लव जिहाद के खिलाफ कानून पर भड़के ओवैसी, बोले- संविधान का मजाक बना रहे बीजेपी शासित राज्य

लव जिहाद कानून को लेकर AIMIM के मुखिया असदुद्दीन ओवैसी ने कहा कि संविधान में कहीं भी लव जिहाद की कोई परिभाषा नहीं है. बीजेपी शासित राज्य लव जिहाद कानूनों के माध्यम से संविधान का मजाक बना रहे हैं. बीजेपी शासित राज्य अगर कोई कानून बनाना चाहते हैं, तो उन्हें एमएसपी को लेकर कानून बनाना चाहिए.

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ओवैसी बोले- MSP पर कानून बनाए बीजेपी शासित राज्य (फाइल-पीटीआई) ओवैसी बोले- MSP पर कानून बनाए बीजेपी शासित राज्य (फाइल-पीटीआई)

aajtak.in

  • हैदराबाद,
  • 29 दिसंबर 2020,
  • अपडेटेड 5:25 PM IST
  • संविधान में कहीं भी लव जिहाद की कोई परिभाषा नहींः ओवैसी
  • पिछले महीने उत्तर प्रदेश में लव जिहाद के खिलाफ कानून बना
  • मध्य प्रदेश में आज लव जिहाद के खिलाफ अध्यादेश को मंजूरी

लव जिहाद को लेकर भारतीय जनता पार्टी (बीजेपी) शासित राज्य बेहद आक्रामक हैं और उत्तर प्रदेश में इसको लेकर कानून भी बन चुका है तो मध्यप्रदेश में अध्यादेश जारी कर दिया गया है. लव जिहाद पर राज्यों में बनाए जा रहे कानूनों को लेकर AIMIM के मुखिया असदुद्दीन ओवैसी ने इन कोशिशों की आलोचना करते हुए कहा कि बीजेपी शासित राज्य लव जिहाद कानूनों के माध्यम से संविधान का मजाक बना रहे हैं.

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AIMIM के चीफ असदुद्दीन ओवैसी ने कहा कि संविधान में कहीं भी लव जिहाद की कोई परिभाषा नहीं है. बीजेपी शासित राज्य लव जिहाद कानूनों के माध्यम से संविधान का मजाक बना रहे हैं. बीजेपी शासित राज्य अगर कोई कानून बनाना चाहते हैं, तो उन्हें एमएसपी को लेकर कानून बनाना चाहिए और रोजगार उपलब्ध कराना चाहिए.

उन्होंने आगे कहा कि कोर्ट कह चुका है कि भारत के संविधान के तहत, अनुच्छेद 21, 14 और 25 के तहत, किसी भी भारतीय नागरिक के व्यक्तिगत जीवन में किसी भी सरकार की कोई भूमिका नहीं है. बीजेपी स्पष्ट रूप से संविधान के मौलिक अधिकारों का उल्लंघन करने में संलिप्त है.

यूपी में लव जिहाद कानून के 1 महीने

इस बीच उत्तर प्रदेश में लव जिहाद कानून को बने एक महीने पूरे हो गए हैं. पिछले महीने 28 नवंबर को योगी आदित्यनाथ सरकार ने धर्म परिवर्तन कानून बनाया था. इसके बाद से अब तक उत्तर प्रदेश में 14 मामले दर्ज किए जा चुके हैं, जिसमें 51 लोग गिरफ्तार किए गए थे. जबकि 49 आरोपी अभी भी जेल में हैं.

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यूपी में 14 में से 13 दर्ज मामलों में हिंदू महिलाओं पर जबरन इस्लाम धर्म स्वीकार करने का दबाव बनाने का आरोप है. इसमें से 2 मामलों में शिकायकर्ता खुद पीड़िता है. इसके अलावा 12 मामलों में शिकायतकर्ता पीड़िता के रिश्तेदार हैं. इसमें से 8 मामलों में दोनों ने दावा किया कि वह दोस्त या रिश्ते में हैं, जबकि 2 ने कहा कि वह शादी कर चुके हैं.

एमपी में अध्यादेश को मंजूरी

27 नवंबर को धर्मांतरण विरोधी अध्यादेश को यूपी की राज्यपाल आनंदीबेन पटेल ने मंजूरी दी थी. इस कानून के तहत बिजनौर में 3 केस दर्ज किए गए हैं, तो वहीं शाहजहांपुर में 2 केस दर्ज किए गए. इसके अलावा बरेली, मुजफ्फरनगर, मऊ, सीतापुर, हरदोई, एटा, कन्नौज, आजमगढ़ और मुरादाबाद जिलों में केस रजिस्टर हुए हैं.

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उत्तर प्रदेश के बाद अब मध्य प्रदेश की शिवराज सिंह चौहान सरकार ने भी आज मंगलवार को लव जिहाद के खिलाफ अध्यादेश को पास कर दिया है. मुख्यमंत्री शिवराज की अगुवाई में आज मंगलवार को हुई कैबिनेट बैठक में धर्म स्वातंत्र्य अध्यादेश को मंजूरी दे दी गई. अब इसे राज्यपाल के पास मंजूरी के लिए भेज दिया गया है. वहां से मंजूरी मिलने के बाद फिर यह कानून की शक्ल ले लेगा.

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मध्य प्रदेश सरकार पहले विधानसभा सत्र में धर्म स्वातंत्र्य बिल को पारित करने वाली थी, लेकिन कोरोना महामारी के चलते विधानसभा सत्र स्थगित करना पड़ गया. इसलिए अब राज्य सरकार धर्म स्वातंत्र्य अध्यादेश लेकर आई. इस अध्यादेश को राज्यपाल से मंजूरी के बाद 6 महीने के अंदर विधानसभा से पारित कराना पड़ेगा. धर्म स्वातंत्र्य अध्यादेश में 19 प्रावधान हैं.

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