बंगाल पंचायत चुनाव में महिला प्रत्याशी से हैवानियत? BJP के दावों पर पुलिस का आया जवाब

यह घटना आठ जुलाई की बताई जा रही है. महिला ने ईमेल कर इसकी शिकायत की है. 13 जुलाई को ईमेल के जरिए एक महिला की शिकायत मिली थी कि आठ जुलाई को हेमंत रॉय और अन्य (टीएमसी कार्यकर्ताओं) ने उन्हें मतदान केंद्र से जबरन बाहर निकाला, उसके कपड़े फाड़े और यौन उत्पीड़न किया. यह मामला पांचला पुलिस थाने में दर्ज किया गया है. महिला पंचायत चुनाव में बीजेपी की उम्मीदवार बताई जा रही है.

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सांकेतिक तस्वीर सांकेतिक तस्वीर

अनुपम मिश्रा

  • कोलकाता,
  • 21 जुलाई 2023,
  • अपडेटेड 6:09 PM IST

मणिपुर में महिलाओं के साथ दरिंदगी के मामले ने जहां एक तरफ लोगों का गुस्सा भड़का दिया है. ऐसी ही एक घटना पश्चिम बंगाल के हावड़ा से सामने आई है. बंगाल पंचायत चुनाव की एक महिला उम्मीदवार ने तृणमूल कांग्रेस के कार्यकर्ताओं पर उत्पीड़न का आरोप लगाया है. महिला का आरोप है कि निर्वस्त्र कर उससे छेड़छाड़ की गई.

यह घटना आठ जुलाई की बताई जा रही है. महिला ने ईमेल कर इसकी शिकायत की है. 13 जुलाई को ईमेल के जरिए एक महिला की शिकायत मिली थी कि आठ जुलाई को हेमंत रॉय और अन्य (टीएमसी कार्यकर्ताओं) ने उन्हें मतदान केंद्र से जबरन बाहर निकाला, उसके कपड़े फाड़े और यौन उत्पीड़न किया. यह मामला पांचला पुलिस थाने में दर्ज किया गया है. महिला पंचायत चुनाव में बीजेपी की उम्मीदवार बताई जा रही है.

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मामले पर बना हुआ है संशय

मामले की जांच के दौरान महिला से मेडिकल दस्तावेज पेश करने और सीआरपीसी की धारा 164 के तहत अपना बयान दर्ज करने को कहा गया था. लेकिन अभी तक महिला ने इस पर कोई जवाब नहीं दिया है. जांच में स्थानीय प्रत्यक्षदर्शियों ने कहा कि आठ जुलाई को ऐसी कोई घटना नहीं हुई थी. अभी तक इसके कोई सबूत नहीं मिले हैं. लेकिन मामले की जांच जारी है. 

मेरी साड़ी पकड़कर खींची गई

पीड़ित महिला का आरोप है कि बंगाल पंचायत चुनाव के दिन आठ जुलाई को दिन में 11 बजे के आसपास काफी बवाल हो रहा था. मैं मतदान केंद्र पर ही थी. मैं वहां बीजेपी की उम्मीदवार थी. उस दौरान टीएमसी के लोगों ने मुझे बालों से पकड़कर जमीन पर पटका. मेरी साड़ी पकड़कर खींची गईं. बहुत तोड़फोड़ की गई थी. पिछले पंचायत चुनाव में भी बहुत तोड़फोड़ हुई थी. मैं अपने इलाके में ऐसा नहीं चाहती. यहां सब गरीब हैं, दिहाड़ी मजदूरी करके वाले लोग हैं. मैं मारपीट नहीं चाहती हूं. मैं आतंकित हूं. पुलिस ने भी कुछ नहीं किया और मार खाकर चली गई.

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घटना के कोई सबूत नहीं मिले

पश्चिम बंगाल के डीजी और आईजीपी मनोज मालवीय ने कहा कि आठ जुलाई को एक महिला को प्रताड़ित करने की शिकायत मिली थी. यह शिकायत ईमेल से मिली थी. हावड़ा ग्रामीण के एसपी ने इस मामले को देख रहे थे और 14 जुलाई को मामले में एफआईआर दर्ज कर ली गई. पिछले कुछ दिनों से हम इस मामले की जांच कर रहे हैं. इस मामले में अभी तक कोई सबूत नहीं मिले हैं. ऐसा कहा गया था कि यह घटना आठ जुलाई की है. पंचायत चुनावों में कई मतदान केंद्र थे और इन सभी केंद्रों पर केंद्रीय पुलिस और राज्य पुलिस तैनात थी. पश्चिम बंगाल के हमारे लोग चुनावों को लेकर बहुत गंभीर है. लेकिन किसी ने इस घटना के बारे में कुछ नहीं बताया.

उन्होंने कहा कि विपक्ष के नेता सुवेंदु अधिकारी और फैक्ट फाइंडिंग टीम भी मौके पर गई थी लेकिन किसी नहीं मिला. हम परिवार के पास भी गए. हमने महिला और उसके पति से भी बात की कि अगर उनके पास किसी तरह के मेडिकल साक्ष्य हैं तो हमें मुहैया कराएं. लेकिन उन्होंने हमें कोई मेडिकल सबूत मुहैया नहीं कराए. अभी तक जांच जारी है. लेकिन इस मामले में हमें अभी तक कोई सबूत नहीं मिले हैं. हमने सबूत इकट्ठा करने के लिए सीसीटीवी फुटेज भी खंगाले लेकिन कुछ नहीं मिला. 

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मामले ने कैसे पकड़ा था तूल?

दरअसल भारतीय जनता पार्टी के आईटी सेल प्रमुख अमित मालवीय ने ममता बनर्जी को कटघरे में खड़ा करते हुए ट्वीट कर कहा था कि क्या आपको कोई  शर्म-लिहाज है? आठ जुलाी को पंचायत चुनवा के दिन ग्राम सभा की एक महिला उम्मीदवार से मारपीट की गई, उसे निर्वस्त्र कर घुमाया गया और उस पर पत्थर भी फेंके गए. आप कहां थी? आपकी पुलिस ने इस पर एफआईआर भी दर्ज नहीं की थी लेकिन बीजेपी के दबाव के बाद एफआईआर दर्ज की गई.

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