देश के सबसे बड़े मेडिकल एंट्रेंस एग्जाम NEET-UG 2026 पेपर लीक मामले में CBI ने एक और बड़ी गिरफ्तारी की है. जांच एजेंसी ने महाराष्ट्र के पुणे से एक महिला आरोपी को गिरफ्तार किया है, जिसे फिजिक्स के सवाल लीक करने का मुख्य स्रोत बताया जा रहा है. CBI के मुताबिक गिरफ्तार आरोपी का नाम मनीषा संजय हवलदार है.
CBI की जांच में सामने आया है कि मनीषा हवलदार को NTA यानी नेशनल टेस्टिंग एजेंसी ने NEET-UG 2026 परीक्षा प्रक्रिया में एक्सपर्ट के तौर पर नियुक्त किया था. इस वजह से उसे फिजिक्स के प्रश्नपत्रों तक सीधी पहुंच हासिल थी. आरोप है कि अप्रैल 2026 के दौरान उसने परीक्षा से जुड़े कई फिजिक्स सवाल सह-आरोपी मनीषा मंढारे को शेयर किए थे. मनीषा मंढारे को CBI पहले ही 16 मई 2026 को गिरफ्तार कर चुकी है.
जांच एजेंसी के मुताबिक, जो सवाल मनीषा हवलदार ने शेयर किए थे, उनका मिलान NEET-UG 2026 के असली फिजिक्स पेपर सेट से किया गया और दोनों में समानता पाई गई. इसी आधार पर CBI ने उसे इस पूरे पेपर लीक नेटवर्क की अहम कड़ी माना है.
सीबीआई की ताबड़तोड़ छापेमारी
बता दें कि CBI ने इस मामले में देशभर के कई ठिकानों पर छापेमारी भी की है. तलाशी के दौरान कई अहम दस्तावेज, लैपटॉप, बैंक स्टेटमेंट और मोबाइल फोन जब्त किए गए हैं. अब इन इलेक्ट्रॉनिक डिवाइस और दस्तावेजों की फॉरेंसिक जांच की जा रही है ताकि यह पता लगाया जा सके कि पेपर लीक का नेटवर्क कितना बड़ा था और इसमें कौन-कौन लोग शामिल थे.
CBI ने बताया कि यह मामला 12 मई 2026 को दर्ज किया गया था. शिक्षा मंत्रालय के उच्च शिक्षा विभाग की लिखित शिकायत के आधार पर यह केस शुरू हुआ. शिकायत में NEET-UG 2026 परीक्षा के पेपर लीक होने का आरोप लगाया गया था. केस दर्ज होते ही CBI ने स्पेशल टीमें बनाकर देशभर में कई जगहों पर कार्रवाई शुरू की थी.
11 आरोपी अब तक गिरफ्तार
अब तक इस मामले में कुल 11 आरोपियों की गिरफ्तारी हो चुकी है. ये गिरफ्तारियां दिल्ली, जयपुर, गुरुग्राम, नासिक, पुणे, लातूर और अहिल्यानगर जैसे शहरों से की गई हैं. जांच में यह भी सामने आया है कि कुछ बिचौलिए छात्रों से लाखों रुपये लेकर उन्हें विशेष कोचिंग क्लास में भेजते थे, जहां कथित तौर पर वही सवाल बताए जाते थे जो बाद में NEET परीक्षा में आए.
CBI के अनुसार इस पूरे रैकेट में शामिल ऐसे बिचौलियों की पहचान भी कर ली गई है, जो छात्रों और अभिभावकों से मोटी रकम वसूलकर पेपर उपलब्ध कराने का दावा करते थे. एजेंसी का कहना है कि जांच लगातार जारी है और पेपर लीक के पूरे नेटवर्क को बेनकाब किया जाएगा. CBI ने दावा किया है कि अब तक की जांच में प्रश्नपत्र लीक होने के वास्तविक स्रोत तक पहुंच बनाई जा चुकी है और आने वाले दिनों में इस मामले में और भी बड़े खुलासे हो सकते हैं.
अरविंद ओझा