पश्चिमी हिमालय क्षेत्र में आज एक नया पश्चिमी विक्षोभ एक्टिव हो रहा है. इसके तुरंत बाद 9 से 11 फरवरी के दौरान एक और पश्चिमी विक्षोभ के सक्रिय होने की संभावना है. इन दो मौसमी प्रणालियों की वजह से जम्मू-कश्मीर, लद्दाख और हिमाचल प्रदेश में अलग-अलग जगहों पर बारिश और बर्फबारी होगी. इसका प्रभाव इंडो-गंगेटिक मैदानी इलाकों में भी दिखाई देगा.
अगले 24 घंटों में उत्तर भारत के तापमान में गिरावट आने की संभावना है, जो 11 फरवरी तक जारी रहेगी. उत्तर-पश्चिम भारत में तेज हवाएं चलने के कारण दिल्ली-एनसीआर में प्रदूषण के स्तर में काफी कमी आ सकती है.
मौसम में यह बदलाव फरवरी के दूसरे हफ्ते को और भी ठंडा बना देगा.
बढ़ सकती है ठंड...
फरवरी के दूसरे हफ्ते में हिमालयी क्षेत्रों में मौसम काफी एक्टिव रहने वाला है. आज के डिस्टर्बेंस के बाद 9 फरवरी से 11 फरवरी के बीच आने वाला दूसरा सिस्टम पहाड़ों पर बारिश और बर्फबारी के दौर को जारी रखेगा. इन ठंडी हवाओं के मैदानी इलाकों की ओर बढ़ने से पंजाब, हरियाणा और दिल्ली जैसे राज्यों में तापमान में गिरावट दर्ज की जाएगी.
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दिल्ली-एनसीआर में प्रदूषण से राहत की उम्मीद
राजधानी और आसपास के इलाकों के लिए राहत की बात यह है कि अगले तीन दिनों तक उत्तर-पश्चिम भारत में हवाओं की रफ्तार काफी तेज रहेगी. तेज हवाओं के चलते दिल्ली-एनसीआर में जमा प्रदूषण का स्तर काफी कम हो सकता है. फिलहाल, कोहरे से निजात मिल चुकी है, लेकिन तेज हवाएं ठिठुरन बढ़ा सकती हैं.
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तापमान में गिरावट...
9 फरवरी के बाद आने वाले वेस्टर्न डिस्टर्बेंस और उत्तर दिशा से आने वाली सर्द हवाओं की वजह से 11 फरवरी तक तापमान में लगातार गिरावट देखी जाएगी. पहाड़ों पर हो रही बर्फबारी का असर सीधे तौर पर मैदानी इलाकों के न्यूनतम तापमान को प्रभावित करेगा, जिससे फरवरी के मध्य में भी कड़ाके की ठंड का एहसास बना रहेगा.
आशुतोष मिश्रा