बैंकॉक BIMSTEC समिट: मंच पर पीएम मोदी के बगल में खड़े दिखे मोहम्मद यूनुस

प्रधानमंत्री मोदी नेपाल के प्रधानमंत्री केपी शर्मा ओली से भी मुलाकात कर सकते हैं. ओली को भारत यात्रा के लिए आमंत्रित करने में देरी को लेकर दोनों देशों की सरकारों के बीच महीनों से चल रहे तनाव के बीच यह संभावित मुलाकात होगी. बता दें कि केपी शर्मा ओली ने 2024 में सत्ता में आने के बाद दिल्ली से निमंत्रण नहीं मिलने के बाद सबसे पहले बीजिंग का दौरा किया था.

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बिम्सटेक शिखर सम्मेलन में सभी सदस्य देशों के राष्ट्राध्यक्ष. (PTI Photo) बिम्सटेक शिखर सम्मेलन में सभी सदस्य देशों के राष्ट्राध्यक्ष. (PTI Photo)

aajtak.in

  • बैंकॉक ,
  • 04 अप्रैल 2025,
  • अपडेटेड 10:27 AM IST

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और बांग्लादेश के मुख्य सलाहकार मोहम्मद यूनुस की आज थाईलैंड की राजधानी बैंकॉक में बिम्सटेक ((Bay of Bengal Initiative for Multi-Sectoral Technical and Economic Cooperation) समिट से इतर मुलाकात हो सकती है. हालांकि, अब तक ऐसी किसी मुलाकात को लेकर दोनों देशों की ओर से कोई आधिकारिक घोषणा नहीं हुई है. अगर यूनुस की पीएम मोदी से मुलाकात होती है, तो यह पिछले साल अगस्त में पूर्व प्रधानमंत्री शेख हसीना की सरकार के पतन के बाद बांग्लादेश में अंतरिम सरकार के कार्यभार संभालने के बाद पहली बार होगा.

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दोनों नेता गुरुवार (3 अप्रैल, 2025) शाम को ब्रिक्स समिट के डिनर में शामिल हुए थे, जहां पीएम मोदी की एक ओर मोहम्मद यूनुस और दूसरी ओर नेपाल के प्रधानमंत्री केपी शर्मा ओली बैठे थे. बैंकॉक में छठे बिम्सटेक शिखर सम्मेलन के दौरान यह संभावित बैठक महत्वपूर्ण होगी, क्योंकि बांग्लादेश में अल्पसंख्यकों पर हमलों और शेख हसीना के भारत में लगातार रहने को लेकर ढाका और दिल्ली के बीच महीनों से तनाव बना हुआ है.

बिम्सटेक के प्लेनरी सेशन में बोलेंगे PM मोदी
 
इस सप्ताह अपनी बीजिंग यात्रा के दौरान मोहम्मद यूनुस द्वारा भारत के पूर्वोत्तरी क्षेत्र तथा भूटान, नेपाल और बांग्लादेश को 'चीनी अर्थव्यवस्था के विस्तार' के रूप में शामिल करने संबंधी टिप्पणी से भी दिल्ली में बांग्लादेश की अंतरिम सरकार की मौजूदा नीति को लेकर संशय उत्पन्न हुआ है. पीएम मोदी बिम्सटेक शिखर सम्मेलन के प्लेनरी सेशन (मुख्य सत्र) में बोलेंगे और वहां मौजूद अन्य राष्ट्राध्यक्षों के साथ द्विपक्षीय वार्ता करेंगे. वह 5-6 अप्रैल को श्रीलंका की अपनी यात्रा से पहले श्रीलंका के प्रधानमंत्री हरिनी अमरसूर्या और भूटान के प्रधानमंत्री शेरिंग तोबगे से मुलाकात करेंगे.

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प्रधानमंत्री मोदी नेपाल के प्रधानमंत्री केपी शर्मा ओली से भी मुलाकात कर सकते हैं. ओली को भारत यात्रा के लिए आमंत्रित करने में देरी को लेकर दोनों देशों की सरकारों के बीच महीनों से चल रहे तनाव के बीच यह संभावित मुलाकात होगी. बता दें कि केपी शर्मा ओली ने 2024 में सत्ता में आने के बाद दिल्ली से निमंत्रण नहीं मिलने के बाद सबसे पहले बीजिंग का दौरा किया था. सूत्रों के मुताबिक पीएम मोदी और म्यांमार के सैन्य शासन (जुंटा) के प्रधानमंत्री और कमांडर-इन-चीफ जनरल मिन आंग ह्लाइंग के बीच भी एक बैठक प्रस्तावित है. यह 2021 में म्यांमार में तख्ता पलट के बाद वहां के सैन्य शासन के साथ भारतीय प्रधानमंत्री की पहली उच्च स्तरीय बैठक होगी. 

बिम्सटेक के केंद्र में भारत का पूर्वोत्तर क्षेत्र: PM

बिम्सटेक शिखर सम्मेलन के लिए थाईलैंड की दो दिवसीय यात्रा पर रवाना होते समय प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कहा था कि 'बिम्सटेक बंगाल की खाड़ी क्षेत्र में क्षेत्रीय विकास, संपर्क और आर्थिक प्रगति को बढ़ावा देने के लिए एक महत्वपूर्ण मंच के रूप में उभरा है, जिसके केंद्र में भारत का पूर्वोत्तर क्षेत्र है. मैं बिम्सटेक देशों के नेताओं से मिलने और अपने लोगों के हितों को ध्यान में रखते हुए हमारे सहयोग को और मजबूत करने के लिए रचनात्मक रूप से बातचीत करने के लिए उत्सुक हूं.' 

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यह भी पढ़ें: थाईलैंड में साथ नजर आए PM मोदी और बांग्लादेश के मुख्य सलाहकार यूनुस... आज हो सकती है मुलाकात

बिम्सटेक मंत्रिस्तरीय सम्मेलन में बोलते हुए गुरुवार (3 अप्रैल, 2025) को विदेश मंत्री एस. जयशंकर ने कहा कि भारत-म्यांमार-थाईलैंड के बीच राजमार्ग का निर्माण पूरा होने पर यह क्षेत्र के लिए गेम-चेंजर साबित होगा. इस राजमार्ग का प्रस्ताव सबसे पहले 2002 में रखा गया था और इसका निर्माण 2012 में शुरू हुआ था, लेकिन मुख्य रूप से म्यांमार में हिंसा और अस्थिरता के कारण इसमें देरी हुई है. 1997 में गठित बिम्सटेक (BIMSTEC) में बांग्लादेश, भूटान, भारत, म्यांमार, नेपाल, श्रीलंका और थाईलैंड शामिल हैं. इसे दक्षिण एशियाई सार्क और दक्षिण-पूर्व एशियाई आसियान समूहों के बीच एक सेतु के रूप में देखा जाता है.

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