पुणे जिले के लोहगढ़ फोर्ट पर हुई 26 वर्षीय केतन विशाल अग्रवाल की मौत के मामले में अब परिवार खुलकर सामने आया है. केतन के चाचा विजय अग्रवाल ने आरोपी सिया गोयल और चेतन चौधरी के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की मांग करते हुए कहा है कि दोनों को फांसी की सजा मिलनी चाहिए. परिवार का आरोप है कि यह कोई हादसा नहीं बल्कि सुनियोजित साजिश थी, जिसने उनके इकलौते बेटे की जान ले ली. विजय अग्रवाल ने बताया कि फरवरी में केतन और सिया का रिश्ता तय हुआ था.
19 फरवरी को रोका हुआ था और दोनों की शादी 25 नवंबर को होने वाली थी. परिवार शादी की तैयारियों में जुटा हुआ था और सब कुछ सामान्य दिखाई दे रहा था. हालांकि, उनके अनुसार सिया समय-समय पर केतन से छोटी-मोटी बातों को लेकर नाराजगी जताती रहती थी.
आंसुओं में डूबा परिवार, न्याय की एक उम्मीद बाकी
परिवार का दावा है कि सिया लगातार केतन पर लोहगढ़ फोर्ट जाने का दबाव बनाती थी. विजय अग्रवाल के मुताबिक, सिया पहले भी दो से तीन बार केतन को उसी किले पर लेकर गई थी. कई बार परिवार ने उसे वहां जाने से मना भी किया था और कुछ कार्यक्रम रद्द भी हुए थे. इसके बावजूद वह बार-बार लोहगढ़ जाने की जिद करती रही.
चाचा का आरोप है कि 18 जून को भी सिया ने केतन को लोहगढ़ बुलाया. परिवार को बताया गया था कि वहां सिया के कुछ दोस्त और सहेलियां भी आने वाले हैं. लेकिन बाद में जानकारी मिली कि सिया वहां अकेली पहुंची थी. इसी बात ने परिवार के संदेह को और बढ़ा दिया. विजय अग्रवाल ने कहा कि जब उन्हें केतन के पहाड़ी से गिरने की सूचना मिली तो शुरुआत से ही उन्हें संदेह हुआ. उनका कहना है कि केतन अमेरिका से पढ़ाई कर चुका था और बेहद समझदार युवक था. परिवार के अनुसार, वह ऐसा शख्स नहीं था जो किसी खतरनाक जगह पर जाकर लापरवाही करे.
दोस्तों के साथ आने की बात कही, लेकिन वहां अकेली पहुंची
उन्होंने दावा किया कि लोहगढ़ फोर्ट पर पहले भी कई बार जाने के बावजूद कुछ नहीं हुआ, लेकिन चौथी बार वहां जाने पर उसके साथ यह घटना हो गई. परिवार का आरोप है कि सिया और चेतन चौधरी ने मिलकर केतन की हत्या की. हालांकि इस संबंध में पुलिस की जांच जारी है. बात करते-करते विजय अग्रवाल भावुक हो गए. उन्होंने कहा कि 18 जून की सुबह केतन ने उन्हें चाचू, मैं जाकर आता हूं कहकर घर से विदा ली थी. इसके बाद वह कभी वापस नहीं लौटा. उन्होंने कहा कि 26 साल तक जिस बेटे को प्यार से पाला, आज उसकी जगह सिर्फ यादें बची हैं.
कोर्ट से लगाई न्याय की गुहार, आरोपियों के लिए फांसी की मांग
परिवार ने न्यायालय और जांच एजेंसियों से मामले में सख्त कार्रवाई की मांग की है. विजय अग्रवाल का कहना है कि जो भी इस घटना में दोषी पाया जाए, उसे कड़ी से कड़ी सजा मिलनी चाहिए. उन्होंने कहा कि उनके परिवार को अब सिर्फ न्याय चाहिए और यदि यह हत्या साबित होती है तो दोषियों को फांसी की सजा दी जानी चाहिए. बता दें, आरोपी सिया और चेतन चौधरी को कोर्ट ने 29 जून तक सात दिन की पुलिस हिरासत में भेज दिया है. मामले की आगे की जांच के लिए लोनावला ग्रामीण पुलिस ने दोनों आरोपियों की पुलिस कस्टडी मांगी थी. सुनवाई के बाद अदालत ने पुलिस की मांग स्वीकार करते हुए दोनों को सात दिन के लिए पुलिस हिरासत में रखने का आदेश दिया.
श्रीकृष्ण पांचाल