देश में सुरक्षित और आरामदायक रेल यात्रा के दावों के बीच गरीब रथ एक्सप्रेस के एसी कोच में एक महिला को कथित सर्पदंश की आशंका ने रेलवे की सुरक्षा और रखरखाव व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं. घटना के बाद यात्रियों में दहशत का माहौल है. लोग सवाल उठा रहे हैं कि यदि AC कोच तक विषैले जीव पहुंच सकते हैं, तो यात्रियों की सुरक्षा की जिम्मेदारी आखिर किसकी है.
मेदिनीनगर शहर थाना क्षेत्र के बैरिया निवासी रिमझिम सिंह 3 जुलाई की रात डालटनगंज से नई दिल्ली जाने के लिए गरीब रथ एक्सप्रेस की जी-12 बोगी में सवार हुई थीं. ट्रेन खुलने के करीब 15 मिनट बाद उन्हें अचानक तेज पसीना आने लगा, घबराहट महसूस हुई और पैर में असहनीय दर्द शुरू हो गया.
प्राथमिक जांच में ट्रेन में मौजूद चिकित्सक ने भी सर्पदंश की आशंका जताई. इसके बाद गढ़वा रोड जंक्शन पर महिला और उनके बच्चों को ट्रेन से उतार दिया गया. महिला कुछ समय तक स्टेशन पर ही रही. सूचना मिलने पर परिजन वहां पहुंचे और उन्हें गढ़वा सदर अस्पताल ले गए, जहां प्राथमिक उपचार के बाद बेहतर इलाज के लिए रेफर कर दिया गया.
वर्तमान में रिमझिम सिंह मेदिनीनगर के एक निजी अस्पताल में भर्ती हैं. देखें VIDEO:-
चिकित्सकों के अनुसार उनकी हालत में सुधार हो रहा है. इस घटना के बाद रेलवे की कोच मेंटेनेंस, साफ-सफाई और पेस्ट कंट्रोल व्यवस्था पर सवाल उठने लगे हैं.
यात्रियों का कहना है कि यदि रेलवे नियमित निरीक्षण, सफाई और फ्यूमिगेशन के दावे करता है, तो एसी कोच में विषैले जीव के पहुंचने की आशंका कैसे बनी.
यात्रियों ने पूरे मामले की स्वतंत्र जांच कराने, संबंधित कोच की तकनीकी और सुरक्षा जांच करने, साफ-सफाई एवं पेस्ट कंट्रोल व्यवस्था की समीक्षा करने तथा लापरवाही पाए जाने पर जिम्मेदार अधिकारियों के खिलाफ कार्रवाई की मांग की है.
करुणा करण