Twitter पर चौतरफा एक्शन! संसदीय समिति के तीखे सवाल, दिल्ली-यूपी-MP समेत कई राज्यों में FIR

नए आईटी नियमों को लेकर पहले ही ट्विटर और सरकार के बीच तकरार जारी है. अब कानूनी संरक्षण हटने के बाद से ट्विटर पर भारत के कई हिस्सों में एफआईआर दर्ज होना भी शुरू हो गया है.

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ट्विटर पर छाए संकट के बादल (सांकेतिक तस्वीर) ट्विटर पर छाए संकट के बादल (सांकेतिक तस्वीर)

aajtak.in / तनसीम हैदर

  • नई दिल्ली,
  • 30 जून 2021,
  • अपडेटेड 1:08 PM IST
  • भारत में ट्विटर के खिलाफ जारी है एक्शन
  • संसदीय समिति ने ट्विटर से दो दिन में जवाब मांगा

भारत में सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ट्विटर पर आजकल संकट के बादल मंडरा रहे हैं. नए आईटी नियमों को लेकर ट्विटर और केंद्र सरकार के बीच तकरार जारी है. इस बीच अबतक कई राज्यों में ट्विटर के खिलाफ केस भी दर्ज किए जा चुके हैं, इस संकट से इतर बीते दिन आईटी मामलों की संसदीय कमेटी ने ट्विटर पर सवालों की बौछार कर दी. 

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संसदीय कमेटी के निशाने पर ट्विटर
दरअसल, बीते दिनों ट्विटर ने केंद्रीय मंत्री रविशंकर प्रसाद के अकाउंट को कुछ देर के लिए लॉक कर दिया था, जिसके बाद रविशंकर प्रसाद ने आपत्ति जताई थी. तब आईटी मामलों की संसदीय कमेटी के प्रमुख शशि थरूर ने भी कहा था कि उनके साथ भी ऐसा हो चुका है. 

अब मंगलवार को संसदीय कमेटी के सामने ट्विटर की पेशी हुई और उसे फटकार लगाई गई. कमेटी ने ट्विटर से दो दिन के भीतर जवाब मांगा है कि रविशंकर प्रसाद, शशि थरूर के अकाउंट बंद क्यों हुए थे. पिछले कुछ दिनों में ऐसा कई बार हो गया है, जब संसदीय कमेटी ने ट्विटर पर सख्त रुख अपनाया है या किसी मंत्री के निशाने पर ट्विटर आया है. 

सिर्फ ट्विटर ही नहीं, बल्कि संसदीय कमेटी ने फेसबुक, गूगल से भी जल्द नए आईटी नियमों को मानने का बात कही है.

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क्लिक करें: चाइल्ड पोर्नः दिल्ली पुलिस की साइबर सेल ने ट्विटर के खिलाफ दर्ज की एफआईआर

देश के अलग-अलग हिस्सों में ट्विटर के खिलाफ FIR
सिर्फ नए आईटी नियमों या संसदीय कमेटी के तीखे सवाल ही नहीं बल्कि ट्विटर अब भारत में कानूनी पचड़े में भी फंसता दिख रहा है. दरअसल, नए आईटी नियमों को पूरी तरह ना मानने की वजह से ट्विटर को मिलने वाली कानूनी सुरक्षा अब हट गई है, ऐसे में हाल ही के दिनों में दिल्ली, उत्तर प्रदेश, मध्य प्रदेश और अन्य हिस्सों में ट्विटर के खिलाफ एफआईआर दर्ज कराई गई है. 

हाल ही में ट्विटर द्वारा अपनी वेबसाइट पर भारत का गलत नक्शा दिखाया गया था, जिसमें जम्मू-कश्मीर, लद्दाख को अलग देश बताया था. इस मामले में ट्विटर के खिलाफ उत्तर प्रदेश और मध्य प्रदेश में एफआईआर दर्ज कराई गई है. गलत नक्शा दिखाने के मामले में उत्तर प्रदेश के बुलंदशहर में एफआईआर हुई, इसके अलावा मध्य प्रदेश में भी ट्विटर पर साजिश के तहत ऐसा नक्शा दिखाने का आरोप लगाया गया. 

इसके अलावा दिल्ली में भी ट्विटर के खिलाफ मामला दर्ज हुआ है, यहां ट्विटर पर चाइल्ड अब्यूज़ से जुड़े मामले में POCSO एक्ट के तहत केस दर्ज किया गया है. नेशनल कमिशन फॉर प्रोटेक्शन ऑफ चाइल्ड राइट्स की शिकायत पर ये एक्शन हुआ है.

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इस मामले में दिल्ली पुलिस ने ट्विटर को ई-मेल भेज कर जवाब मांगे हैं. ट्विटर से पूछा गया है कि बच्चों से जुड़ी सामग्री पर क्या उसने कोई एक्शन लिया, अगर हां तो क्या, नहीं तो क्यों नहीं लिया. पुलिस इस मामले में ट्विटर अधिकारियों से पूछताछ कर सकती है.  

इस मामले में ट्विटर की ओर से जवाब दिया गया है. ट्विटर का कहना है कि चाइल्ड एब्यूज़ मामले में उनकी जीरो टॉलरेंस पॉलिसी है. हम इस मामले में तकनीक का सहारा लेते हैं और इस तरह के ट्वीट पर एक्शन लेते हैं. ट्विटर का कहना है कि गृह मंत्रालय की मदद से उन्होंने हिन्दी-बंगाली-कन्नड़ के कई की-वर्ड पर भी काम किया, जो चाइल्ड अब्यूज़ मामले से जुड़े थे.

MD को गाजियाबाद पुलिस ने पेशी के लिए कहा था 
बता दें कि हाल ही में उत्तर प्रदेश के गाजियाबाद में पुलिस ने ट्विटर के एमडी मनीष माहेश्वरी को थाने में पेश होने के लिए कहा था. लोनी में एक बुजुर्ग के साथ मारपीट के मामले में ट्विटर पर केस दर्ज हुआ था, इसी मामले में पुलिस ने मनीष माहेश्वरी को तलब किया था. 

हालांकि, मनीष माहेश्वरी को कर्नाटक हाईकोर्ट से राहत मिली थी और पेशी रुक गई थी. लेकिन अब उत्तर प्रदेश पुलिस भी इस मामले को लेकर सुप्रीम कोर्ट पहुंच गई है और हाईकोर्ट के फैसले का विरोध किया गया है. 

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