26 जनवरी को किसान दिल्ली आउटर रिंग रोड पर करेंगे ट्रैक्टर परेड, 50 किलोमीटर करेंगे यात्रा

किसानों ने पहले ही 26 जनवरी, 2021 को कृषि कानून के विरोध में ट्रैक्टर मार्च निकालने का ऐलान किया था. इससे पहले शुक्रवार (15 जनवरी, 2021) को किसान संगठनों और केंद्र सरकार के बीच बातचीत हुई थी. इसी दिन किसान नेता राकेश टिकैत ने कहा था कि अगर सुप्रीम कोर्ट उन्हें रैली निकालने से मना करेगा तो वो इसे रद्द कर देंगे.

Advertisement
कृषि कानून को लेकर किसान ट्रैक्टर रैली निकालने की तैयारी में हैं. (फाइल फोटो) कृषि कानून को लेकर किसान ट्रैक्टर रैली निकालने की तैयारी में हैं. (फाइल फोटो)

मनजीत सहगल

  • नई दिल्ली,
  • 17 जनवरी 2021,
  • अपडेटेड 9:10 PM IST
  • रिंग रोड पर ट्रैक्टर मार्च निकालेंगे किसान
  • विफल रही थी केंद्र सरकार के साथ बातचीत
  • किसान ट्रैक्टर मार्च के लिए दिल्ली पहुंच रहे

कृषि कानूनों को वापस करने की मांग को लेकर प्रदर्शन कर रहे किसान अब ट्रैक्टर मार्च निकालने की जिद पर अड़ गए हैं. किसान संगठन के नेताओं का कहना है कि गणतंत्र दिवस के मौके पर किसान रिंग रोड पर ट्रैक्टर मार्च निकालेंगे. किसान नेताओं का कहना है कि यह मार्च शांतिपूर्ण तरीके से होगा. ट्रैक्टर मार्च के दौरान कुल 50 किलोमीटर की यात्रा तय की जाएगी.

Advertisement

न्यूज एजेंसी एएनआई के मुताबिक लुधियाना से किसान ट्रैक्टर मार्च के लिए दिल्ली पहुंच रहे हैं. एक किसान ने बातचीत के दौरान बताया कि, ''दिल्ली में होने वाले ट्रैक्टर मार्च के लिए लुधियाना से किसान राष्ट्रीय राजधानी पहुंच रहे हैं. हम आने वाली 26 जनवरी को राजधानी दिल्ली में ट्रैक्टर मार्च का आयोजन कर रहे हैं. रैली में करीब एक लाख किसान शामिल होंगे.''

संयुक्त किसान मोर्चा के मुताबिक देश के अन्न दाता देश के जवानों के साथ गणतंत्र दिवस मनाना चाहते हैं और एक अनुशासित परेड निकालकर गर्व को बरकरार रखते हैं. मोर्चे के नेताओं ने कहा, "किसी भी असामाजिक तत्व को इसमें घुसपैठ करने की अनुमति नहीं दी जाएगी." मोर्चे ने हरियाणा और दिल्ली पुलिस से सहयोग का आग्रह किया है. मोर्चे के नेताओं ने कहा कि,परेड शांति से होगी, और आधिकारिक गणतंत्र दिवस परेड को बाधित नहीं किया जाएगा. किसी भी राष्ट्रीय विरासत स्थलों, या किसी अन्य साइट पर कोई खतरा नहीं होगा.

Advertisement

मोर्चे के नेताओं की तरफ से कहा गया कि,परेड आउटर रिंग रोड पर होगी. परेड में वाहनों में झांकियां शामिल होंगी जो ऐतिहासिक क्षेत्रीय और अन्य आंदोलनों के प्रदर्शन के अलावा विभिन्न राज्यों की कृषि वास्तविकता को दर्शाएंगी. सभी किसान वाहनों पर भारत के राष्ट्रीय ध्वज को फहराएंगे और इसमें किसान संगठन के झंडे भी होंगे. किसी भी राजनीतिक पार्टी के झंडे को अनुमति नहीं दी जाएगी. यह भी उम्मीद है कि परेड में आंदोलन के शहीद किसानों के परिवारों, रक्षा सेवा कर्मियों, सम्मानित खिलाड़ियों, महिला किसानों आदि की भागीदारी होगी.

इससे पहले, किसान नेता राकेश टिकैत ने कहा था कि,'' अभी हमारे आंदोलन को सिर्फ 51 दिन हुए हैं, ऐसे में जबतक किसानों की मांग केंद्र सरकार मान नहीं लेती तबतक यह प्रदर्शन जारी रहेगा.'' उन्होंने कहा कि, इस बार की गणतंत्र दिवस की परेड  ऐतिहासिक होगी, जहां एक तरफ जवान परेड कर रहे होंगे तो दूसरी तरफ किसान भी प्रदर्शन कर रहे होंगे.

देखें- आजतक LIVE TV

किसानों ने पहले ही 26 जनवरी, 2021 को कृषि कानून के विरोध में ट्रैक्टर मार्च निकालने का ऐलान किया था. इससे पहले शुक्रवार (15 जनवरी, 2021) को किसान संगठनों और केंद्र सरकार के बीच बातचीत हुई थी. हालांकि इसी दिन किसान नेता राकेश टिकैत ने कहा था कि अगर सुप्रीम कोर्ट उन्हें रैली निकालने से मना करेगा तो वो इसे रद्द कर देंगे.

Advertisement

 

Read more!
Advertisement

RECOMMENDED

Advertisement
Latest News in Hindi »