Monsoon 2026: केरल में इस दिन दस्तक देगा मॉनसून, IMD ने डेट कर दी कंफर्म! गर्मी से राहत के संकेत

Monsoon Date 2026: देश में दक्षिण-पश्चिम मॉनसून अब जल्दी ही दस्तक देने वाला है. मौसम विभाग (IMD) के अनुसार, इस साल केरल में मॉनसून अपने निर्धारित समय से 6 दिन पहले पहुंच सकता है. मॉनसून के आगमन से दक्षिण भारत में गर्मी से राहत मिलेगी और खरीफ फसलों की बुवाई के लिए अनुकूल मौसम बनेगा.

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केरल में सामान्य तिथि से 6 दिन पहले पहुंच सकता है मॉनसून (फाइल फोटो- PTI) केरल में सामान्य तिथि से 6 दिन पहले पहुंच सकता है मॉनसून (फाइल फोटो- PTI)

आशुतोष मिश्रा

  • नई दिल्ली,
  • 15 मई 2026,
  • अपडेटेड 2:57 PM IST

भारत मौसम विज्ञान विभाग (IMD) ने दक्षिण-पश्चिम मॉनसून 2026 के केरल पहुंचने की संभावित तारीख 26 मई घोषित कर दी है. सामान्य तिथि 1 जून की तुलना में यह करीब छह दिन पहले है. मॉनसून के आगमन के साथ दक्षिण भारत के राज्यों में भीषण गर्मी से राहत मिलने की उम्मीद है, साथ ही खरीफ फसलों की बुवाई के लिए अनुकूल परिस्थितियां बन सकती हैं.

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IMD ने स्पष्ट किया है कि केरल में मॉनसून की शुरुआत भारतीय मुख्य भूमि पर दक्षिण-पश्चिम मॉनसून के आगे बढ़ने का प्रमुख संकेत मानी जाती है. यह गर्मी और शुष्क मौसम से वर्षा ऋतु में बदलाव का प्रतीक भी है. मॉनसून के उत्तर की ओर बढ़ने के साथ ही देश के विभिन्न हिस्सों में तापमान में गिरावट दर्ज की जा सकती है.

मॉनसून की भविष्यवाणी पर IMD का शानदार रिकॉर्ड
मौसम विभाग का कहना है कि पिछले 21 साल में IMD का पूर्वानुमान अधिकतर सटीक साबित हुआ है. सिर्फ साल 2015 में अनुमान वास्तविक स्थिति से अलग रहा था. हाल के छह साल के आंकड़े मॉनसून पर मौसम विभाग की विश्वसनीयता को और मजबूत करते हैं.

नीचे दिए गए आंकड़ों से साफ है कि IMD का पूर्वानुमान आमतौर पर वास्तविकता के बहुत करीब रहता है.

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  • 2020: वास्तविक आगमन 1 जून (पूर्वानुमान: 5 जून)
  • 2021: वास्तविक आगमन 3 जून (पूर्वानुमान: 31 मई)
  • 2022: वास्तविक आगमन 29 मई (पूर्वानुमान: 27 मई)
  • 2023: वास्तविक आगमन 8 जून (पूर्वानुमान: 4 जून)
  • 2024: वास्तविक आगमन 30 मई (पूर्वानुमान: 31 मई)
  • 2025: वास्तविक आगमन 24 मई (पूर्वानुमान: 27 मई)

इन 6 संकेतकों पर आधारित है पूर्वानुमान
IMD ने इस बार के पूर्वानुमान के लिए छह प्रमुख मौसम संकेतकों का विश्लेषण किया है.

  1. उत्तर-पश्चिम भारत का न्यूनतम तापमान
  2. दक्षिण प्रायद्वीप में मॉनसून-पूर्व वर्षा
  3. दक्षिण चीन सागर के ऊपर आउटगोइंग लॉन्ग वेव रेडिएशन (OLR)
  4. दक्षिण-पूर्वी हिंद महासागर की निचली क्षोभमंडलीय हवाएं
  5. दक्षिण-पश्चिम प्रशांत महासागर क्षेत्र का OLR
  6. उत्तर-पूर्वी हिंद महासागर की निचली क्षोभमंडलीय हवाएं

इन सभी कारकों के संयुक्त अध्ययन के आधार पर केरल में 26 मई को मॉनसून के पहुंचने की संभावित तारीख तय की गई है.

केरल में बारिश का अलर्ट
IMD ने 15 मई को केरल के दो जिलों इडुक्की और मलप्पुरम में बारिश का ऑरेंज अलर्ट जारी किया है. वहीं, कोट्टायम, एर्नाकुलम, थ्रिस्सूर, पालक्कड़, कोझिकोड, वायनाड, कन्नूर और कासरगोड जिलों में येलो अलर्ट जारी है. इससे साफ है कि मॉनसून से पहले ही दक्षिण भारत में बारिश की गतिविधियां तेज हो रही हैं.

मौसम वैज्ञानिकों का मानना है कि समय से पहले मॉनसून के केरल पहुंचने से दक्षिण भारत के कई राज्यों में तापमान में गिरावट आएगी. यह खरीफ फसलों (जैसे धान, मक्का, दालें आदि) की बुवाई के लिए बेहद फायदेमंद साबित होगा. इससे किसानों को समय पर फसलों की बुवाई का मौका मिलेगा.

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