तिरंगे के रंगों वाला रिबन काटने से CM उमर अब्दुल्ला का इनकार, VIDEO वायरल

कश्मीर हाट में एक उद्घाटन समारोह के दौरान जम्मू-कश्मीर के मुख्यमंत्री उमर अब्दुल्ला ने तिरंगे के रंगों वाले रिबन को काटने से इनकार कर दिया. उन्होंने रिबन को सम्मानपूर्वक मोड़ने का निर्देश दिया. यह वीडियो सोशल मीडिया पर जमकर वायरल हो रहा है.

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कश्मीर हाट में दिखा राष्ट्रध्वज के प्रति सम्मान, मुख्यमंत्री उमर अब्दुल्ला की जमकर तारीफ. (Photo: ITG) कश्मीर हाट में दिखा राष्ट्रध्वज के प्रति सम्मान, मुख्यमंत्री उमर अब्दुल्ला की जमकर तारीफ. (Photo: ITG)

मीर फरीद

  • श्रीनगर,
  • 15 अप्रैल 2026,
  • अपडेटेड 4:25 PM IST

जम्मू-कश्मीर के मुख्यमंत्री उमर अब्दुल्ला का एक वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है. इसमें वो तिरंगे के रंगों वाले रिबन को काटने से इनकार करते नजर आ रहे हैं. यह घटना श्रीनगर के कश्मीर हाट में आयोजित एक समारोह की है. उनके इस कदम की जमकर सराहना हो रही है.

दरअसल, कार्यक्रम के दौरान उद्घाटन के लिए जो रिबन लगाया गया था, उसमें भारतीय राष्ट्रीय ध्वज के तीनों रंग शामिल थे. जैसे ही रिबन काटने का समय आया, उमर अब्दुल्ला ने तुरंत आपत्ति जताई. उन्होंने अधिकारियों से साफ कहा कि तिरंगे के रंगों वाले रिबन को काटना उचित नहीं है. 

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इसके बजाय उन्होंने सुझाव दिया कि रिबन को खोला जाए और सम्मानपूर्वक मोड़ दिया जाए. उनका यह संवेदनशील और प्रतीकात्मक कदम लोगों को काफी पसंद आया. सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म्स पर यूजर्स इसे अपने देश के राष्ट्रध्वज तिरंगा के प्रति सम्मान का बेहतरीन उदाहरण बता रहे हैं.

देखिए वायरल वीडियो... 

इसी दिन मुख्यमंत्री उमर अब्दुल्ला ने श्रीनगर में एक और अहम कार्यक्रम में हिस्सा लिया. उन्होंने जम्मू और कश्मीर लाइट इन्फैंट्री (JAKLI) सेंटर में नवीनीकृत युद्ध स्मारक का अनावरण किया. यह कार्यक्रम रेजिमेंट के 78वें स्थापना दिवस के मौके पर आयोजित किया गया था.

श्रीनगर के पुराने हवाई अड्डे के पास रंगरेथ स्थित इस रेजिमेंटल सेंटर का ऐतिहासिक महत्व भी है. जम्मू और कश्मीर लाइट इन्फैंट्री की स्थापना 15 अप्रैल 1948 को हफ्त चिनार में हुई थी. साल 1993 में इसे रंगरेथ स्थानांतरित कर दिया गया. इसे भारतीय सेना के प्रमुख प्रशिक्षण केंद्रों में गिना जाता है.

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अनावरण समारोह के बाद मुख्यमंत्री ने रेजिमेंट के योगदान की सराहना की है. उन्होंने कहा कि यह उनके लिए गर्व की बात है कि उन्हें इस स्मारक को राष्ट्र को समर्पित करने का अवसर मिला. इसके साथ ही उन्होंने जवानों की सुरक्षा और उनके निरंतर उत्कृष्ट कार्य के लिए प्रार्थना भी की है.

JAKLI सेंटर अपने कठोर प्रशिक्षण कार्यक्रम के लिए जाना जाता है. यहां नए रंगरूटों को करीब नौ महीने तक गहन प्रशिक्षण दिया जाता है. इसमें फील्ड क्राफ्ट, हथियार संचालन और शारीरिक क्षमता को मजबूत करने पर विशेष ध्यान दिया जाता है. फिलहाल उमर अब्दुल्ला को लेकर सकारात्मक चर्चा है.

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