नासिक से 10 लाख में खरीदा, हरियाणा में 15 लाख में बेचा... NEET पेपर लीक का आरोपी गिरफ्तार

NEET परीक्षा 2026 पेपर लीक और धांधली के आरोपों के बाद देशभर में नाराजगी देखी जा रही है. इस बीच इस मामले को लेकर सीबीआई ने जांच शुरू कर दी है. नासिक से एक आरोपी गिरफ्तार किया गया है.

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शुभम खैरनार पर आरोप है कि उसने पेपर 10 लाख रुपये में खरीदा था. (Photos: Reporter) शुभम खैरनार पर आरोप है कि उसने पेपर 10 लाख रुपये में खरीदा था. (Photos: Reporter)

दिव्येश सिंह / नीरज वशिष्ठ / अरविंद ओझा / देव अंकुर

  • नई दिल्ली,
  • 12 मई 2026,
  • अपडेटेड 1:00 AM IST

NEET परीक्षा 2026 रद्द होने की खबर के बाद देशभर में नाराजगी का माहौल है. पेपर लीक और धांधली के आरोपों के चलते यह मामला लगातार चर्चा में बना हुआ है. पेपर लीक मामले की जांच सीबीआई ने शुरू कर दी है.

नासिक (महाराष्ट्र) से एक आरोपी शुभम खैरनार को गिरफ्तार किया गया है. बैचलर ऑफ आयुर्वेदिक मेडिसिन एंड सर्जरी (BAMS) का छात्र शुभम पेपर लीक के आरोप में पकड़ा गया है. शुभम नासिक के नांदगाव से है, उसके पिताजी डॉक्टर हैं.

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बता दें, सीबीआई की टीम नासिक में क्राइम ब्रांच यूनिट-2 के दफ्तर पहुंचीं और आरोपी शुभम खैरनार को अपनी हिरासत में लिया. शुभम खैरनार को नासिक क्राइम ब्रांच ने गिरफ्तार किया था.

जानकारी के अनुसार, शुभम और पुणे में रहने वाले धनंजय नाम के एक आदमी ने मिलकर यह पेपर लीक किया. कथित तौर पर धनंजय ने शुभम को यह NEET पेपर 10 लाख रुपये में बेचा था, जिसके बाद शुभम पर टेलीग्राम के जरिए यह पेपर 15 लाख रुपये में बेचने का आरोप है.

पता चला है कि इस पेपर लीक के पूरे मामले में लाखों रुपये की फाइनेंशियल गड़बड़ी हुई थी, शुभम ने पेपर हरियाणा भेजा था.

इस पूरे मामले में एक बड़ी चेन होने की संभावना है. माना जा रहा है कि इससे पहले भी शुभम और धनंजय ने कुछ ग्रुप्स को NEET का पेपर फॉरवर्ड किया था, जो लीक हो गया था और लगभग 80 परसेंट सही था. इसलिए, यह बात सामने आ रही है कि शुभम इस NEET पेपर लीक केस में शामिल है जिसने देश में हलचल मचा दी है.

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सीबीआई सूत्रों के मुताबिक टीम जयपुर समेत कई जगहों पर भी गई हैं. इस बीच, एसओजी ने उन 150 छात्रों और 70 अभिभावकों की सूची सीबीआई को सौंपी है, जिन्हें लीक हुए कथित गेस पेपर (Guess Paper) मिले थे. इसके अलावा, एसओजी की हिरासत में मौजूद 13 एमबीबीएस काउंसलर्स को भी सीबीआई के हवाले किया गया है.

NEET काउंसलरों के अनुसार, NEET का अधिकतम कट-ऑफ 600 अंक है और दिलचस्प बात यह है कि लीक हुए गेस पेपर में भी 600 अंकों के प्रश्न थे, जो NEET के प्रश्न पत्र में भी आए थे. 600 अंकों का यह कट-ऑफ देश के टॉप मेडिकल कॉलेजों में प्रवेश सुनिश्चित करता है.

यह भी पढ़ें: 'धर्मेंद्र प्रधान इस्तीफा दें...', NEET पेपर लीक मामले को लेकर सचिन पायलट ने उठाई मांग

गुरुग्राम से एक युवक हिरासत में

NEET पेपर लीक मामले में SIT टीम ने गुरुग्राम से यश यादव नाम के युवक को भी हिरासत में लिया है. जानकारी के अनुसार, राजस्थान SIT और गुरुग्राम क्राइम ब्रांच की टीम ने यश को हिरासत में लिया.

हालांकि अभी यह स्पष्ट नहीं है कि पेपर लीक मामले में यश यादव की भूमिका क्या रही है, लेकिन राजस्थान SIT टीम का गुरुग्राम आना और यश को हिरासत में लेना पेपर लीक मामले में बड़ी साजिश का खुलासा करता हुआ नजर आ रहा है.

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CBI ने शुरू की जांच

पेपर लीक मामले की जांच सीबीआई ने शुरू कर दी है. सीबीआई ने शिक्षा मंत्रालय के उच्च शिक्षा विभाग से मिली लिखित शिकायत के आधार पर NEET UG 2026 परीक्षा में कथित गड़बड़ियों और पेपर लीक मामले में एफआईआर दर्ज की है. 

शिकायत में कहा गया है कि नेशनल टेस्टिंग एजेंसी (एनटीए) ने 3 मई को NEET UG परीक्षा आयोजित की थी. इसमें आरोप लगाया गया है कि परीक्षा से पहले एनटीए को NEET (UG) 2026 परीक्षा से संबंधित कुछ दस्तावेजों के प्रसारित होने की शिकायत और सूचना मिली थी.

इन आरोपों से परीक्षा प्रक्रिया की निष्पक्षता पर सवाल खड़े हुए हैं. मामले को लेकर सीबीआई ने जांच शुरू कर दी है. सीबीआई की विशेष टीमें गठित कर जांच के लिए कई जगहों पर भेजी गई हैं.

(Input: Pravin Thakrey)

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