AAP से लेकर TMC तक... नई संसद के उद्घाटन समारोह से इन पार्टियों ने क्यों बनाई दूरी?

नई संसद भवन के उद्घाटन को लेकर सियासत शुरू हो गई है. टीएमसी और आम आदमी पार्टी के बाद लेफ्ट पार्टियों ने भी संसद भवन के उदघाटन कार्यक्रम से दूरी बना ली है. इन पार्टियों का कहना है कि प्रधानमंत्री के बजाये महामहिम राष्ट्रपति को नए संसद भवन का उदघाटन करना चाहिए.

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संसद भवन संसद भवन

मौसमी सिंह / आशुतोष मिश्रा

  • नई दिल्ली,
  • 23 मई 2023,
  • अपडेटेड 7:27 AM IST

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी 28 मई को नए संसद भवन का उद्घाटन करेंगे. लेकिन तृणमूल कांग्रेस (टीएमसी),आम आदमी पार्टी और सीपीआई ने उद्घाटन समारोह का बहिष्कार करने का फैसला किया है जबकि कांग्रेस भी इस बायकॉट में शामिल हो सकता है.

इन पार्टियों का कहना है कि प्रधानमंत्री के बजाये महामहिम राष्ट्रपति को नए संसद भवन का उदघाटन करना चाहिए. सूत्रों का कहना है कि इस संबंध में विपक्षी पार्टियां जल्द ही संयुक्त बयान भी जारी कर सकते हैं. 

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नए संसद भवन के उदघाटन समारोह में शामिल नहीं होने के पार्टी के फैसले से वाकिफ कराते हुए टीएमसी सांसद डेरेक ओब्रायन ने कहा कि संसद सिर्फ एक नई इमारत नहीं है.यह पुरानी परंपराओं, मूल्यों और नियमों का प्रतिष्ठान भी है. यह भारतीय लोकतंत्र की आधारशिला है. प्रधानमंत्री मोदी के लिए रविवार को नए संसद भवन का उदघाटन समारोह 'आई, मी और माइसेल्फ' का इवेंट है इसलिए इससे हम बाहर हैं. 

महामहिम का अपमान बर्दाश्त नहीं

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आम आदमी पार्टी ने भी 28 मई को नए संसद भवन के उदघाटन कार्यक्रम में शामिल नहीं होने का फैसला किया है. आम आदमी पार्टी का कहना है कि उद्घाटन समारोह में राष्ट्रपति को आमंत्रित नहीं किए जाने की वजह से पार्टी ने समारोह से दूरी बनाए रखने का फैसला किया है.

आप सांसद संजय सिंह ने ट्वीट कर कहा कि संसद भवन के उद्घाटन समारोह में महामहिम राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू को आमंत्रित नहीं करना उनका घोर अपमान है. ये भारत के दलित आदिवासी व वंचित समाज का अपमान है. मोदी जी द्वारा महामहिम राष्ट्रपति को आमंत्रित नहीं करने के विरोध में आम आदमी पार्टी उदघाटन कार्यक्रम का बहिष्कार करेगी. 

संसद भवन के उदघाटन समारोह में महामहिम राष्ट्रपति श्रीमती द्रौपदी मूर्मू जी को आमंत्रित न करना उनका घोर अपमान है।
ये भारत के दलित आदिवासी व वंचित समाज का अपमान है।
मोदी जी द्वारा महामहिम राष्ट्रपति को आमंत्रित नही करने के विरोध में उदघाटन कार्यक्रम का बहिष्कार…

सीपीआई भी नहीं होगी उदघाटन समारोह में शामिल

इस कड़ी में लेफ्ट पार्टियां भी संसद भवन के उद्घाटन कार्यक्रम का बहिष्कार करेंगी. कम्युनिस्ट पार्टी ऑफ इंडिया (सीपीआई) महासचिव डी राजा का कहना है कि उनकी पार्टी भी 28 मई के उदघाटन कार्यक्रम में शामिल नहीं होगी. 

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माकपा ने नए संसद भवन के उद्घाटन में राष्ट्रपति को नजरअंदाज करने के लिए पीएम मोदी को जिम्मेदार ठहराया. माकपा महासचिव सीताराम येचुरी ने ट्वीट कर कहा कि जब नई संसद भवन की आधारशिला रखी जा रही थी तो पीएम मोदी ने राष्ट्रपति को दरकिनार किया. लेकिन उद्घाटन समारोह में भी महामहिम राष्ट्रपति को नजरअंदाज करना अस्वीकार्य है. 

कांग्रेस का कहना है कि नई संसद भवन के उदघाटन के बहिष्कार पर अभी कोई फैसला नहीं किया गया है. इस संबंध में बुधवार को बयान जारी किया जाएगा. 

लोकसभा में बैठ सकेंगे 888 सदस्य 

संसद के वर्तमान भवन में लोकसभा में 550 जबकि राज्यसभा में 250 माननीय सदस्यों की बैठक की व्यवस्था है. भविष्य की जरूरतों को देखते हुए संसद के नवनिर्मित भवन में लोकसभा में 888 जबकि राज्यसभा में 384 सदस्यों की बैठक की व्यवस्था की गई है. दोनों सदनों का संयुक्त सत्र लोकसभा चेंबर में ही होगा. संसद सदस्यों के लिए एक लाउंज, एक पुस्तकालय, कई समिति कक्ष, भोजन क्षेत्र और पर्याप्त पार्किंग स्थान भी होगा.

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कितने रुपये में बनकर तैयार हुई नई संसद

नई संसद (New Parliament) को बनाने का टेंडर टाटा प्रोजेक्ट को साल 2020 के सितंबर में दिया गया था. इसकी लागत 861 करोड़ रुपये मानी गई थी. फिर बाद में कुछ अतिरिक्त कामों के चलते यह कीमत 1,200 करोड़ रुपये तक पहुंची थी.

उद्घाटन के लिए क्यों चुनी गई 28 मई की तारीख?

नरेंद्र मोदी ने पहली बार 26 मई को और दूसरी बार 30 मई को शपथ ली थी. ऐसे में एक चर्चा यह भी है कि फिर नए संसद भवन का उद्घाटन 28 मई को क्यों हो रहा है? मोदी सरकार के नौ साल पूरे होने के कार्यक्रम भी आधिकारिक तौर पर 30 मई से शुरू होंगे, तो 28 मई का दिन नए संसद भवन के उद्घाटन के लिए क्यों चुना गया?

दिलचस्प बात है कि 28 मई को वीर सावरकर की जयंती है. उनका जन्म 28 मई 1883 को हुआ था. इस साल 28 मई को उनकी 140वीं जयंती मनाई जाएगी. अब यह देखने वाली बात होगी कि क्या यह महज संयोग है कि नए संसद भवन का उद्घाटन वीर सावरकर की जयंती पर हो रहा है या फिर यह सुनियोजित है.

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