ओमान के तट के पास एमटी मैरीवेक्स नामक जहाज में आग लगने की घटना के बाद केंद्र सरकार ने भारतीय नाविकों की सुरक्षा को लेकर महत्वपूर्ण जानकारी साझा की है. बंदरगाह, पोत परिवहन और जलमार्ग मंत्रालय (MoPSW) के शिपिंग डिवीजन के निदेशक ओपेश कुमार शर्मा ने बताया कि रविवार दोपहर करीब 1:30 बजे जहाज में आग लगने की सूचना प्राप्त हुई. .घटना के बाद जहाज पर तैनात एक क्रू सदस्य निलेश ने ऑल इंडिया सीफेरर्स यूनियन से संपर्क कर तत्काल सहायता की मांग की.
शुरुआती जानकारी के अनुसार जहाज पर कुल 24 भारतीय नाविक मौजूद थे. घटना की सूचना मिलते ही संबंधित एजेंसियां सक्रिय हो गईं और स्थिति की निगरानी शुरू कर दी गई. ऑयल टैंकर में आग का मतलब होता है बेहद खतरनाक हालात, क्योंकि ऐसे जहाजों पर विस्फोट का भी खतरा रहता है.
ओपेश कुमार शर्मा ने कहा कि अब तक उपलब्ध जानकारी के आधार पर जहाज पर मौजूद सभी 24 भारतीय नाविक सुरक्षित हैं. हालांकि मामले की लगातार निगरानी की जा रही है और संबंधित एजेंसियों के साथ संपर्क बनाए रखा गया है.
सरकार ने इस मामले को गंभीरता से लिया और कई मंत्रालयों और एजेंसियों को एक साथ काम पर लगा दिया. विदेश मंत्रालय को इसलिए जोड़ा गया क्योंकि जहाज विदेशी पानी में है और वहां के भारतीय दूतावास या मिशन की मदद लेनी पड़ सकती है. भारतीय नौसेना और रक्षा मंत्रालय को भी इस बारे में जानकारी दी गई और उन्हें तैयार रखा गया ताकि जरूरत पड़ने पर तुरंत मदद पहुंचाई जा सके.
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आग लगने की वजह अभी तक सामने नहीं आई है. जहाज को कितना नुकसान हुआ, यह भी अभी पूरी तरह से पता नहीं चला है. अधिकारियों का कहना है कि जांच जारी है और जैसे-जैसे नई जानकारी आएगी, उसे सार्वजनिक किया जाएगा.
ऑल इंडिया सीफेरर्स यूनियन ने क्या कहा?
ऑल इंडिया सीफेरर्स यूनियन ने घटना के बाद नाविकों के परिवारों में चिंता का माहौल जरूर बना, लेकिन सभी भारतीय क्रू सदस्यों के सुरक्षित होने की खबर से बड़ी राहत मिली है. यूनियन ने सभी नाविकों की सुरक्षा और स्थिति के जल्द सामान्य होने की कामना भी की है.
इनपुट: रॉयटर्स
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