बुक vs बुक पर बढ़ी रार... चेयर पर फिर फेंके कागज, पक्ष-विपक्ष के MP स्पीकर के दफ्तर में भी भिड़े

लोकसभा में किताब बनाम किताब की भेंट कार्यवाही चढ़ गई. निशिकांत दुबे ने सदन में एक के बाद एक किताबें दिखाते हुए नेहरू गांधी परिवार को कठघरे में खड़ा किया. इस दौरान विपक्षी सदस्यों ने चेयर पर कागज भी फेंके. पक्ष-विपक्ष के सांसदों के बीच स्पीकर के चैंबर में भी तीखी तकरार हुई.

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निशिकांत दुबे ने सदन में दिखाईं एक के बाद एक किताबें (Photo: Screenshot) निशिकांत दुबे ने सदन में दिखाईं एक के बाद एक किताबें (Photo: Screenshot)

aajtak.in

  • नई दिल्ली,
  • 04 फरवरी 2026,
  • अपडेटेड 6:02 PM IST

संसद के चालू बजट सत्र के दौरान लोकसभा में गतिरोध बढ़ता नजर आ रहा है. विपक्ष के नेता राहुल गांधी के दो दिन तक ही नरवणे मेमोयर पर अटके रहने के बाद पीठासीन ने अगले वक्ताओं का रुख कर लिया था. लोकसभा में आज राष्ट्रपति के अभिभाषण पर धन्यवाद प्रस्ताव पर चर्चा हंगामे के बीच ही शुरू हुई. हंगामे के बीच ही टीडीपी के सांसद जीएम हरीश बालयोगी ने अपनी स्पीच पूरी की, लेकिन अगले वक्ता निशिकांत दुबे ने जब बोलना शुरू किया, हंगामा इतना बढ़ा कि सदन की कार्यवाही शाम पांच बजे तक के लिए स्थगित करनी पड़ गई.

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दरअसल, निशिकांत दुबे सदन में कुछ किताबें लेकर पहुंचे थे और एक-एक कर किताबों की प्रतियां दिखाते हुए सदन में संदर्भ बताना शुरू कर दिया. उन्होंने कहा कि पिछले तीन दिनों से सदन में एक ऐसी किताब की चर्चा हो रही है, जो प्रकाशित ही नहीं हुई है. आज मैं भी कुछ किताबें लेकर आया हूं. निशिकांत दुबे ने कहा कि सदन को उन किताबों के बारे में बताना चाहता हूं, जो नेहरु परिवार और कांग्रेस परिवार के मक्कारी, गद्दारी, भ्रष्टाचार और अय्याशियों से भरी हुई है

उन्होंने एक-एक कर किताबें निकालने शुरू कीं. निशिकांत दुबे ने कहा कि पहली किताब है 'एडविना एंड नेहरू', भारत जब स्वतंत्र हुआ और उस समय किस तरह से भारत के प्रधानमंत्री अय्याशी कर रहे थे, ये इस किताब में लिखा है. उन्होंने आगे कहा कि दूसरी किताब मथाई साहब की है,जो पंडित नेहरू के पीए थे. वह बता रहे है की इंदिरा गांधी के साथ उनके व्यक्तिगत संबंध थे और उनको भ्रष्टाचार के आरोप में हटाया.

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इस पर विपक्ष का हंगामा और तेज हो गया. इस पर पीठासीन कृष्णा प्रसाद तेन्नेटी ने निशिकांत दुबे को रोकते हुए कहा कि रूल 349 में आप ऐसा नहीं कर सकते, कल स्पीकर सर ने रूलिंग दे दिया था. पीठासीन ने कहा कि मैं आपको इसके लिए अनुमति नहीं दे सकता. स्पीकर के रोकने के बाद भी निशिकांत दुबे ने अपनी बात जारी रखी. उन्होंने कहा कि संजय बारू कि किताब है कि सोनिया गांधी ने किस तरह से भ्रष्टाचार के साथ सरकार चलाई.

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निशिकांत दुबे ने आगे कहा कि इंदिरा गांधी को लेकर ये किताब है, जिसमें यह बताया गया है कि धीरेंद्र ब्रह्मचारी के साथ उनके किस तरह के संबंध थे, डिफेंस डीलर के साथ क्या संबंध थे. उन्होंने एक और किताब दिखाते हुए कहा कि इसमें यह बताया गया है कि किस तरह से नेहरू ने चीन को जमीन दे दी. इमरजेंसी की किताब है, बोफोर्स की कहानी है. निशिकांत दुबे ने कहा कि एक्सीडेंटल प्राइम मिनिस्टर किताब बताती है कि आदर्शों को किस तरह से बाहर भेज दिया गया. 

विपक्षी सदस्यों ने आसन पर फेंके कागज

निशिकांत दुबे की स्पीच के दौरान विपक्षी सदस्यों ने आसन पर कागज उछाले. हाउस को ऑर्डर में न देख पीठासीन कृष्णा प्रसाद तेन्नेटी ने सदन की कार्यवाही शाम पांच बजे तक के लिए स्थगित कर दी. सदन की कार्यवाही स्थगित होने के बाद विपक्ष के कुछ सदस्य स्पीकर से मिलने उनके चैंबर में पहुंचे. विपक्षी सदस्यों ने राहुल गांधी को रोके जाने और निशिकांत दुबे को अनुमति दिए जाने पर आपत्ति की.

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स्पीकर के चैंबर में हुई तीखी नोकझोंक

स्पीकर ओम बिरला की केबिन में विपक्ष और सत्तापक्ष के सांसदों में तीखी नोकझोंक हुई. स्पीकर ओम बिरला ने गतिरोध दूर करने की कोशिश की, लेकिन ऐसा हो न सका. शाम पांच बजे जब लोकसभा की कार्यवाही शुरू हुई, पीठासीन संध्या राय ने धन्यवाद प्रस्ताव पर चर्चा आगे बढ़ाते हुए पीपी चौधरी ने बोलना शुरू ही किया था कि विपक्षी सदस्य तेजी से वेल में आ गए, पोस्टर लहराए और सत्तापक्ष की तरफ भी बढ़े. पीठासीन संध्या रॉय ने सदन की कार्यवाही दिनभर के लिए स्थगित करने की घोषणा कर दी.

राज्यसभा में खड़गे ने उठाया मुद्दा

निशिकांत दुबे के लोकसभा में किताब पर किताब दिखाने का मुद्दा राज्यसभा में भी उठा. राज्यसभा में विपक्ष के नेता मल्लिकार्जुन खड़गे ने देश की आजादी और निर्माण में पंडित जवाहरलाल नेहरू, इंदिरा गांधी जैसे नेताओं के योगदान का उल्लेख करते हुए कहा कि दूसरे सदन में इन नेताओं की निंदा की गई. मैं इसकी निंदा करता हूं. नेता सदन जेपी नड्डा ने इस पर आपत्ति करते हुए कहा कि दूसरे सदन की बात यहां नहीं उठाई जा सकती. आप बाहर जितनी निंदा करें, यहां रिकॉर्ड में इसे नहीं लिया जा सकता. इसके बाद कांग्रेस ने सदन से वॉकआउट कर दिया.

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