जम्मू-कश्मीर के शोपियां में करीब 5 दिन की कड़ी घेराबंदी के बाद सुरक्षाबलों ने लश्कर-ए-तैयबा के आतंकी जाकिर गनई को मुठभेड़ में ढेर कर दिया है. कभी साधारण शटरिंग का काम करने वाला जाकिर साल 2023 में अचानक लापता हो गया था, जिसके बाद वह लश्कर से जुड़े संगठन TRF में शामिल हो गया. इस बड़े एनकाउंटर के बाद उसके पास से भारी मात्रा में हथियार समेत गोला-बारूद बरामद हुआ है. हालांकि आतंकी को मार गिराया गया है, लेकिन एहतियात के तौर पर पूरे इलाके में अभी भी सर्च ऑपरेशन जारी है.
दरअसल, सुरक्षाबलों को यह कामयाबी इतनी आसानी से नहीं मिली. जवानों ने 3 जुलाई को ही सर्विलांस कैमरों (निगरानी कैमरों) की मदद से मीमंदर इलाके के एक घने बाग में दो आतंकियों की हलचल देखी थी. दोनों को स्पॉट करते ही सेना, स्थानीय पुलिस और CRPF ने मिलकर तुरंत एक्शन लिया. जवानों ने बिना वक्त गंवाए उस पूरे इलाके को चारों तरफ से सील कर दिया, ताकि वे बचकर भाग न सकें. करीब 5 दिन तक चले अभियान के दौरान कई बार आतंकियों और सुरक्षाबलों के बीच गोलीबारी हुई. आखिरकार मुठभेड़ में जाकिर गनई मारा गया. मौके से हथियार, गोला-बारूद और अन्य युद्ध सामग्री भी बरामद की गई.
मारे गए 26 साल के जाकिर अहमद गनई की कहानी बड़ी अजीब है. वह कुलगाम जिले के मोटलहामा इलाके का रहने वाला था. न्यूज एजेंसी पीटीआई के मुताबिक, 27 सितंबर 2023 को वह हमेशा की तरह शटरिंग का काम करने के लिए डायलगाम गया था, लेकिन शाम को घर वापस नहीं लौटा. परिवार ने कई दिनों तक उसकी हर जगह तलाश की, जब कोई सुराग नहीं मिला तो थक-हारकर 3 अक्टूबर 2023 को कुलगाम थाने में उसकी गुमशुदगी की रिपोर्ट दर्ज कराई गई.
बाद में लश्कर का स्वघोषित कमांडर बना
लापता होने के बाद की जांच में सामने आया कि जाकिर गनई 'द रेजिस्टेंस फ्रंट' (TRF) नाम के आतंकी संगठन में शामिल हो चुका था, जिसे लश्कर का ही एक हिस्सा माना जाता है. देश विरोधी हरकतों की वजह से कुलगाम पुलिस थाने में उसके खिलाफ UAPA के तहत मामला भी दर्ज था. पुलिस अधिकारियों के मुताबिक, वह देखते ही देखते लश्कर का स्वघोषित कमांडर बन बैठा था और घाटी में किसी बड़ी साजिश को अंजाम देने की फिराक में था.
एक और आतंकी के छिपे होने की आशंका
अधिकारियों के मुताबिक, इलाके में लतीफ नाम के एक और आतंकी के छिपे होने की आशंका है, जो पिछले साल इस संगठन में शामिल हुआ था. इसी वजह से सुरक्षाबल अभी भी पूरे इलाके में तलाशी अभियान चला रहे हैं, ताकि कोई भी आतंकी वहां से भाग न सके.
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