श्रीकाशी विश्वनाथ धाम बनने के बाद से जिस मांग को काशीवासी लगातार उठा रहे थे, उसे अब मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने मंजूरी दे दी है. अब स्थानीय काशीवासियों के लिए श्रीकाशी विश्वनाथ मंदिर में अलग दर्शन मार्ग की व्यवस्था होगी. सबसे बड़ी बात यह है कि पहले यह सुविधा दिन में सिर्फ दो घंटे के लिए थी, लेकिन अब इसे पूरे दिन के लिए लागू किया जाएगा. इससे काशी के स्थानीय श्रद्धालु भीड़ से बचते हुए आसानी से बाबा विश्वनाथ के दर्शन कर सकेंगे.
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ मंगलवार को अपने दो दिवसीय दौरे पर वाराणसी पहुंचे. सर्किट हाउस में जनप्रतिनिधियों और अधिकारियों के साथ समीक्षा बैठक के दौरान उन्होंने श्रावण मास की तैयारियों का जायजा लिया. इसी दौरान उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिया कि काशीवासियों के लिए श्रीकाशी विश्वनाथ मंदिर में अलग दर्शन मार्ग की स्थायी व्यवस्था की जाए. मुख्यमंत्री के निर्देश के तुरंत बाद श्रीकाशी विश्वनाथ मंदिर प्रशासन ने भी नई व्यवस्था की घोषणा कर दी.
धाम बनने के बाद से उठ रही थी यह मांग
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी द्वारा श्रीकाशी विश्वनाथ धाम देश और दुनिया के श्रद्धालुओं को समर्पित किए जाने के बाद मंदिर में आने वाले भक्तों की संख्या लगातार बढ़ी. हर दिन हजारों श्रद्धालुओं और त्योहारों पर लाखों लोगों के पहुंचने से स्थानीय काशीवासियों को भी दर्शन के लिए लंबा इंतजार करना पड़ता था. इसी वजह से काशी के स्थानीय श्रद्धालु और नियमित रूप से दर्शन करने वाले लोग लंबे समय से मांग कर रहे थे कि उनके लिए अलग प्रवेश व्यवस्था बनाई जाए, ताकि वे भीड़ से अलग आसानी से बाबा विश्वनाथ के दर्शन कर सकें. मंदिर न्यास ने वर्ष 2024 में स्थानीय श्रद्धालुओं की सुविधा को देखते हुए द्वार संख्या 4B को "काशी द्वार" घोषित किया था. इस द्वार से स्थानीय पहचान पत्र दिखाकर काशीवासियों को सुबह 4 बजे से 5 बजे और शाम 4 बजे से 5 बजे तक मंदिर में प्रवेश की अनुमति दी जाती थी. हालांकि स्थानीय लोगों का कहना था कि यह समय पर्याप्त नहीं है. उनकी मांग थी कि पूरे दर्शन काल के दौरान अलग प्रवेश मार्ग उपलब्ध कराया जाए.
अब सुबह 4:15 बजे से रात 10:45 बजे तक मिलेगा प्रवेश
मुख्यमंत्री के निर्देश के बाद मंदिर प्रशासन ने नई व्यवस्था लागू करने की घोषणा कर दी. नई व्यवस्था के अनुसार अब काशी द्वार (गेट नंबर 4B) से स्थानीय काशीवासी सुबह 4:15 बजे से रात 10:45 बजे तक मंदिर में प्रवेश कर सकेंगे. यानी मंदिर खुलने के 15 मिनट बाद से लेकर मंदिर बंद होने के 15 मिनट पहले तक यह सुविधा उपलब्ध रहेगी. हालांकि मंदिर प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि विशेष पर्वों और प्रमुख धार्मिक तिथियों पर यह व्यवस्था लागू नहीं होगी, क्योंकि उन दिनों श्रद्धालुओं की संख्या सामान्य दिनों की तुलना में काफी अधिक रहती है.
सीएम योगी के फैसले पर जताया आभार
बैठक के दौरान पूर्व मंत्री और वाराणसी दक्षिण से भाजपा विधायक डॉ. नीलकंठ तिवारी ने मुख्यमंत्री के इस फैसले का स्वागत किया. उन्होंने कहा कि यह काशीवासियों की लंबे समय से चली आ रही बहुप्रतीक्षित मांग थी. उन्होंने स्थानीय जनता की ओर से मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ का आभार व्यक्त किया. उन्होंने सावन के दौरान मैदागिन से गोदौलिया तक होने वाली बैरिकेडिंग से व्यापारियों को परेशानी न होने देने और पूरे मार्ग पर पर्याप्त एम्बुलेंस की व्यवस्था करने का भी अनुरोध किया. मुख्यमंत्री ने अधिकारियों को इस संबंध में भी आवश्यक निर्देश दिए.
सावन की तैयारियों की भी समीक्षा
मुख्यमंत्री ने बैठक में श्रावण मास के दौरान आने वाले लाखों श्रद्धालुओं को देखते हुए प्रशासनिक तैयारियों की भी समीक्षा की. उन्होंने प्रशासन, पुलिस, नगर निगम, लोक निर्माण विभाग और बिजली विभाग को आपसी समन्वय के साथ काम करने का निर्देश दिया. साथ ही रेलवे और परिवहन विभाग के साथ बेहतर तालमेल बनाकर भीड़ प्रबंधन मजबूत करने को कहा. मुख्यमंत्री ने श्रद्धालुओं के लिए साफ-सफाई, पेयजल, स्वास्थ्य सेवाएं, खोया-पाया केंद्र, आपदा प्रबंधन और निशुल्क लॉकर जैसी सुविधाएं उपलब्ध कराने के निर्देश दिए.
गंगा में सुरक्षा और ट्रैफिक प्रबंधन पर जोर
गंगा नदी में बढ़ते जलस्तर को देखते हुए मुख्यमंत्री ने जल पुलिस को सतर्क रहने, नावों में लाइफ जैकेट अनिवार्य कराने और घाटों की सीसीटीवी से निगरानी करने के निर्देश दिए. उन्होंने मैदागिन से गोदौलिया तक बैरिकेडिंग को सुरक्षित बनाने, जर्जर भवनों के आसपास अतिरिक्त सावधानी बरतने और पूरे सावन महीने प्रभावी ट्रैफिक प्रबंधन सुनिश्चित करने को कहा. मुख्यमंत्री ने मंदिर में तैनात कर्मचारियों की ड्यूटी रोटेशन के आधार पर बदलने के निर्देश दिए. उन्होंने कहा कि वीआईपी दर्शन के नाम पर किसी श्रद्धालु के साथ धोखाधड़ी या अनियमितता नहीं होनी चाहिए. साथ ही होटल, रेस्तरां और बस स्टैंडों पर मनमाना शुल्क वसूलने वालों पर भी कड़ी निगरानी रखने के निर्देश दिए.
विकास परियोजनाओं की भी हुई समीक्षा
समीक्षा बैठक में जिलाधिकारी सत्येंद्र कुमार ने बताया कि वर्ष 2014 से अब तक 36,210 करोड़ रुपये की लागत से 536 परियोजनाएं पूरी की जा चुकी हैं, जबकि 25,007 करोड़ रुपये की लागत वाली 191 परियोजनाओं पर काम चल रहा है. मुख्यमंत्री ने रोप-वे परियोजना को समय पर पूरा करने, जल जीवन मिशन के कार्यों में तेजी लाने, अंडरग्राउंड केबलिंग के बाद सड़कों की तत्काल मरम्मत कराने, दालमंडी सड़क चौड़ीकरण, नई टाउनशिप, यूनिटी मॉल और अन्य विकास परियोजनाओं को तय समय सीमा में पूरा करने के निर्देश दिए. मुख्यमंत्री ने पुलिस अधिकारियों को फुट पेट्रोलिंग बढ़ाने, जनता के साथ बेहतर व्यवहार करने, सीमावर्ती क्षेत्रों में सतर्कता बढ़ाने और आईजीआरएस व सीएम हेल्पलाइन पर आने वाली शिकायतों का त्वरित निस्तारण सुनिश्चित करने के भी निर्देश दिए.
रोशन जायसवाल