पेपर लीक के मुद्दे पर कांग्रेस के 'छात्रों की गूंज' अभियान के दौरान राहुल गांधी की गैरमौजूदगी पर भाजपा ने सवाल उठाए हैं. भाजपा के राष्ट्रीय प्रवक्ता शहजाद पूनावाला ने राहुल गांधी पर निशाना साधते हुए कहा कि उन्हें नेता प्रतिपक्ष नहीं, बल्कि 'पर्यटन का नेता' कहा जाना चाहिए, क्योंकि वह राजनीतिक अभियानों के बजाय विदेश यात्राओं और छुट्टियों में अधिक व्यस्त रहते हैं.
पूनावाला ने आरोप लगाया कि राहुल गांधी ने छात्रों के समर्थन का संदेश देने के लिए कोटा में केवल एक औपचारिक कार्यक्रम किया और उसके बाद लंबी छुट्टी पर चले गए. उन्होंने कहा कि राहुल गांधी का पटना और बिहार दौरा भी रद्द हो गया, जो कांग्रेस के 'छात्रों की गूंज' अभियान का अगला पड़ाव था. भाजपा प्रवक्ता ने दावा किया कि कांग्रेस छात्रों के मुद्दों का इस्तेमाल केवल राजनीतिक लाभ के लिए करती है, जबकि छात्रों की वास्तविक समस्याओं से उसका कोई सरोकार नहीं है.
भाजपा के आरोपों का जवाब देते हुए कांग्रेस के राष्ट्रीय सचिव अभिषेक दत्त ने कहा कि देश अयोध्या राम मंदिर में चढ़ावा चोरी पर जवाब चाहता है. उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री कार्यालय की देखरेख में बने राम मंदिर ट्रस्ट पर लगे आरोपों पर भाजपा चुप्पी साधे हुए है. अभिषेक दत्त ने यह भी सवाल उठाया कि इस मामले में दर्ज एफआईआर में भाजपा, आरएसएस और विश्व हिंदू परिषद के नेताओं के नाम क्यों नहीं हैं.
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भाजपा के सवालों पर कांग्रेस ने दी सफाई
अभिषेक दत्त ने बताया कि 'छात्रों की गूंज' अभियान के तहत कई कार्यक्रम प्रस्तावित थे, लेकिन प्रशासनिक कारणों से कुछ कार्यक्रम रद्द करने पड़े. उनका आरोप है कि दिल्ली पुलिस ने प्रदर्शन की अनुमति नहीं दी और नई दिल्ली क्षेत्र में प्रस्तावित एक कार्यक्रम की अनुमति भी वापस ले ली गई. पेपर लीक के मुद्दे पर केंद्र सरकार को घेरते हुए उन्होंने आरोप लगाया कि दोषियों के खिलाफ कार्रवाई करने के बजाय उन्हें संरक्षण दिया जा रहा है.
कांग्रेस प्रवक्ता ने कहा कि छत्तीसगढ़ में पेपर लीक के आरोपियों को प्रमोशन तक मिल गया. साथ ही उन्होंने तंज कसते हुए कहा कि नेशनल टेस्टिंग एजेंसी (NTA) अब 'नेशनल ट्रॉमा एजेंसी' बन गई है. अभिषेक दत्त ने कहा कि कांग्रेस ने छात्रों के हित में सरकार के सामने पांच प्रमुख मांगें रखी हैं और देशभर में 'छात्रों की गूंज' अभियान चलाया जा रहा है. बता दें कि राहुल गांधी ने कांग्रेस के इस अभियान के तहत राजस्थान के कोटा में प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी करने वाले छात्रों के साथ संवाद किया था.
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क्या है कांग्रेस का 'छात्रों की गूंज' अभियान
कांग्रेस ने 17 जून को परीक्षा पेपर लीक, बेरोजगारी और छात्रों-युवाओं से जुड़े मुद्दों को लेकर 'छात्रों की गूंज' अभियान की शुरुआत की थी. पार्टी ने इसे देशव्यापी आंदोलन बताते हुए आरोप लगाया था कि केंद्र सरकार प्रतियोगी परीक्षाओं में पेपर लीक रोकने और छात्रों व नौकरी की तैयारी कर रहे युवाओं के हितों की रक्षा करने में विफल रही है. कांग्रेस के घोषित कार्यक्रम के मुताबिक, 10 जुलाई को प्रयागराज, 11 जुलाई को पटना और 14 जुलाई को दिल्ली में रैलियां आयोजित होनी थीं.
हालांकि, राहुल गांधी के विदेश दौरे की अवधि बढ़ने के कारण इन सभी कार्यक्रमों को फिलहाल स्थगित कर दिया गया है. पार्टी सूत्रों के अनुसार, राहुल गांधी के 17 जुलाई के आसपास भारत लौटने की संभावना है. वह देहरादून में 17 जुलाई को आयोजित होने वाले 'छात्रों की गूंज' अभियान में शिरकत कर सकते हैं. उनके लौटने के बाद रैलियों की नई तारीखों की घोषणा किए जाने की उम्मीद है.
अनमोल नाथ