महाराष्ट्र में लॉकडाउन बढ़ाने पर बोले जयंत पाटिल, हालात की समीक्षा के बाद लेंगे फैसला

महाराष्ट्र्र सरकार में मंत्री जयंत पाटिल ने कहा कि राज्य सरकार जहां पर कोरोना के केस नहीं हैं वहां पर लॉकडाउन में रियायत देने पर सोच रही है. लेकिन फिर भी आखिरी फैसला पीएम मोदी ही लेंगे. हम केंद्र सरकार के निर्देश का इंतजार कर रहे हैं.

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एनसीपी नेता जयंत पाटिल (फाइल फोटो) एनसीपी नेता जयंत पाटिल (फाइल फोटो)

सौरभ वक्तानिया

  • मुंबई,
  • 27 मई 2020,
  • अपडेटेड 7:27 PM IST

  • 30 मई तक हालात की समीक्षा करेंगे: जयंत पाटिल
  • देश में फिलहाल 31 मई तक लागू है लॉकडाउन

कोरोना वायरस के संक्रमण को फैलने से रोकने के लिए देश में लॉकडाउन लागू है. देश फिलहाल लॉकडाउन के चौथे दौर से गुजर रहा है. लॉकडाउन 4.0 की अवधि 31 मई को पूरी हो रही है. इस बीच महाराष्ट्र सरकार में मंत्री और एनसीपी नेता जयंत पाटिल ने राज्य में लॉकडाउन को लेकर बयान दिया है. उन्होंने कहा कि हम 30 मई तक हालात की समीक्षा करेंगे. हालांकि, सब कुछ प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के फैसले पर निर्भर करता है.

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जयंत पाटिल ने कहा कि राज्य सरकार जहां पर कोरोना के केस नहीं हैं वहां पर लॉकडाउन में रियायत देने पर सोच रही है. लेकिन फिर भी आखिरी फैसला पीएम मोदी ही लेंगे. हम केंद्र सरकार के निर्देश का इंतजार कर रहे हैं. बता दें कि देश में कोरोना वायरस के मामले सबसे ज्यादा महाराष्ट्र में ही हैं. यहां पर बीते कुछ दिनों से औसतन 2 हजार नए मामले सामने आ रहे हैं और मृतकों की संख्या में भी इजाफा होता जा रहा है. ऐसे में ये देखना होगा कि क्या महाराष्ट्र में लॉकडाउन को लेकर छूट मिलती है या यहां एक बार फिर सख्त लॉकडाउन जारी रहेगा.

लॉकडाउन 5.0 में मिल सकती हैं ज्यादा रियायतें

कोरोना संकट के मद्देनजर लॉकडाउन के पांचवें चरण का खाका अभी से तैयार किया जा रहा है. सूत्रों के मुताबिक, लॉकडाउन 5.0 को लेकर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी जल्द ही मन की बात कर सकते हैं.

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लॉकडाउन के पांचवें चरण में कोरोना प्रभावित 11 शहरों को छोड़कर बाकी देश में छूट का दायरा बढ़ाया जा सकता है. सूत्रों का कहना है कि लॉकडाउन का पांचवा चरण 11 शहरों पर केंद्रित होगा, जिसमें दिल्ली, मुंबई, बेंगलुरु, पुणे, ठाणे, इंदौर, चेन्नई, अहमदाबाद, जयपुर, सूरत और कोलकाता शामिल हैं. इन शहरों में 70 फीसदी से अधिक कोरोना केस हैं. केवल 5 शहरों (अहमदाबाद, दिल्ली, पुणे, कोलकाता, मुंबई) में तो आंकड़ा 60 फीसदी के पास है.

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