मिजोरम: म्यांमार से भारत आने वाली अवैध सुपारी पर ED का शिकंजा, चम्फाई में कई ठिकानों पर छापेमारी

म्यांमार से भारत में अवैध सुपारी लाने के आरोपों की जांच तेज हो गई है. ED ने मिजोरम के चाम्फाई में कई ठिकानों पर छापेमारी की है. जांच में फर्जी ई-वे बिल और नकली दस्तावेजों के इस्तेमाल की बात सामने आई है.

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भारत-म्यांमार बॉर्डर पर ED की छापेमारी. (File photo: ITG) भारत-म्यांमार बॉर्डर पर ED की छापेमारी. (File photo: ITG)

aajtak.in

  • नई दिल्ली,
  • 04 जून 2026,
  • अपडेटेड 2:53 PM IST

प्रवर्तन निदेशालय (ED) ने गुरुवार को मिजोरम में म्यांमार की अंतरराष्ट्रीय सीमा के पास बड़ी छापेमारी की. बताया जा रहा है कि ये कार्रवाई मनी लॉन्ड्रिंग मामले की जांच के तहत की गई है जो म्यांमार से भारत में लाई जा रही अवैध सुपारी (अरेका नट) की तस्करी से जुड़ी है.

पीटीआई एजेंसी के मुताबिक, अधिकारियों ने बताया कि भारत-म्यांमार सीमा से लगे चम्फाई शहर में करीब नौ ठिकानों पर छापेमारी की जा रही है. ये ठिकाने कथित तस्करी नेटवर्क के स्थानीय मददगारों और संचालकों से जुड़े हैं. ED का कहना है कि ये एक बड़ा और संगठित सीमा पार नेटवर्क है जो बड़े पैमाने पर म्यांमार की अवैध सुपारी भारत में पहुंचा रहा था.

जिन आरोपियों के ठिकानों पर तलाशी ली जा रही है, उन पर आरोप है कि वह म्यांमार से सुपारी को तिऔ नदी (Tiu River) के रास्ते से भारत लाते थे. इसके बाद माल को स्थानीय गोदामों में रखा जाता था. फिर फर्जी ई-वे बिल और फर्जी डॉक्यूमेंट की मदद से इसे वैध माल दिखाया जाता था. कागजों में ये बताया जाता था कि सुपारी स्थानीय बाजार से खरीदी गई है.

ED के अनुसार, इस अवैध कारोबार से सैकड़ों करोड़ रुपये की कमाई हुई. बाद में पैसों के असली स्रोत को छिपाने के लिए उन्हें अलग-अलग तरीकों से घुमाया गया. जांच एजेंसी का आरोप है कि आरोपी अपनी स्थानीय जनजातीय पहचान का फायदा उठाते थे. वे कस्टम अधिकारियों के सामने पुराने और असंबंधित आयात दस्तावेज पेश करते थे. इन दस्तावेजों के आधार पर जब्त की गई अवैध सुपारी को छुड़ाने की कोशिश की जाती थी.

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