, जहां उसे पुलिस ने गिरफ्तार कर स्पेशल सेल को सौंप दिया था.

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बता दें कि बुधवार को साल 2001 में संसद पर हुए आतंकवादी हमले की बरसी पर दो लोग शून्यकाल के दौरान विजिटर गैलरी से लोकसभा कक्ष में कूद गए थे. इस दौरान दोनों आरोपियों ने कनस्तरों से पीले रंग का धुआं छोड़ा और नारेबाजी की थी. उसी दौरान सांसदों ने दोनों आरोपियों को पकड़ लिया था.

ललित के भाई शंभू झा ने कहा कि हमें नहीं पता कि ललित इस सब में कैसे शामिल हुआ. वह हमेशा इन सब चीजों से दूर रहता था. वह बचपन से ही शांत स्वभाव वाला और अंतर्मुखी रहा है. वह टीचर होने के अलावा गैर सरकारी संगठनों से जुड़ा था, यह तो हमें पता था. शंभू ने कहा कि इस घटना के बाद टेलीविजन चैनलों पर उसकी तस्वीरें देखकर हम हैरान हैं.

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बुधवार रात से शंभू के पास लगातार कॉल्स आ रहे हैं. पुलिस के साथ ही रिश्तेदार ललित के बारे में पूछताछ कर रहे हैं. शंभू ने कहा कि हमने ललित को आखिरी बार 10 दिसंबर को देखा था. उस समय मैं गृहनगर बिहार के लिए निकला था. तब ललित सियालदह स्टेशन पर हमें छोड़ने आया था. इसके अगले दिन ललित ने हमें फोन किया और कहा कि किसी काम से दिल्ली जा रहा हूं. उसके बाद से हमारी उससे कोई बात नहीं हुई.

ललित के पिता बोले- मुझे नहीं पता कि ये कैसे हो गया

वहीं बिहार के दरभंगा में ललित झा के पिता देवानंद ने मीडिया से बात करते कहा कि मैं कभी सोच भी नहीं सकता था कि मेरा बेटा ऐसी घटना में शामिल होगा. उन्होंने कहा कि मुझे नहीं पता यह कैसे हुआ. ललित का नाम पहले कभी किसी भी आपराधिक मामले में नहीं रहा है. वह बचपन से ही अच्छा स्टूडेंट रहा है.

ललित के पिता ने कहा कि हम पिछले 50 साल से कोलकाता में रह रहे हैं, लेकिन छठ पूजा के मौके पर हम अपने पैतृक गांव दरभंगा के रामपुर उदय में जाते हैं. इस साल हम समय पर अपने गांव नहीं आ सके. इसके बाद हम 10 दिसंबर को कोलकाता से दरभंगा के लिए ट्रेन में चढ़े, लेकिन ललित हमारे साथ नहीं आया था.

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मीडिया में तस्वीरें देख ललित के पड़ोसी हैरान, कही ये बात

वहीं जब ललित के पड़ोसियों ने टेलीविजन पर उसकी तस्वीरें देखीं तो वे हैरान रह गए. पड़ोसियों ने कहा कि ललित हमेशा रिजर्व नेचर का रहा है. वह कोलकाता के बड़ाबाजार में लोगों के साथ बहुत कम जुड़ा रहा है. शहर के बुर्राबाजार इलाके में रवीन्द्र सारणी में चाय की दुकान चलाने वाले पापुन शॉ ने कहा कि ललित एक टीचर रहा है. वह दो साल पहले से यहां नजर नहीं आया.

पॉपुन शॉ ने कहा कि ललित की पहचान एक टीचर के रूप में रही है. वह यहां स्थानीय छात्रों को पढ़ाता था. कुछ साल पहले ललित यहां अकेले रह रहा था. वह स्थानीय लोगों के साथ कम बातचीत करता था. कभी-कभी वह मेरी दुकान पर चाय पीने आता था. दो साल पहले ये इलाका छोड़ दिया, इसके बाद कभी नहीं लौटकर आया.

बिहार के दरभंगा का रहने वाला है ललित, पुलिस ने घर पहुंचकर की पूछताछ

संसद की सुरक्षा में सेंध लगाने के आरोपी ललित झा बिहार के दरभंगा का रहने वाला है. दरभंगा पुलिस ललित झा के पैतृक गांव रामपुर उदय पहुंची और जांच पड़ताल की. दरभंगा के एसएसपी अवकाश कुमार ने यह जानकारी दी. ललित झा के पिता देवानंद झा और मां मंजुला झा ने बेटे को निर्दोष बताया है. उन्होंने कहा कि हमें घटना की जानकारी कल दूसरे लोगों से मिली है.

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पूछताछ करने के साथ ही पुलिस ने घर की तलाशी भी ली

दरभंगा पुलिस जब ललित झा के घर पहुंची, तब घर में ललित के पिता और मां के आलावा एक भाई मौजूद था. दरभंगा पुलिस ने परिवार के लोगों से कई घंटे तक पूछताछ की और ललित की गतिविधियों की पूरी जानकारी ली, इसी के साथ घर की तलाशी भी ली. हालांकि तलाशी और पूछताछ में क्या निकलकर सामने आया, इसकी जानकारी पुलिस ने साझा नहीं की है.

'वह निर्दोष है, उसने कई बार लोगों की जान बचाने के लिए ब्लड डोनेट किया है'

ललित झा के माता पिता बेटे को निर्दोष बताते हुए कहा कि उन्हें बेटे पर पूरा विश्वास है कि वह ऐसी घटना में शामिल नहीं हो सकता. वह पढ़ने पढ़ाने का काम करता है. ललित की मां मंजुला झा ने बताया की उनका बेटा सोना है, वह कोई गंदा काम किसी कीमत पर नहीं कर सकता है. कई बार लोगों की जान बचाने के लिए उसने ब्लड डोनेट किया है. कैसे यह सब हुआ, कुछ पता नहीं है. बेटा निर्दोष है, उसे बचाने के लिए अदालत का भी दरवाजा खटखटाएंगे.

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