रेडबुल, स्टिंग, पेप्सिको... एनर्जी ड्रिंक बनाने वाली छह कंपनियों को FSSAI का नोटिस

भारतीय खाद्य सुरक्षा एवं मानक प्राधिकरण (FSSAI) ने छह प्रमुख एनर्जी ड्रिंक ब्रांडों को उनके उत्पादों की भ्रामक ब्रांडिंग और प्रचार के लिए नोटिस जारी किया है.

Advertisement
FSSAI ने एनर्जी ड्रिंक ब्रांड को भेजा नोटिस FSSAI ने एनर्जी ड्रिंक ब्रांड को भेजा नोटिस

aajtak.in

  • नई दिल्ली,
  • 01 जुलाई 2026,
  • अपडेटेड 11:31 PM IST

देश में बिकने वाले एनर्जी ड्रिंक ब्रांड अब FSSAI (खाद्य सुरक्षा नियामक) के निशाने पर हैं. भारतीय खाद्य सुरक्षा एवं मानक प्राधिकरण (FSSAI) ने बुधवार को 'एनर्जी ड्रिंक' के नाम से बेचे जा रहे प्रोडक्ट की ब्रांडिंग और भ्रामक दावों को लेकर छह प्रमुख कंपनियों को नोटिस जारी किया है. इन कंपनियों पर उत्पादों की पैकेजिंग, लेबलिंग और प्रचार में ऐसे दावे करने का आरोप है, जो खाद्य सुरक्षा नियमों के अनुसार नहीं हैं. 

Advertisement

रेडबुल, स्टिंग जैसे ब्रांड शामिल

FSSAI ने जिन छह ब्रांड को नोटिस भेजा है, उनमें रेड बुल एनर्जी ड्रिंक, पेप्सिको की एड्रेनालिन रश एनर्जी ड्रिंक, रिलायंस कंज्यूमर प्रोडक्ट्स की कैंपा एनर्जी ड्रिंक गोल्ड बूस्ट, स्टिंग एनर्जी ड्रिंक, हेल एनर्जी और कोका-कोला समर्थित मॉन्स्टर एनर्जी शामिल हैं.

FSSAI ने इंस्टाग्राम पर जारी एक पोस्ट में बताया कि इन ब्रांड को 'एनर्जी ड्रिंक' के रूप में उत्पादों की ब्रांडिंग और प्रचार करने के संबंध में नोटिस जारी किए गए हैं. नियामक का कहना है कि मौजूदा समय में उसके नियमों के तहत 'एनर्जी ड्रिंक' नाम की कोई अलग खाद्य श्रेणी निर्धारित नहीं की गई है. इसके बावजूद कंपनियां अपने उत्पादों की पैकेजिंग और लेबल पर 'एनर्जी ड्रिंक' जैसे शब्दों का इस्तेमाल कर रही हैं, जिससे उपभोक्ताओं के बीच भ्रम की स्थिति पैदा हो सकती है.

Advertisement

भ्रामक दावों पर आपत्ति

FSSAI ने यह भी स्पष्ट किया कि उसके फूड कैटिगरी सिस्टम का उद्देश्य केवल फूड प्रोडक्ट का वर्गीकरण करना है. इसका इस्तेमाल किसी उत्पाद के नामकरण, ब्रांडिंग या लेबलिंग के लिए नहीं किया जा सकता. नियामक ने इन उत्पादों के प्रचार में किए जा रहे कई दावों पर भी आपत्ति जताई है. FSSAI के अनुसार, 'शरीर और दिमाग को सक्रिय बनाता है', 'फोकस बढ़ाता है', 'ऊर्जा का स्तर बढ़ाता है', 'सामान्य कमजोरी में मदद करता है' जैसे दावे खाद्य उत्पादों के लिए ठीक नहीं हैं. ऐसे दावे खाद्य सुरक्षा एवं मानक अधिनियम, 2006 और उससे जुड़े नियमों का उल्लंघन माने जा सकते हैं.

हालांकि, समाचार लिखे जाने तक इन छह कंपनियों की ओर से इस मामले पर कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया सामने नहीं आई थी.

पिछले कुछ महीनों में FSSAI ने फूड प्रोडक्ट की गलत ब्रांडिंग, भ्रामक विज्ञापनों और नियमों के विरुद्ध किए जा रहे दावों के खिलाफ कार्रवाई तेज कर दी है. उपभोक्ताओं से मिलने वाली शिकायतों के आधार पर भी नियामक लगातार जांच और प्रवर्तन की कार्रवाई कर रहा है. उपभोक्ताओं में जागरूकता बढ़ाने के उद्देश्य से FSSAI अब ऐसी कार्रवाइयों की जानकारी सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म, विशेष रूप से इंस्टाग्राम और एक्स (पूर्व में ट्विटर), के जरिये भी शेयर कर रहा है. नियामक का कहना है कि इसका उद्देश्य खाद्य कारोबार से जुड़े सभी संस्थानों को नियमों के पालन के लिए प्रेरित करना और उपभोक्ताओं को सही जानकारी उपलब्ध कराना है.

---- समाप्त ----

Read more!
Advertisement

RECOMMENDED

Advertisement
Latest News in Hindi »