पहले तो बस मुस्लिम-दलित विरोधी थी शिवसेना, अब मराठा विरोधी भी हो गई: राधाकृष्ण विखे पाटिल

शिवसेना के मुखपत्र सामना में मराठा क्रांति मोर्चा के मौन जुलूस को लेकर प्रकाशित कार्टून पर विवाद बढ़ता ही जा रहा है. महाराष्ट्र विधान सभा में विपक्ष के नेता राधाकृष्ण विखे पाटिल ने मंगलवार शाम को पुणे में इस सिलसिले में शिवसेना प्रमुख उद्धव ठाकरे और संपादक संजय राउत पर मामला दर्ज किए जाने की मांग की है.

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उद्धव ठाकरे, संजय राऊत उद्धव ठाकरे, संजय राऊत

पंकज खेळकर / सबा नाज़

  • पुणे,
  • 28 सितंबर 2016,
  • अपडेटेड 6:11 AM IST

शिवसेना के मुखपत्र सामना में मराठा क्रांति मोर्चा के मौन जुलूस को लेकर प्रकाशित कार्टून पर विवाद बढ़ता ही जा रहा है. महाराष्ट्र विधान सभा में विपक्ष के नेता राधाकृष्ण विखे पाटिल ने मंगलवार शाम को पुणे में इस सिलसिले में शिवसेना प्रमुख उद्धव ठाकरे और संपादक संजय राउत पर मामला दर्ज किए जाने की मांग की है.

पुणे में संवादाताओं से बातचीत में राधाकृष्ण विखे पाटिल ने कहा कि के मुखपत्र सामना में न सिर्फ शांति से आंदोलन कर रहे आंदोलनकारियों का मजाक उड़ाया गया है, बल्कि जो लाखों महिलाएं इस मोर्चे में शामिल हुई थी उनका और शहीदों का भी अपमान हुआ है. उन्होंने कहा कि शिवसेना प्रमुख और सामना के संपादक पर जल्द से जल्द एफआईआर दर्ज की जानी चाहिए. इतनी ही नहीं उन्होंने महाराष्ट्र की बीजेपी शिवसेना सरकार पर भी निशाना साधा.

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विपक्ष के नेता राधाकृष्ण विखे पाटिल ने कहा के इस कार्टून के कारण जो अपमान महिलाओं और शहीदों का हुआ है उसके लिए शिवसेना प्रमुख को की जनता से माफ़ी मांगनी चाहिए. उन्होंने ये भी कहा कि 'अगर महाराष्ट्र सरकार संवेदनशील है तो सामना पर कार्रवाई करे.' यही नहीं पाटिल ने कहा कि शिवसेना पहले से ही दलित-मुस्लिम विरोध रही है अब भी हो गई है. 2014 में शिवसेना-बीजेपी सरकार को चुनकर चूक हो गई इसलिए अब मूक मोर्चे के बाद लोग चूक मोर्चा भी निकालेंगे.

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