देशभर में आज दवा दुकानों की हड़ताल, 15 लाख केमिस्ट बंद रखेंगे दुकानें, जानें अपनी राज्य की स्थिति

हालांकि, इस हड़ताल को लेकर देशभर में एकमत स्थिति नहीं दिख रही. केंद्रीय औषधि मानक नियंत्रण संगठन (CDSCO) ने बताया कि कई राज्य स्तरीय फार्मेसी संगठनों ने सार्वजनिक हित को देखते हुए हड़ताल से दूरी बना ली है.

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ई-फार्मेसी और भारी डिस्काउंट के विरोध में AIOCD ने इस हड़ताल का आह्वान किया है. (Photo-ITG) ई-फार्मेसी और भारी डिस्काउंट के विरोध में AIOCD ने इस हड़ताल का आह्वान किया है. (Photo-ITG)

aajtak.in

  • नई दिल्ली,
  • 20 मई 2026,
  • अपडेटेड 9:24 AM IST

ई-फार्मेसी प्लेटफॉर्म्स द्वारा दवाओं की ऑनलाइन बिक्री और भारी डिस्काउंटिंग के विरोध में आज 'ऑल इंडिया ऑर्गेनाइजेशन ऑफ केमिस्ट्स एंड ड्रगिस्ट्स' (AIOCD) की तरफ से 24 घंटे की देशव्यापी हड़ताल का एलान किया है.

 संगठन का दावा है कि इस विरोध प्रदर्शन के तहत देश भर के करीब 15 लाख से अधिक केमिस्ट और ड्रगिस्ट अपनी दुकानें बंद रखेंगे' हालांकि, मरीजों को परेशानी से बचाने के लिए आपातकालीन दवाओं  की आपूर्ति के लिए विशेष इंतजाम किए गए हैं'

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AIOCD का दावा है कि देशभर के 15 लाख से अधिक केमिस्ट और ड्रगिस्ट इस हड़ताल में शामिल होंगे' संगठन का कहना है कि अनियंत्रित ऑनलाइन दवा बिक्री से पारंपरिक मेडिकल स्टोर्स का कारोबार प्रभावित हो रहा है और इससे मरीजों की सुरक्षा पर भी खतरा बढ़ सकता है'

तीन प्रमुख मांगें

AIOCD के राष्ट्रीय अध्यक्ष जे. एस. शिंदे और महासचिव राजीव सिंघल के मुताबिक, सरकार की नीतियां खुदरा दवा व्यापारियों के हितों को नुकसान पहुंचा रही हैं' केमिस्ट एसोसिएशन की तीन प्रमुख मांगें हैं:

GSR 817 अधिसूचना को रद्द करना: सरकार द्वारा ऑनलाइन दवाओं की बिक्री को लेकर जारी की गई अधिसूचना संख्या GSR 817 को तुरंत वापस लिया जाए और नए सिरे से ढांचा तैयार हो'

कोरोना काल के नियमों का खात्मा: महामारी के दौरान लागू की गई अधिसूचना GSR 220 को पूरी तरह बंद किया जाए'

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डीप डिस्काउंटिंग पर रोक: ऑनलाइन कंपनियों द्वारा दिए जा रहे बेतहाशा डिस्काउंट को रोका जाए या फिर ड्रग प्राइस कंट्रोल ऑर्डर (DPCO) में संशोधन कर खुदरा दुकानदारों का मार्जिन बढ़ाया जाए ताकि वे भी प्रतिस्पर्धा में टिक सकें'

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हालांकि, इस हड़ताल को लेकर देशभर में एकमत स्थिति नहीं दिख रही' केंद्रीय औषधि मानक नियंत्रण संगठन (CDSCO) ने बताया कि कई राज्य स्तरीय फार्मेसी संगठनों ने सार्वजनिक हित को देखते हुए हड़ताल से दूरी बना ली है'

उत्तर प्रदेश, पश्चिम बंगाल, केरल, पंजाब, महाराष्ट्र, कर्नाटक, हरियाणा, गुजरात, छत्तीसगढ़, सिक्किम, उत्तराखंड और लद्दाख के रीटेल फार्मेसी एसोसिएशंस ने लिखित आश्वासन दिया है कि उनके राज्यों में दवा दुकानें खुली रहेंगी और दवाओं की कोई किल्लत नहीं होने दी जाएगी' हालांकि, कर्नाटक के कुछ हिस्सों और मध्य प्रदेश में बंद का व्यापक असर देखने को मिल सकता है'

प्रशासन अलर्ट, जनता के लिए एडवाइजरी जारी
हड़ताल के मद्देनजर अलग-अलग राज्यों के स्वास्थ्य विभागों और ड्रग्स कंट्रोल एडमिनिस्ट्रेशन (DCA) ने कमर कस ली है. चंडीगढ़ में भी केमिस्ट एसोसिएशन ने बंद का समर्थन किया है, लेकिन प्रशासन ने कुछ मेडिकल स्टोर्स को 24 घंटे खुला रखने की व्यवस्था की है ताकि मरीजों को जीवनरक्षक दवाएं मिलती रहें.

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तेलंगाना में डीसीए ने जनता के लिए एक सार्वजनिक एडवाइजरी जारी कर टोल-फ्री नंबर और स्थानीय ड्रग इंस्पेक्टरों के नंबर जारी किए हैं' साथ ही अपोलो और मेडप्लस जैसे बड़े कॉर्पोरेट मेडिकल स्टोर्स को अनिवार्य रूप से खुला रखने के निर्देश दिए गए हैं.'

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कर्नाटक में 20 हजार से ज्यादा केमिस्ट इस बंद में शामिल होने जा रहे हैं' वहीं मध्य प्रदेश में AIOCD से जुड़े 52 जिला संगठन हड़ताल में हिस्सा लेंगे'

CDSCO के अधिकारियों ने स्पष्ट किया है कि खुदरा केमिस्टों की चिंताओं पर सक्रियता से विचार किया जा रहा है, लेकिन मरीजों की जान की कीमत पर किसी भी तरह की कालाबाजारी या किल्लत को बर्दाश्त नहीं किया जाएगा'

(PTI-ANI इनपुट्स के साथ)

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