मणिपुर दंगा, बड़े भ्रष्टाचार जैसे मामलों से निपटने वाले 31 CBI अधिकारी होंगे सम्मानित, देखें लिस्ट

सीबीआई के संयुक्त निदेशक घनश्याम उपाध्याय को विशिष्ट सेवा के लिए राष्ट्रपति पुलिस पदक से सम्मानित किया गया. उन्होंने पश्चिम बंगाल में चुनाव के बाद हुई हिंसा, मणिपुर दंगों, राष्ट्रमंडल खेलों में भ्रष्टाचार, लालू प्रसाद यादव और उनके परिवार के खिलाफ नौकरियों के लिए भूमि घोटाले, 2024 एनईईटी अनियमितताओं, असम पोंजी घोटाले से जुड़े महत्वपूर्ण मामलों की जांच की निगरानी की, इसके अलावा कई जटिल विशेष अपराध मामलों का नेतृत्व किया.

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CBI के 31 अधिकारी सम्मानित होंगे CBI के 31 अधिकारी सम्मानित होंगे

aajtak.in

  • नई दिल्ली,
  • 25 जनवरी 2025,
  • अपडेटेड 8:56 PM IST

मणिपुर दंगों, ऑनलाइन ट्रेडिंग घोटालों, बड़े भ्रष्टाचार और पश्चिम बंगाल में चुनाव के बाद हुई हिंसा की जांच की निगरानी करने वाले अधिकारी 76वें गणतंत्र दिवस के अवसर पर पुलिस पदक से सम्मानित किए गए 31 अधिकारियों में शामिल हैं. केंद्रीय जांच ब्यूरो (सीबीआई) ने एक बयान में कहा कि छह अधिकारियों को विशिष्ट सेवा के लिए राष्ट्रपति पुलिस पदक से सम्मानित किया गया है, जबकि 25 को सराहनीय सेवा के लिए पुलिस पदक मिला है.

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पीटीआई के मुताबिक सीबीआई के संयुक्त निदेशक घनश्याम उपाध्याय को विशिष्ट सेवा के लिए राष्ट्रपति पुलिस पदक से सम्मानित किया गया. उन्होंने पश्चिम बंगाल में चुनाव के बाद हुई हिंसा, मणिपुर दंगों, राष्ट्रमंडल खेलों में भ्रष्टाचार, लालू प्रसाद यादव और उनके परिवार के खिलाफ नौकरियों के लिए भूमि घोटाले, 2024 एनईईटी अनियमितताओं, असम पोंजी घोटाले से जुड़े महत्वपूर्ण मामलों की जांच की निगरानी की, इसके अलावा कई जटिल विशेष अपराध मामलों का नेतृत्व किया.

असम के ऑनलाइन ट्रेडिंग घोटाले की जांच की निगरानी कर रहे संयुक्त निदेशक (उत्तर पूर्व क्षेत्र) दातला श्रीनिवास वर्मा, तथा अब पश्चिम बंगाल में चुनाव के बाद हुई हिंसा के मामलों और मणिपुर दंगों की आगे की जांच की निगरानी कर रहे संयुक्त निदेशक (उत्तर पूर्व क्षेत्र) दातला श्रीनिवास वर्मा को भी पदक से सम्मानित किया गया है. सहायक महानिरीक्षक (सीबीआई, नीति प्रभाग) तेजपाल सिंह, पुलिस उपाधीक्षक नरेश कुमार, उपनिरीक्षक भानी सिंह राठौर और सहायक उपनिरीक्षक ऐकोडन बालकृष्णन भी पुरस्कार पाने वालों में शामिल हैं. 

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उत्कृष्ट सेवा के लिए पुलिस पदक 25 अधिकारियों को दिया गया, जिनमें संयुक्त निदेशक राजीव रंजन भी शामिल हैं - जिन्होंने झारखंड में अवैध खनन मामले की निगरानी की थी, जिसमें मुख्यमंत्री के एक कथित करीबी सहयोगी शामिल थे तथा सारदा घोटाला, अन्य भ्रष्टाचार मामलों के अलावा. उप निदेशक (प्रशासन और कार्मिक) कुलदीप द्विवेदी - जिन्होंने मध्य प्रदेश नर्सिंग घोटाले और भारी नकदी जब्ती से जुड़े बड़े भ्रष्टाचार की जांच की निगरानी की थी - को भी पदक से सम्मानित किया गया. द्विवेदी ने झारखंड पुलिस में अपने कार्यकाल के दौरान लातेहार, पारसनाथ पहाड़ियों, सारंडा जंगलों और झुमरा पहाड़ियों जैसे नक्सली इलाकों में नक्सलियों के खतरे से निपटा था.

उप महानिरीक्षक सुधा सिंह और अश्विन आनंद शेनवी को भी सराहनीय सेवा के लिए पुलिस पदक से सम्मानित किया गया है. सिंह ने इंटरनेट पर अपलोड की गई बाल यौन शोषण सामग्री की जांच का नेतृत्व किया, जिसमें उत्तर प्रदेश सरकार के एक कर्मचारी से संबंधित सामग्री भी शामिल थी, जबकि शेनवी ने पश्चिम बंगाल में शिक्षकों और नगर पालिका कर्मचारियों की नियुक्ति में कथित अनियमितताओं की जांच के लिए एसआईटी का नेतृत्व किया था.

सराहनीय सेवा के लिए पुलिस पदक से सम्मानित अन्य लोगों में उप महानिरीक्षक जयलक्ष्मी रामानुजम, उप कानूनी सलाहकार अमृत पाल सिंह, पुलिस उपाधीक्षक विवेक और सूरज मजूमदार, निरीक्षक राज कुमार, मणिकवेल सुंदरमूर्ति, संजीव शर्मा और बलदेव कुमार, उप निरीक्षक राजिंदर कुमार हेड कांस्टेबल आलोक कुमार मजूमदार, एन कृष्णा, पुष्पेंद्र सिंह तोमर, विनोद कुमार चौधरी और दया राम यादव; और कांस्टेबल शेख खमरुद्दीन और राजेश कुमार.

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