कैबिनेट ने केरल का नाम बदलकर 'केरलम' किए जाने के प्रस्ताव को मंजूरी दे दी है. केरल में आगामी विधानसभा चुनाव से पहले इसे बड़ा कदम माना जा रहा है. कहा जा रहा है कि इससे राज्य की सांस्कृतिक और भाषाई पहचान को मजबूती मिलेगी.
इससे पहले केरल विधानसभा ने आधिकारिक तौर पर राज्य का नाम बदलकर 'केरलम' करने का प्रस्ताव पारित कर दिया था. राज्य सरकार और स्थानीय लोगों का तर्क है कि मलयालम भाषा में राज्य को 'केरलम' ही कहा जाता है इसलिए आधिकारिक दस्तावेजों और संविधान में भी यही नाम होना चाहिए.
अब इसी पर कदम बढ़ाते हुए केंद्र सरकार ने नाम बदलने के प्रस्ताव को हरी झंडी दे दी. इस फैसले के बाद राज्य की पहचान को उसकी मूल भाषा के करीब लाने का रास्ता साफ हो जाएगा.
बता दें कि केरल का नाम बदलने की मांग नई नहीं है, लेकिन विधानसभा चुनाव से ठीक पहले राज्य का नाम बदलने के फैसले ने राजनीतिक गलियारों में नई बहस छेड़ दी है और इसे आगामी चुनाव से जोड़कर देखा जा रहा है. दूसरी ओर चुनाव से ठीक पहले इस तरह के बड़े बदलाव को मंजूरी देना केंद्र सरकार का एक महत्वपूर्ण रणनीतिक कदम माना जा रहा है.
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